साइबर ठग शेयर मार्केट में ज्यादा मुनाफा कमाने, अधिकारी बनकर, कम समय में कम रेट पर लोन देने जैसे प्रलोभन देकर कर रहे ठगी:-डीसीपी लोगेश कुमार

झज्जर 19 सितंबर लाईव हरियाणा ब्यूरो चीफ जयपाल लाम्बा

पुलिस कमिश्नर बी सतीश बालन के मार्गदर्शन में झज्जर पुलिस द्वारा साइबर अपराधियों को पकड़ने के साथ-साथ आमजन को भी साइबर अपराध से बचाव के तरीकों के बारे में जानकारी प्रदान की जा रही है। जिसके लिए झज्जर पुलिस की विभिन्न टीमों द्वारा स्कूल, कॉलेज, पार्क,इंडस्ट्रीज, एसोसिएशन, गांव, शहर, कस्बे हर जगह जागरूकता आमजन व विद्यार्थियों को जागरूक किया जा रहा है ताकि साइबर अपराधियों द्वारा की जाने वाली वारदातों के बारे में अधिक से अधिक लोगों को जानकारी प्रदान करके उन्हें इस प्रकार की साइबर ठगी से बचाया जा सके। जिस संबंध में जानकारी देते हुए पुलिस उपायुक्त झज्जर लोगेश कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि आजकल तकनीकि के दौर में अलग-अलग तरह से लोगों को ऑनलाइन सुविधाएं मिल रही है। जिसके माध्यम से लोग अपने ज्यादातर काम करने के लिए तकनीकि पर ही निर्भर हैं।साइबर फ्रॉड अक्सर लालच के कारण होता है। साईबर ठग अपने अलग-अलग तरीकों से लोगों को प्रलोभन देते हैं जैसे की (5-10 मिनट में) कम रेट पर लोन देने की बात करते है, विदेश भेजने के नाम पर, लैप्स बीमा पॉलिसी का फुल रिटर्न दिलाने के नाम पर,साइबर अपराधी इस निर्भरता का फायदा उठा कर लोगो को साइबर अपराध का शिकार बनाते है। इसके अलावा साइबर ठगी के लिए साइबर अपराधी लोगों को विभिन्न प्रकार से लालच देते हैं जैसे- पैसा इन्वेस्टमेंट कर मोटा मुनाफा देने के नाम पर, टेलीग्राम टास्क फ्रॉड, इन्वेस्टमेंट फ्रॉड, कस्टमर केयर अधिकारी बनकर फ्रॉड, लोन फ्रॉड, अश्लील वीडियों बनाकर ब्लैकमेल करके, क्यू आर, यू पी आई ,लोगों के खाते में बहाने से पैसे डलवाने का लालच देना, बैक अधिकारी बनकर ओटीपी प्राप्त करना प्रमुख है।
साइबर अपराध के तरीके:डीपफेक के माध्यम से पुलिस या कस्टम अधिकारी बनकर ठगी:आज के आधुनिक युग में नई-नई तकनीक के आविष्कारों के साथ साइबर अपराध के भी नए नए तरीके साइबर अपराधियों द्वारा इजात किया जा रहे हैं। इसी में एक बहुचर्चित तरीका है डीपफेक व पुलिस/कस्टम/ सीबीआई अधिकारी बनकर किसी व्यक्ति को व्हाट्सएप या वीडियो कॉल करते हैं और उस व्यक्ति को कहते हैं कि उसके आधार कार्ड से फर्जी सिम कार्ड बनाए गए हैं या उससे किसी प्रकार की अपराधिक गतिविधियों का अंजाम दिया जा रहा है जिसके लिए उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साइबर अपराधी उस व्यक्ति को सरकारी नोटिस दिखाकर डराने की कोशिश करते हैं जिससे कि व्यक्ति डर जाता है। इसके पश्चात साइबर अपराधी उसे पैसे लेकर मामला निपटाने की बात करते हैं और जागरूकता के अभाव में वह व्यक्ति साइबर अपराधियों को पैसे दे बैठता है। यदि आपके पास भी इस प्रकार का कोई पुलिस अधिकारी या कस्टम या कोई भी सरकारी अधिकारी बनकर फोन या वीडियो कॉल करें तो उसकी बातों पर विश्वास ना करें और इसकी जानकारी तुरंत अपने नजदीकी पुलिस स्टेशन या साइबर हेल्पलाइन पर दें।
शेयर मार्केट इन्वेस्टमेंट फ्रॉड:साइबर अपराधी सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से लोगों से संपर्क करते हैं और आमजन को शेयर मार्केट में पैसे लगाकर मोटा मुनाफा कमाने का लालच देते हैं। पैसों के लालच में व्यक्ति उनकी बातों में आ जाता है और इसके बाद साइबर अपराधी इनसे शेयर मार्केट में पैसे इन्वेस्ट करवाते हैं। साइबर अपराधी पहले छोटी-छोटी राशि निवेश करवाते हैं और उसपर थोड़ा बहुत मुनाफा दे देते हैं जिससे उसे व्यक्ति को विश्वास हो जाता है कि यह है एक अच्छा इन्वेस्टमेंट प्लान है। इसके पश्चात साइबर अपराधी उससे और ज्यादा पैसे लगाने के लिए कहते हैं और आप अपनी सारी धनराशि इन साइबर अपराधियों द्वारा बताए गए तरीके से इन्वेस्ट करते हैं और जैसे ही साइबर अपराधियों तक पैसा पहुंचता है तो वह अपना नंबर बंद करके फरार हो जाते हैं और आप साइबर अपराध का शिकार हो जाते हैं। यदि आपके पास भी इस प्रकार का कोई मैसेज या फोन आता है और शेयर मार्केट में ज्यादा पैसे निवेश करके ज्यादा पैसे कमाने का लालच देता है तो वह साइबर अपराधी हो सकता है और आपको आर्थिक नुकसान पहुंचा सकता है। कहीं भी पैसे इन्वेस्ट करने से पहले अच्छे से जांच कर ले कि कहीं वह कोई साइबर अपराधी तो नहीं।
साइबर फॉड से बचाव के तरीके:ऑनलाइन फ्रॉड करने वाले साइबर अपराधी किसी बैंकिंग वेबसाइट की हूबहू डुप्लीकेट वेबसाइट बनाते हैं। जिसपर आरबीआई की सभी शर्त व गाइडलाइन भी मेंशन करते हैं।
साइबर फ्रॉड के बचाव-बचाव में अगर आपके पास किसी अनजान नम्बर से किसी ऑफर व किसी प्राकर का लाभ देने के संबंध में कॉल आए तो पैसे से संबंधित कोई गोपनीय जानकारी जैसे बैक खाते,पैनकार्ड, आधार कार्ड, की गोपनीय जानकारी ना दे।यदि कोई व्यक्ति आपको फोन या मैसेज करके कम समय में ज्यादा पैसे कमाने का लालच देता है तो समझ जाए कि वह साइबर ठग है
लॉटरी या गिफ्ट बांटने वाली कंपनी या वेबसाइट को खोलकर ना देखें:अनवेरिफाइड ऑनलाइन बैंकिंग ऐप्स जो उधार देते हों उनसे बचना चाहिए. ऐसे फ्रॉड ऐप आपसे आपकी गोपनीय जानकारियां जैसे बैंक खाते संबंधित डीटेल्स, क्रेडिट और डेबिट कार्ड की जानकारी, पिन कार्ड या एड्रेस मांगते हैं।
फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार करने से पहले उसकी पूरी तरह से जांच कर लें।साइबर अपराध का शिकार होने पर https://www.cybercrime.gov.in या साइबर हेल्पलाइन 1930 पर तुरंत करें संपर्क।

