*किसानों के लिए प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना लाभकारी*
*योजना के तहत 40 से 60 प्रतिशत वित्तीय सहायता का प्रावधान*
*डीसी कैप्टन शक्ति सिंह ने दी जानकारी*
*झज्जर, 10 जुलाई।
डीसी कैप्टन शक्ति सिंह ने कहा कि किसानों और मछली पालन का धंधा करने वाले लोगों के लिए प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना आर्थिक स्थिति मजबूत करने में वरदान सिद्ध हो रही है। योजना के तहत 40 से 60 प्रतिशत वित्तीय सहायता का प्रावधान किया गया है।
डीसी ने बताया कि जिला में उन गांवों के लोगों को मत्स्य पालन के प्रति प्रोत्साहित किया जा रहा है, जिन गांवों में बरसात के पानी के ठहराव होता है या भूमि बंजर है। मछली पालन से किसानों की आय बढ़ रही है। झींगा मछली पालन से 5 से 6 लाख रुपये प्रति एकड़ तक आमदनी होती है। उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा योजना के तहत अनुसूचित जाति व महिला वर्ग मछली पालकों को 60 प्रतिशत अनुदान तथा सामान्य वर्ग को मछली पालन पर 40 प्रतिशत अनुदान दिया जा रहा है।
कैप्टन शक्ति सिंह ने आगे बताया कि प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत 60 प्रतिशत सभी वर्गों की महिलाओं व अनुसूचित जाति को तथा 40 प्रतिशत सामान्य व ओबीसी को अनुदान प्रदान किया जाता है। इस योजना के तहत प्रार्थी निजी भूमि में या पट्टे पर भूमि लेकर मछली फीड हैचरी, तालाबों के निर्माण, बायाफेलाक, आरएएस, फीड मिल, कोल्ड स्टोर आदि लगाने पर विभाग से वित्तीय एवं तकनीकी सहायता प्राप्त कर सकते हैं।
यूनिट लगाने से पूर्व मिट्टी व पानी की टेस्टिंग जरूरी
डीसी ने बताया कि विभाग द्वारा प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना तथा अन्य विभागीय योजनाओं के लिए किसानों को जागरूक करते हुए समय-समय पर विभाग द्वारा प्रशिक्षण भी दिया जाता है। यूनिट लगाने से पहले प्रशिक्षण अवश्य लें तथा मिट्टी व पानी की टेस्टिंग अवश्य रूप से करवाएं ताकि यूनिट कामयाब हो सके।
———–—-
बुन्द-बुंद पानी की बचाओं सबको इसकी शपथ दिलाओ… लोक गीतों से प्रचार में जुटी भजन ड्रामा पार्टियां*
*हरियाणे नै देखण खातिर सब दूर-2 तै आवै सैज्*
*विशेष प्रचार अभियान का डीआईपीआरओ ने किया निरीक्षण*
*सरकारी योजनाओं व नीतियों के अलावा सामाजिक विषयों पर जागरूक कर रही पार्टिया: डीआईपीआरओ*
*सूचना जनसंपर्क, भाषा एवं संस्कृति विभाग हरियाणा की ओर से चलाया जा रहा है विशेष प्रचार अभियान*
*झज्जर, 10 जुलाई।
जीरी ते धाम ध्यान हटाओं, कपास मक्का चारा बाग लगाओ आदि गीतों के माध्यमों से सूचना, जनसंपर्क, भाषा और संस्कृति विभाग की भजन पार्टियां विशेष प्रचार अभियान में जुटी हुई हैं। गांव-गांव जाकर पार्टियां सरकारी योजनाओं के अलावा सामाजिक विषयों पर आमजन को जागरूक कर रही हैं। डीआईपीआरओ कुलदीप सिंह बांगड़ ने मंगलवार को ग्रामीण क्षेत्रों में प्रचार अभियान का निरीक्षण किया। इस दौरान प्रचार टीमों फील्ड में प्रचार करते हुए मिली।
