चिरायु हरियाणा योजना का लाभ लेने के लिए आगे आएं नागरिक
– अब जिला के 1.80 लाख से 3 लाख आय वाले भी आयुष्मान भारत योजना का लाभ लेने के पात्र : डीसी
झज्जर, 17 जनवरी।
जयपाल लांबा
डीसी कैप्टन शक्ति सिंह ने कहा कि प्रदेश  सरकार की ओर से आयुष्मान भारत के तहत चिरायु हरियाणा योजना का विस्तार किया गया है, जिसके तहत ऑनलाइन आवेदन जमा करवाए जा सकते हैं।
डीसी ने जानकारी देते हुए बताया कि सरकार द्वारा 1.80 लाख से 3 लाख तक की वार्षिक आय वाले नागरिकों को भी आयुष्मान भारत योजना के तहत कवर किया गया है और अब ऐसे लोग भी आयुष्मान भारत योजना का लाभ लेने के हकदार हैं। योजना का लाभ लेने के लिए लाभार्थी को 1500 रुपए सालाना प्रीमियम अदा करना होगा। उन्होंने बताया कि जिले में लगभग 40 हजार  पात्र व्यक्ति हैं जिनकी आय 1.80 लाख से 3 लाख सालाना के बीच है वे सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र या   नजदीकी सीएससी सेंटर के माध्यम से या अपने मोबाइल से पोर्टल पर स्वयं भी आवेदन कर सकते हैं।
———-
फ़ोटो। कैप्टन शक्ति सिंह, डीसी झज्जर।
————-
स्वामित्व योजना के संपति सत्यापन और त्रुटि ठीक करवाने के लिए पोर्टल 31 जनवरी तक खुला
झज्जर, 17 जनवरी। 
सरकार द्वारा स्वामित्व योजना के तहत आमजन की भू-सम्पत्तियों की रजिस्ट्रियों का डाटा स्वयं सत्यापित करने व त्रूटियों/विवादों के विवरण के लिए पोर्टल पर 31 जनवरी, 2024 तक खोला गया है।  यह जानकारी डीसी कैप्टन शक्ति सिंह ने बुधवार को यहां दी।
डीसी  ने बताया कि सरकार द्वारा लाल डोरा के अन्दर की भू-सम्पत्तियों का मालिकाना हक देने के लिए स्वामित्व योजना चलाई गई है। सरकार द्वारा इस स्कीम के अन्तर्गत आमजन की भू-सम्पत्तियों की रजिस्ट्रियों का डाटा स्वयं सत्यापित करने व त्रुटियों/विवादों के विवरण हेतू 31 जनवरी तक प्रोपट्रीडॉटईदिशाडाटजीओवीडॉटइन/पीजीआरईलॉगिन पर आवेदन प्रस्तुत करने का अवसर प्रदान किया गया है। उन्होंने बताया कि इसके अतिरिक्त यदि लाल डोरा स्थित मकान का सम्पत्ति कार्ड नहीं मिला है, पोर्टल पर विवरण उपलब्ध नहीं है तो अपने नाम, मोबाईल नंबर अथवा पूर्ण पता एव विवरण सहित  पर ई-मेल कर सकते है।
———-
फ़ोटो। कैप्टन शक्ति सिंह, डीसी झज्जर।
————
ई-श्रम पोर्टल असंगठित कामगारों के जीवन स्तर में  सुधार की सार्थक पहल : डीसी
– श्रम विभाग हरियाणा कामगारों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध
झज्जर, 17 जनवरी।
 डीसी कैप्टन शक्ति सिंह ने कहा कि भारत सरकार के श्रम एवं रोजगार मंत्रालय द्वारा असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के कल्याणार्थ शुरू की गई नई पहल ई-श्रम पोर्टल को हरियाणा में मजबूती से लागू किया जा रहा है।
इसके तहत श्रम विभाग ने असंगठित क्षेत्र के मजदूरों का पंजीकरण  शुरू किया गया है। ई-श्रम पोर्टल केवल एक डिजिटल मंच नहीं, बल्कि यह असंगठित कामगारों के जीवन स्तर में व्यापक सुधार लाने की एक पहल है। अभी असंगठित श्रमिकों को बहुत सी परेशानियों का सामना करना पड़ता है, इसलिए उन्हें ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकरण के माध्यम से जोड़ा जा रहा है ताकि वे सरकार द्वारा दी जा रही योजनाओं का लाभ ले सकें।
डीसी ने कहा कि हरियाणा श्रम विभाग श्रमिकों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। असंगठित क्षेत्र के अंतर्गत कृषि, मजदूर, रेहड़ी-पटरी वाले, घरेलू कामगार और निर्माण श्रमिक आदि आते हैं। यह डिजिटल प्लेटफॉर्म असंगठित श्रमिकों को कल्याणकारी योजनाओं से जोडऩे के लिए बनाया गया है।
उन्होंने सभी असंगठित श्रमिकों से आह्वïन किया कि वे ई-श्रम पोर्टल पर अपना पंजीकरण जल्द से जल्द करवाना सुनिश्चित करें। श्रम विभाग द्वारा हरियाणा के सभी जिलों में ई-श्रम पोर्टल पर असंगठित कामगारों के पंजीकरण के लिए एक विशाल अभियान चलाया जा रहा है, जिसके माध्यम से प्रत्येक पंजीकृत श्रमिक को 12-अंकीय यूनिवर्सल खाता संख्या (यूएएन) दिया जाएगा जो श्रमिक के पूरे जीवनकाल के लिए वैध होगा। साथ ही श्रमिकों का कौशल मानचित्रण भी किया जाएगा जहां श्रमिक अपने हुनर की पूरी जानकारी रजिस्टर करेंगे, जिसकी मदद से नियोक्ता अपनी आवश्यकता अनुसार श्रमिकों को रोजगार प्रदान कर सकेंगे।