हरियाणा विधानसभा चुनाव के मध्यनजर झज्जर पुलिस ने निकाला ग्रामीण क्षेत्र में फ्लैग मार्च

साल्हावास

आगामी 5 अक्टूबर को होने वाले हरियाणा विधानसभा चुनाव को पूरी तरह से शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न करवाने के लिए झज्जर पुलिस पूरी तरह से अलर्ट मोड पर है। इस संबंध अर्धसैनिक बलों के अधिकारियों के साथ बैठक की जा रही है तथा एक दुसरे को जानकारी देते हुए जिला के पुलिस जवानों व पैरामिलिट्री फोर्स द्वारा द्वारा शहरी तथा ग्रामीण क्षेत्रों में फ्लैग मार्च निकाला जा रहा है। जिस संबंध में पुलिस उपायुक्त लोगेश कुमार ने बताया कि स्वतंत्रता व निष्पक्ष रूप से चुनाव संपन्न करवाना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। पुलिस उपायुक्त ने बताया कि शांतिपूर्ण मतदान संपन्न करवाने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल मांगा गया है उन्होंने बताया कि तीन पैरामिलिट्री की फोर्स पहुंच चुकी है जबकि कुछ पुलिस बल और पहुंचने की संभावना है उन्होंने बताया कि जिला पुलिस तथा पैरामिलिट्री के जवानों द्वारा वीरवार को माछरौली व साल्हावास क्षेत्र गांव माछरौली,खुड्डन,सरौला,सुहाना, साल्हावास,बिठला,अमौली,लडायन, भुरावास,निलाहेडी आदी में फ्लैग मार्च कर आम जन को निष्पक्ष व स्वतंत्र चुनाव करवाने का विश्वास दिलाया गया है पुलिस उपायुक्त ने बताया कि संवेदनशील मतदान केंद्रों पर अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात कर पुख्ता प्रबंध किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि जिला पुलिस के सभी अधिकारी तथा थाना प्रभारी की बैठक लेकर चुनाव के दौरान विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस उपायुक्त लोगेश कुमार ने बताया कि पैरामिलिट्री व स्थानीय पुलिस द्वारा जिला के विभिन्न स्थानों पर नाकाबंदी करके पूरी चौकसी बरती जा रही है और संदिग्ध वाहनों व लोगों पर पैनी नजर रखी जा रही है। पुलिस उपायुक्त ने बताया कि जिला पुलिस के सभी थाना प्रबंधकों को सख्त निर्देश दिए गए हैं मादक पदार्थ तथा शराब तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे हैं अभियान में और अधिक तेजी लाई जाए तथा विभिन्न मामलों में वांछित आरोपियों की धड़कन योजनाबद्ध तरीके से की जाए।