डीआईपीआरओ ने सभी प्रचार टीमों को सरकारी योजनाओं के बारे में अधिक से अधिक जानकारी देने के निर्देश दिए ताकि सरकारी योजनाओं के प्रति समाज का प्रत्येक व्यक्ति जागरूक हो और उनका फायदा उठाने में सक्षम बने। उन्होंने बताया कि प्रचार पार्टियां सरकारी योजनाओं के साथ-साथ सामाजिक विषयों पर भी आमजन को जागरूक कर रही है। प्रदेश की विशेषताओं पर आधारित कई गीतों का निर्माण भजन पार्टियों द्वारा किया गया है जिससे प्रदेश की सांस्कृतिक खूबियों से जन-जन को वाकिफ करवाने का कार्य कर रहीं हैं। उन्होंने बताया कि बुधवार को गांव भम्भेवा, बेरी, रेढूवास, भम्भूलिया, लीलाहेड़ी, कोन्द्राली, दरियापुर, माजरी, नूना माजरा, लोवा कलां व छुछकवास गांवों में प्रचार अभियान चलाया गया। उन्होंने बताया कि जिले के शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों को प्रचार पार्टियां कवर करेंगी और प्रचार अभियान पूरे जुलाई माह तक चलेगा। उन्होंने बताया कि जिले में प्रचार अभियान प्रभावी तरीके से चल रहा है व प्रचार पार्टियों की निरंतर मॉनिटरिंग की जा रही है
———-
*समाधान शिविर में एडीसी सलोनी शर्मा ने सुनी नागरिकों की समस्याएं*
*बारिश में ढह गए मकान के मुआवजे और भावांतर योजना की लंबित राशि सहित अन्य शिकायतें लेकर पहुंचे नागरिक*
*शिकायतों पर तुरंत एक्शन लेते हुए जल्द से जल्द समाधान करें अधिकारी, देरी पर जवाबदेही तय: एडीसी
*झज्जर, 10 जुलाई।
एडीसी सलोनी शर्मा ने बुधवार को आयोजित हुए समाधान शिविर में नागरिकों की शिकायतों पर सुनवाई की। शिविर में परिवार पहचान पत्र, राशन कार्ड की सामान्य शिकायतों के अलावा बॉक्सिंग हॉल की मरम्मत करवाने, बारिश में ढह गए मकान के मुआवजे, भावांतर योजना की लंबित राशि के भुगतान आदि की शिकायतें लेकर नागरिक पहुंचे। शिविर में कुल 54 नागरिक शिकायत लेकर पहुंचे हैं जिनकी सुनवाई करने के बाद एडीसी ने संबंधित अधिकारियों को त्वरित समाधान करने के निर्देश दिए।
एडीसी सलोनी शर्मा ने बड़ी गंभीरता के साथ नागरिकों की समस्याओं पर सुनवाई की। इस दौरान विभिन्न विभागों के अधिकारी भी मौजूद रहे। एडीसी ने कहा कि सभी अधिकारी समस्याओं के समाधान को लेकर संवेदनशीलता से कार्य करें और नागरिकों को सरकारी कार्यालयों में ज्यादा चक्कर ना लगवाएं व उनकी समस्याओं का यथाशीघ्र समाधान करें। उन्होंने कहा कि समाधान शिविर नागरिकों व प्रशासन के बीच बेहतर संबंध बनाने में कारगर साबित हो रहे हैं। नागरिक बेझिझक अपनी समस्याओं को लेकर शिविर में पहुंच रहे हैं जिससे प्रशासन को नागरिकों की समस्याओं का पता लग रहा है और उनका समाधान किया जा रहा है।
बुधवार को आयोजित हुए शिविर में मारोत गांव निवासी संदीप बारिश में ढह गए मकान के मुआवजे की मांग को लेकर शिविर में पहुंचा। एडीसी ने डीआरओ को मामले में कार्रवाई करने के निर्देश दिए। खापरवास गांव निवासी ज्योति ने कहा कि उसे भावांतर योजना के तहत सरकार की तरफ से राशि नहीं मिली है। सतपाल ने समाधान शिविर में कहा कि उसके प्लाट पर नाजायज कब्जा किया गया है इस मामले में कार्रवाई करने की मांग की। झज्जर स्थित बॉक्सिंग हॉल की रिपेयरिंग की मांग को लेकर खिलाडय़िों के अभिभावक समाधान शिविर में पहुंचे। मामले में सुनवाई करते हुए एडीसी ने डीएसओ को कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इनके अलावा भी अन्य मामलों की शिकायत लेकर नागरिक समाधान शिविर में पहुंचे व एडीसी ने सभी शिकायतों पर तुरंत एक्शन लेते हुए जल्द से जल्द समाधान करने के निर्देश दिए।
