PM की सुरक्षा को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई…___:::जयपाल लाम्बा
याचिकाकर्ता के वकील मनिदर सिंह ने बहस की शुरुवात करते हुए मामले की जांच की।
सिंह ने कहा कि भटिंडा, फिरोजपुर और PM के आगे की यात्रा से संबंधित सभी दस्तावेज जांच के लिए संरक्षित रखने की जरूरत है।
SG ने कहा इस मामले की जांच में NIA के अधिकारी का होना जरूरी है क्योकि जुडिशल अधिकारी इस मामले में पूरी तरह सक्षम नहीं होगा। इसके लिए NIA के पेशेवर अधिकारी का जांच में होना जरूरी है।
SG ने पंजाब सरकार की तरफ से गठित समिति पर कहा कि पंजाब सरकार ने जो जांच समिति गठित की है उसमें एक सचिव हैं जो सरकार।के दबाव में आ सकते हैं।
पंजाब सरकार के वकील पटवालिया ने कहा राज्य इस मुद्दे पर गंभीर है उसी दिन हमने जांच कमेटी गठित कर दी है।
SG ने कहा कि पीएम की सुरक्षा में चूक जिसमें राज्य शासन और पुलिस प्रशासन दोनों पर जिम्मेदारी थी उसकी जांच राज्य सरकार नहीं कर सकती। मामले की जांच में NIA अधिकारियों का शामिल होना अनिवार्य है।
SG से मामले की जांच में पंजाब के गृह सचिव के शामिल होने पर सवाल उठाते हुए कहा पंजाब के गृह सचिव खुद जांच और शक के दायरे में हैं वो कैसे जांच टीम का हिस्सा हो सकते हैं?
मनिंदर सिंह ने कहा को पहला तो सबूतों को सुरक्षित रखा जाए। इसके लिए भटिंडा के डिस्ट्रिक्ट जज और NIA अधिकारी मिलकर इस मामले में सबूतों को सुरक्षित करें।
दूसरा सुप्रीम कोर्ट खुद इस मामले की मोनेटर करें।
NIA के अधिकारी के द्वारा जांच की जाए।
इसके अलावा इस मामले में एक दिशा निर्देश जारी करे ताकि भविष्य में दोबारा ऐसा न होने पाए।
वही SG तुषार मेहता ने कहा कि यह रेयरेस्ट ऑफ द रेयर मामला है और बहुत गंभीर है। यह सीमापार आतंकवाद का मामला हो सकता है। इसलिए इसे उसी आधार पर ट्रीट किया जाना चाहिए।