आईटीआई पास विद्यार्थियों को मिली महंगे औजारों की टूल किट
*- विद्यार्थियों के जीवन में स्वावलंबन के रास्ते खोलेगी टूल किट: डीसी*
*- एपीसीपीएल झाड़ली के सीएसआर फंड से जिला प्रशासन ने मुहैया कराई टूल किट*
*- आईटीआई पास आऊट 2 हजार विद्यार्थियों को मिली टूल किट, अब हर साल पास आउट विद्यार्थियों को मिलेगी टूल किट*
*- आईटीआई से सीखे हुनर को आय के स्रोत के रूप में बदले विद्यार्थी*
*- टूल किट विद्यार्थियों के जीवन में खोलेगी सफलता के अपार अवसर*
*झज्जर, 12 मार्च। लाईव हरियाणा ब्यूरो चीफ जयपाल लाम्बा

आईटीआई में कोर्स पूरा कर चुके विद्यार्थियों को स्वावलंबी बनाने की जिला प्रशासन ने नायाब व काबिल-ए-तारीफ पहल की है। जिला प्रशासन ने सीएसआर के तहत आईटीआई से अलग-अलग ट्रेड में पास होकर निकले विद्यार्थियों को महंगी टूल किट उपलब्ध करवाई है। विद्यार्थी अब अपने कौशल का सदुपयोग करते हुए जीवन में सफलता की नई ऊंचाइयां छू सकेंगे। मंगलवार को आईटीआई प्रांगण में आयोजित कार्यक्रम में डीसी कैप्टन शक्ति सिंह ने विद्यार्थियों को टूल किट प्रदान की।
डीसी ने कार्यक्रम में विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि उनका प्रयास है कि आईटीआई से हुनर लेकर निकलने वाला प्रत्येक युवा अपने हुनर के दम पर स्वावलंबी बनते हुए समाज में अपना योगदान दे। इसी सोच के धरातल पर उतारने के लिए उन्होंने एपीसीपीएल, झाड़ली ने सहयोग किया व सीएसआर फंड से यह टूल किट विद्यार्थियों को उपलब्ध करवाई गई हैं। उन्होंने बताया कि करीब दो हजार विद्यार्थियों को टूल किट प्रदान की गई हैं। डीसी ने विद्यार्थियों में उत्साह का संचार करते हुए कहा कि यह टूल किट विद्यार्थियों में एक नई ऊर्जा का संचार करेगी। उन्होंने कहा कि जो हुनर विद्यार्थियों ने आईटीआई से सीखा है उसे जीवन में आय का जरिया सुनिश्चित करने में इस्तेमाल करना चाहिए। उन्होंने कहा कि आईटीआई पास विद्यार्थियों के पास सर्टिफाइड हुनर है और इसका महत्व उन्हें समझना चाहिए। इसके अलावा डीसी ने विद्यार्थियों को जीवन में कामयाबी हासिल करने के लिए सॉफ्ट स्किल्स डेवलप करने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि सॉफ्ट स्किल्स का सफलता हासिल करने में अहम रोल होता है। डीसी ने कहा कि विद्यार्थियों के जीवन में उजाला करने वाले इस कार्य में एपीसीपीएल, झाड़ली के अधिकारियों का अहम रोल है और इसके लिए वह धन्यवाद के पात्र हैं।
प्राचार्य जीतपाल ने कहा कि इस कदम का मुख्य उद्देश्य छात्रों में विभिन्न प्रकार के कौशल, क्षमताओं एवं योग्यता का विकास करके उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है, ताकि ग्लोबल वर्ल्ड की जरूरत के अनुसार वह अपने अंदर सभी गुण विकसित कर सकें। उन्होंने बताया कि इन विभिन्न विषयों की टूल किट से छात्र कोर्स की व्यावहारिक जानकारी पाकर स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ सकेंगे और कौशल निखारने के साथ ही छात्र आर्थिक तौर पर भी सक्षम बन सकेंगे। इस मौके पर एपीसीपीएल के सीईओ श्रीनिवास राव, हरियाणा सीएसआर ट्रस्ट के सीईओ गौरव सिंह, सिविल सर्जन ब्रह्मदीप सिंह, आईटीआई मातनहेल के प्राचार्य अनिल दलाल सहित काफी संख्या में गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।
*टूल किट एक सीढ़ी है, इससे सफलता की ऊंचाइयां छूएं: डीसी*
डीसी ने कहा कि यह टूल किट मात्र औजारों का बैग नहीं है बल्कि यह भगवान विश्वकर्मा का मंदिर है। इस मंदिर में श्रम करते हुए विद्यार्थी अपने कौशल का विकास करें। उन्होंने कहा कि यह टूल किट मात्र एक सीढ़ी है जिसके सहारे व अपने हुनर को निखारते हुए जीवन में सफलता की बड़ी इबादत लिख सकते हैं। यह टूल किट विद्यार्थियों को स्वावलंबी बनाने का मार्ग प्रशस्त करेगी।
*टूल किट में पेनड्राइव, की बोर्ड से लेकर महंगे औजार*
विभिन्न ट्रेड के विद्यार्थियों को अलग-अलग टूल किट प्रदान की गई है। करीब 28 ट्रेड आईटीआई में चल रही हैं जिनकी टूल किट प्रदान की गई हैं। प्लंबर, इलेक्ट्रिशियन आदि ट्रेड के अलावा छात्राओं को सिलाई-कढ़ाई व ब्यूटीशियन की किट प्रदान की गई है जिसके द्वारा वह स्वरोजगार के अवसर सृजित कर सकती हैं।
*हर साल मिलेगी टूल किट*
डीसी ने बताया कि सीएसआर फंड के जरिये हर साल पास आउट होने वाले विद्यार्थियों को टूल किट प्रदान की जाएंगी। यह एक अहम शुरुआत है जिसका स्थानीय विद्यार्थियों को काफी लाभ होगा। इस योजना के जल्द ही परिणाम सामने आएंगे। डीसी ने कहा कि उन्हें पूरा भरोसा है कि इस टूल किट का प्रयोग करते हुए विद्यार्थी अपने कौशल को निखारने व उसके इस्तेमाल करने का कार्य करेंगे। उन्होंने कहा कि हर साल सैकड़ों विद्यार्थियों को ये लाभ मिलेगा।