फोटो कैप्शन – समाधान शिविर में नागरिकों की समस्याओं को सुनते हुए एडीसी सलोनी शर्मा।
———–
*पीपीपी त्रुटियों को ठीक करने के लिए 11 से 15 जुलाई तक लगेंगे कैंप: एडीसी*
*एसडीएम करेंगे निरीक्षण, कैंप से गैरहाजिर रहने वाले कर्मचारियों पर होगी कार्रवाई*
*सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए पीपीपी अहम दस्तावेज*
*झज्जर, 10 जुलाई।
नागरिकों के परिवार पहचान पत्रों की त्रुटियों को ठीक करने के लिए जिले में 11 से 15 जुलाई तक विशेष कैंप लगाए जाएंगे। कैंप की तैयारियों को लेकर एडीसी सलोनी शर्मा ने बुधवार को लघु सचिवालय स्थित कॉन्फ्रेंस हॉल में अधिकारियों की मीटिंग ली। मीटिंग में एडीसी ने कहा कि पीपीपी एक अहम दस्तावेज है जिसके द्वारा सरकार की योजनाओं का लाभ प्राप्त होता है।
एडीसी ने कहा कि कैंप के लिए शहर व गांवों में मुनादी करवाई जा रही है ताकि अधिक से अधिक नागरिक अपनी पीपीपी की त्रुटियों को दुरुस्त करवाने के लिए कैंप का लाभ उठा पाएं। नागरिक शिविरों में जन्म-तिथि सत्यापन, नाम अपडेट, जाति, बैंक खाता सत्यापन, वैवाहिक स्थिति दर्ज करवाने, दिव्यांग डाटा दर्ज करवाना, पिता, माता, पत्नी या पति का नाम ठीक करवाने सहित कई अन्य कार्य करवा सकते हैं।
एडीसी ने मीटिंग में मौजूद सभी एसडीएम को निर्देश दिए कि वह कैंपों की सख्ती से मॉनिटरिंग करें ताकि कैंप के आयोजन को सफल बनाया जाए व नागरिकों की पीपीपी संबंधित समस्याओं का कैंपों में निराकरण सुनिश्चित किया जा सके। एडीसी ने कहा कि अगर कोई ऑपरेटर या टीचर कैंप की ड्यूटी से नदारद मिलता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने मीटिंग में अधिकारियों से कहा कि पांचों दिन कैंप के निर्धारित समय पर पूरा दिन मॉनिटरिंग की जाए व ड्यूटी में लापरवाही बरतने वाले कर्मचारी के खिलाफ एक्शन लिया जाए। इस मौके पर एसडीएम बादली सतीश यादव, एसडीएम बेरी रविंद्र मलिक, एसडीएम बहादुरगढ़ परमजीत सिंह, डीएमसी परवेश कादयान, सीईओ जिला परिषद निशा तंवर, डीआरओ प्रमोद चहल सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
सुविधा का लाभ उठाए- एडीसी
जिला वासियों से अपील है कि अगर किसी व्यक्ति को अपने परिवार पहचान पत्र में डाटा वेरिफिकेशन व अपडेशन करवाना है तो वह अपने गांव व वार्ड में चल रहे इन कैंपों में पहुंचकर इस सुविधा का लाभ उठा सकते हैं। उन्होंने बताया कि इन शिविरों में किसी भी प्रकार की लापरवाही पर संबंधित कर्मचारी के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
फोटो। झज्जर स्थित लघु सचिवालय सभागार में अधिकारियों की बैठक में जरूरी निर्देश देती एडीसी सलोनी शर्मा।