डीसी ने बताया कि कोई भी श्रमिक  eshram.gov.in     पर स्वयं पंजीकरण कर सकता है या निकटतम सामान्य सेवा केंद्र या सरल केंद्र पर जा सकता है। पंजीकरण के बाद श्रमिक अपनी जरूरत अनुसार स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य सामाजिक सुरक्षा जैसी योजनाओं का लाभ आसानी से ले सकते हैं। अब अप्रवासी श्रमिक भी श्रम विभाग में अपना पंजीकरण अवश्य करायें और विभाग द्वारा दी जा रही सभी योजनाओं का लाभ उठायें।
श्रम पोर्टल पर श्रमिक  इस तरह कर सकेंगे पंजीकरण
डीसी ने बताया कि ई-श्रम पोर्टल पर छोटे और सीमांत किसान, खेतिहर मजदूर, बटाईदार, मछुआरे, पशुपालन के क्षेत्र में शामिल लोग, बीड़ी बनाने वाले, लेबलिंग और पैकिंग, भवन और निर्माण श्रमिक, चमड़े उद्योग के क्षेत्र में शामिल श्रमिक अपना पंजीकरण कर सकते हैं। साथ ही, बुनकर, बढ़ई, नमक श्रमिक, ईट भट्टों और पत्थर खदानों में काम करने वाले श्रमिक, श्रमिक आराघर, घरेलू कामगार, नाई, सब्जी और फल विक्रेता, समाचार पत्र विक्रेता, रिक्शा चालक, ऑटो चालक, रेशम उत्पादन श्रमिक, टेनरी श्रमिक, स्ट्रीट वेंडर, एमएनजीआरजीए श्रमिक, आशा वर्कर्स, दूध देने वाले किसान, प्रवासी श्रमिक भी ई श्रम पोर्टल पर अपना पंजीकरण करवाना सुनिश्चित करें। श्रम पोर्टल पर पंजीकरण करने की पात्रता मानदंडों के अनुसार  होनी चाहिए। वह श्रमिक ईपीएफओ और ईएसआईसी का सदस्य नहीं होना चाहिए और न ही आयकर दाता नहीं होना चाहिए। श्रमिक अपने आधार नंबर, मोबाइल नंबर, आधार लिंक बैंक खाता इत्यादि से अपना पंजीकरण करवा सकते हैं।
———-
फ़ोटो। कैप्टन शक्ति सिंह, डीसी झज्जर।
—————
राज्य कर्मचारी साहित्य संस्थान की ओर से वार्षिक पुरस्कार के लिए आवेदन 20 जनवरी तक
झज्जर,17 जनवरी। 
उत्तर प्रदेश शासन की योजना के अन्तर्गत राज्य कर्मचारी साहित्य संस्थान द्वारा वर्ष 2023-24 के लिए उत्तर प्रदेश के राज्यकर्मियों को देवनागरी लिपि में लिखी जाने वाली प्रदेश की भाषाओं व बोलियों में मौलिक एवं दीर्घकालीन साहित्यिक सेवा के लिए पुरस्कार हेतु 20 जनवरी 2024 तक आवेदन आमंत्रित किए गए हैं।
डीसी कैप्टन शक्ति सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि संस्था का मुख्य उद्देश्य उत्तर प्रदेश की देवनागरी लिपि में लिखी जाने वाली भाषाओं, बोलियों, उर्दू भाषा (फारसी लिपि में) के साहित्य की समृद्धि, प्रचार एवं राज्य कर्मियों में साहित्यिक अभिरुचि उत्पन्न करना है। इन सभी पुरस्कारों की धनराशि, रुपये एक-एक लाख होगी। हिन्दी व उर्दू, गद्य/पद्य में सृजनात्मक साहित्य के अतिरिक्त यात्रा वृत्तांत, आत्मकथा, जीवनी, संस्कृति, संस्मरण, विज्ञान, पर्यावरण, अद्यावधिक विषय, आलोचनात्मक साहित्य, भूगोल, इतिहास, दर्शन, पौराणिक, शिक्षा एवं वित्त से सम्बन्धित पुस्तकें या अन्य भाषा में लिखी गई उपयोगी पुस्तकों का हिन्दी/उर्दू में किये गये अनुवाद की पुस्तकें भी पुरस्कार हेतु विचारणीय होंगी।
डीसी ने सभी विभागाध्यक्षों से आह्वान किया कि जिला के कर्मियों में इस बारे ज्यादा से ज्यादा प्रचार-प्रसार करें और एवं नोटिस बोर्ड पर लगवाने की व्यवस्था करें ताकि जिला के कर्मचारी साहित्यकार अधिक से अधिक संख्या में अपनी प्रविष्टि प्रेषित कर सकें। कर्मचारी साहित्यकारों को अपनी प्रविष्टि सचिव पुरस्कार समिति राज्य कर्मचारी साहित्य संस्थान कक्ष सं-119 ब, भूतल, निकट गेट सं0-9, उत्तर प्रदेश सचिवालय, हजरतगंज, लखनऊ-226001, के पते पर भिजवानी है। राज्य कर्मचारी साहित्य संस्थान वार्षिक पुरस्कार 2023-24 के आवेदन     forms.gle/RLLUuESdhvoPu6S76       पर लिंक पर किए जा सकते हैं। उन्होंने बताया कि इस सम्बन्ध में यदि कोई जानकारी प्राप्त करनी हो तो ‘सचिव पुरस्कार समिति’, राज्य कर्मचारी साहित्य संस्थान, उप्र, लखनऊ से दूरभाष नंबर 0522-2213943 पर प्राप्त की जा सकती है।
—————–

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

1 × 1 =