 

ई रिक्शा में अवैध देसी शराब ले जाता एक आरोपी काबू, आरोपी से अवैध देशी शराब के 650 पव्वे बरामद

बहादुरगढ़

विधानसभा चुनाव को मध्य नजर रखते हुए पुलिस आयुक्त श्री बी सतीश बालन ने जिला में नशीला पदार्थ तथा अवैध शराब के धंधों में लिप्त दोषियों को पकड़ने के संबंध में कड़े दिशा निर्देश दिए गए थे। पुलिस आयुक्त के दिशा निर्देशों की पालना करते हुए थाना शहर बहादुरगढ़ के अंतर्गत पुलिस चौकी एमआईई की पुलिस टीम ने चौकी के एरिया से अवैध देशी शराब के साथ एक आरोपी को काबू करने में कामयाबी हासिल की। मामले की जानकारी देते हुए चौकी प्रभारी उप निरीक्षक सज्जन ने बताया कि पुलिस चौकी में तैनात सहायक उप निरीक्षक पवन कुमार की पुलिस टीम को गुप्त सूचना मिली थी कि संदीप अवैध शराब का धंधा करता है और वह ई-रिक्शा में अवैध शराब लेकर एमआईई पार्ट बी की गली से होते हुए दिल्ली की तरफ जाएगा। पुलिस टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए एमआईई पार्ट बी गली के कोने पर नाकाबंदी की गई। नाकाबंदी के दौरान विशेष रूप से ई-रिक्शा पर निगरानी रखी गई। कुछ समय के पश्चात एक ई रिक्शा आती हुई दिखाई दी। पुलिस टीम ने तत्परता से कार्रवाई करते हुए ई-रिक्शा को रुकवा कर चालक सीट पर बैठे व्यक्ति का नाम पता पूछा तो उसने अपना नाम संदीप निवासी दिल्ली बताया। पुलिस टीम द्वारा ई-रिक्शा को चैक किया गया तो उसमे अवैध शराब भरी हुई थी। जिनकी गिनती करने पर 650 पव्वे अवैध देशी शराब बरामद हुए। अवैध देशी शराब के साथ पकड़े गए आरोपी‌ के खिलाफ कार्रवाई करते हुए थाना शहर बहादुरगढ़ में आबकारी अधिनियम के तहत मामला दर्ज करके आगामी कार्रवाई अमल में लाई गई।

परचून की दुकान से चोरी करने का आरोपी काबू

झज्जर

परचून की दुकान से चोरी करने के मामले में थाना दुजाना की पुलिस टीम ने आरोपी दुकानदार की सहायता से मौके से ही काबू कर लिया। पकड़े गए आरोपी के संबंध में जानकारी देते हुए थाना प्रबंधक दुजाना ने बताया कि संदीप निवासी खेडी खुम्मार ने शिकायत देते हुए बताया कि मैने अपने गाव के मैन रोड पर परचुन की दुकान कर रखी है। 17 सितंबर 2024 की शाम करीब 9/10 बजे मैं अपनी दुकान को बंद करके अपने घर चला गया था।उसी रात को मुझे फोन‌ से सूचना मिली की तुम्हारी दुकान का गेट खुला हुआ है। जब मैंने आकर देखा तो दुकान के अन्दर एक नौजवान लडका दिखाई दिया। जिसने अपनी पहचान अरविंद निवासी शिव मंदिर बेरी गेट झज्जर बताई। जब मैं दुकान चेक की तो गले व अलमारी मे रखे पैसे नहीं मिले। जिस शिकायत पर पुलिस ने तत्परता से कार्रवाई करते हुए उपरोक्त आरोपी को मौके से गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए आरोपी से चुराए गए 600 रुपए बरामद हुए। पकड़े गए आरोपी पर पहले भी चोरी का आपराधिक मामले दर्ज हैं। आरोपी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उसे अदालत झज्जर में पेश किया गया। माननीय अदालत के आदेश अनुसार आरोपी को न्यायिक हियासत में भेज दिया गया।