ब्यौरा मांगा:डीईओ ने सभी बीईओ से 2 दिन में मांगी, असुरक्षित इमारतों की रिपाेर्ट*
अम्बाला:जिले में 81 सरकारी स्कूलाें की अनसेफ बिल्डिंग काे लेकर शिक्षा विभाग ने सभी बीईओ से दाे दिन में रिपाेर्ट मांग ली है। इस संबंध में साेमवार काे जिला शिक्षा अधिकारी ने संज्ञान लेते हुए सभी ब्लाॅक एजुकेशन ऑफिसर काे पत्र जारी कर निर्देश दिए। पत्र में डीईओ सुरेश कुमार ने कहा कि सभी बीईओ अपने ब्लाॅक के विद्यालयाें का विस्तृत ब्याैरा रिपाेर्ट तैयार कर उनकी स्कूल मैनेजमेंट कमेटी के प्रस्ताव व फाेटाे सहित पूरी सूचना एकत्रित कर दाे दिन में जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में भिजवाएं ताकि इस संबंध में आगे की कार्रवाई की जा सके।
इन 79 स्कूलाें के कमराें के अलावा अगर काेई अन्य स्कूल की बिल्डिंग भी जर्जर हालत में है ताे उसका भी ब्याैरा दें। यह जानकारी बीईओ के माध्यम से विभाग काे दाे दिन में भेजी जाए। दरअसल, शिक्षा विभाग की सूची में 79 स्कूलाें में 222 कमरे थे। अब इस सूची में राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल शाहपुर के 12 और राजकीय प्राइमरी स्कूल रवालाें के 3 कमरे जाेड़े गए हैं। वहीं, जिला परियाेजना समन्यवक सुधीर कालड़ा ने बलदेव नगर के राजकीय कन्या स्कूल का निरीक्षण किया। वहां बरामदे के लेटर से सीमेंट गिरा हुआ था। स्कूल ने बरामदे के उस एरिया का रस्सी से बांध दिया। वहां नाे एंट्री का नाेटिस भी चस्पा किया है ताकि काेई बच्चा या स्टाफ इस साइड न जाए।
स्कूल मुखिया भी अनदेखी कर रहे, नहीं लगा रहे बिल्डिंग पर रंग
जनवरी 2017 में विद्यालय शिक्षा निदेशालय ने डीईओ, डीईईओ, प्रिंसिपल व हेड मास्टर काे पत्र जारी किया था। स्कूल बिल्डिंग काे पांच कैटेगरी में रखा गया था। पत्र में कहा गया था कि अनसेफ बिल्डिंग से लेकर रिपेयर करवाने वाली बिल्डिंग काे अलग-अलग कैटेगरी में रखा जाए और उस बिल्डिंग पर उसकी कैटेगरी के हिसाब से कलर लगाया जाए ताकि कलर के हिसाब से बच्चे व स्टाफ समझ सकें कि वह बिल्डिंग सेफ है या अनसेफ। मगर ज्यादातर स्कूलाें में किसी भी बिल्डिंग में ऐसे कलर नजर नहीं आते।