Post navigation चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय, सिरसा में एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन 27 दिसंबर को सेवा, समर्पण व श्रमदान से तैयार होनेे वाले परिसर का हुआ नामकरण : डीसी— राहुल सिवाच का सुझाया नाम गोपुरम चयनित— डीसी श्याम लाल पूनिया ने किया विजेता राहुल सिवाच को सम्मानित झज्जर, 29 दिसंबर। जिला प्रशासन, झज्जर ने सेवा, समर्पण व श्रमदान पर आधारित अनूठी परियोजना के लिए प्रदेशभर व आस-पास के क्षेत्रोंं से 365 सुझाव मिले। इनमें से राहुल सिवाच द्वारा सुझाया गया नाम गोपुरम चयनित किया गया। डीसी श्याम लाल पूनिया ने बुधवार को राहुल सिवाच को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया और 5100 रूपये ईनामी राशि व प्रशस्ति पत्र दिया । सभी की सहभागिता से परियोजना के तहत ऐसा एकीकृत परिसर विकसित किया जाएगा जिसमें बेसहारा गोवंश के लिए आश्रय व औषधालय के साथ-साथ प्राचीन दुर्लभ वस्तुओं का संग्रह के साथ-साथ युवाओं के लिए खेल परिसर तथा ग्राम्य जनजीवन पर आधारित पिकनिक स्पॉट होगा।डीसी श्याम लाल पूनिया ने कहा कि खातीवास गांव में सेवा, समर्पण और श्रमदान से तैयार होने वाले इस परिसर के लिए गोपुरम सबसे ज्यादा प्रासंगिक नाम है। इस परिसर के निर्माण मेंं ज्यादा से ज्यादा नागरिकों, संस्थाओं, संस्थानों, प्रतिष्ठïानों आदि की भागीदारी सुश्ििचत की जा रही है। आजादी के अमृत महोत्सव में उसी प्रयास को विस्तार देते हुए इस बार एक परिसर विकसित किया जाएगा। जिसमें बेसहारा गोवंश के लिए आश्रय स्थल व औषधालय व जिलावासियों के जुड़ाव के लिए दुर्लभ वस्तुओं का संग्रह, खेल व रिक्रिएशन स्पॉट भी बनाया जाएगा। इस परियोजना की विशेषता यह होगी कि यह परिसर पे बैक टू सोसायटी व रिक्रिएशन एक्टिविटी का प्रमुख केंद्र होगा। जिला में यह परिसर सामूहिकता के भाव के लिए प्रेरणा का कार्य करेगा। उल्लेखनीय है कि झज्जर जिला में सामूहिकता का ऐसा ही एक प्रयास सवेरा स्कूल के रूप में साकार हुआ था। प्रशासन की अनूठी पहल- बोले विजेता विजेता राहुल सिवाच फिलहाल यूपीएससी परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं। इससे पहले वह एनवाईके में बतौर प्रोग्राम अधिकारी जम्मू एंड कश्मीर मेंं अपनी सेवाएं दे चुके हैंं। उन्होंने जिला प्रशासन की पहल को अनूठी परियोजना बताया और सम्मानित करने पर प्रशासन का आभार व्यक्त किया। अवसर पर जिला शिक्षा अधिकारी बीपी राणा, सीएमजीजीए तान्या,सक्षम के जिला नोडल अधिकारी सुदर्शन पूनिया, एआईपीआरओ सतीश कुमार, जिलाभर से खंड शिक्षा अधिकरी और बीआरपी मौजूद रहे।