कोरोना संक्रमण पर प्रहार :  पुलिस नाकों पर राहगीरों की सैंपलिंग शुरू — डीसी श्याम लाल पूनिया के आदेशों पर स्वास्थ्य विभाग ने शुरू की मुहिम बहादुरगढ़, 8 जून। डीसी श्याम लाल पूनिया ने  झज्जर उपायुक्त का पदभार संभालते ही कोरोना की दूसरी लहर के हॉट स्पॉट रहे बहादुरगढ़ एरिया को कोरोना संक्रमण मुक्त करने के लिए एक विशेष रणनीति के तहत कार्य शुरू कर दिया है। श्री पूनिया ने अपने कार्यकाल के दूसरे दिन ही सुबह उपमंडल के नागरिक अस्पताल सहित क्षेत्र मेंं कार्य कर रहे अन्य मैडिकल केंद्रों में चिकित्सा सुविधाओं का जायजा लिया। स्वास्थ्य सुविधाओं की समीक्षा की।  प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को कोरोना संक्रमण की चैन को तोडऩे के लिए योजनाबद्घ तरीके से कार्यों को और तेज गति देने के निर्देश दिए। वैक्सिनेशन और सैंपलिंग के कार्य को और तेज गति देने के साथ-साथ आमजन तक पंहुचने की नीति बनाई गई ताकि किसी  भी नागरिक को परेशानी न हो और मैडिकल सुविधा राहगीर को भी राह चलते मिल जाए।     एसडीएम हितेंद्र कुमार ने बताया कि डीसी श्याम लाल पूनिया के आदेशानुसार कोरोना संक्रमण की चैन को तोडऩे के लिए सैंपलिंग, वैक्सिेनशन और जागरूकता पर फोकस किया जा रहा है। वैक्सिनेशन की गति को बढ़ाने के लिए बुधवार से ड्राइव थ्रू वैक्सिनेशन कार्यक्रम का आगाज हो रहा है। सैंपलिंग को बढ़ाने के लिए राहगीरों के लिए भी सैंपल देना आसान हो गया है। उपमंडल मेंं पुलिस व स्वास्थ्य विभाग की टीमें पुलिस नाकों पर राहगीरों व ड्राइवरों के कोरोना सैंंपल लेने के लिए तैनात की गई है। शुरूआत मेंं बालौर रोड से कैर की तरफ जाने वाले पुलिस नाके और नाहरा नाहरी रोड स्थित कांनौदा टी प्वांइट पर पुलिस नाके पर राहगीरों और ड्राइवरों के कोरोना सैंपल लेने शुरू कर दिए हैं। आगे और भी नाकों पर यह सुविधा बढ़ाई जाएगी।          सैंंपलिंग के नोडल अधिकारी डिप्टी सीएमओ डॉ विनय कुमार ने बताया कि डीसी के आदेशानुसार नाकों पर राहगीरों और ड्राइवरों के सैंपल लिए जा रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने मंगलवार को सुबह ही इन दोनों नाकों पर सैंपलिंग कार्य शुरू कर दिया है। इससे निश्चित रूप से राहगीरों व ड्राइवरों सहित अन्य नागरिकों को भी अपना सैंपल देने मेंं आसानी होगी।  बड़ी राहत:   होम आइसोलेट मरीजों के घर पर पंहुचे 595 ऑक्सीजन सिलेंडर  :एसडीएम              —  जिलाभर में मैडिकल ऑक्सीजन की ऑन डिमांड सप्लाई      बहादुरगढ़, 8 जून।   ऑक्सीजन आपूर्ति के जिला नोडल अधिकारी एवं एसडीएम बहादुरगढ़ हितेंद्र कुमार ने बताया कि जिलाधीश श्यामलाल पूनिया के निर्देशानुसार जिलाभर में होम आइसोलेट मरीजों को डोर टू डोर व्यवस्था और अस्पतालों मेंं उपचाराधीन मरीजों के लिए मांग के अनुसार ऑक्सीजन आपूर्ति की जा रही है।  अभी तक जिलाभर में कोविड संक्रमित होम आइसोलेट मरीजों के 595 ऑक्सीजन सिलेंडर रिफिल कर दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि जो मरीज अस्पतालों में उपचाराधीन हैं, वे डोर टू डोर ऑक्सीजन सिलेंडर रिफिलिंग के लिए आवेदन न करें, उपचाराधीन मरीजोंं के लिए अस्पताल में ही जरूरत के अनुसार ऑक्सीजन उपलब्ध करवाई जा रही है। पोर्टल पर पंजीकृत आवेदकों के ऑक्सीजन सिलेंडर तत्काल रिफिल किए जा रहे हैं। जिसके आवेदन सही थे उन सभी को निर्धारित समय सीमा मेंं ऑक्सीजन सिलेंडर डिलिवर कर दिए गए हैं। —  डोर टू डोर ऑक्सीजन डिलिवरी व्यवस्था, ऑनलाइन करें आवेदन एसडीएम ने कहा कि  डोर टू डोर ऑक्सीजन रिफिल व्यवस्था होम आइसोलेट मरीज, शरीर में ऑक्सीजन लेवल की कमी का डॉक्टरी परामर्श होने पर होम डिलवरी ऑक्सीजन सिलेंडर रिफिल के ऑनलाइन आवेदन करें। निष्पक्ष एवं पारदर्शी व्यवस्था बनाए रखने के लिए ऑनलाइन प्रणाली अपनाई गई है। आवेदक डब्लयूडब्लयूडब्लयू डॉट ऑक्सीजनएचआरवाई डॉट इन पर ऑनलाइन आवेदन करें। पंजीकरण करने मेंं किसी भी प्रकार की परेशानी होने पर आवेदक हैल्पलाइन नंबर 8558893911 या 1075 पर डायल कर सकते हैंं। एसडीएम ने बताया कि जिला प्रशासन द्वारा डी टाइप ऑक्सीजन सिलेंडर की रिफिल 274 रूपये तथा बी टाइप ऑक्सीजनसिलेंडर की रिफिल के लिए 117 रूपये की राशि निर्धारित की गई है। अगर आवेदक अपने घर पर सिलेंडर मंगवाना चाहेगा तो उसके लिए वाहन का किराया भी अलग से देना होगा। वाहन का किराया प्रति डी टाइप सिलेंडर के लिए 100 रूपये तथा प्रति बी टाइप सिलेंडर के लिए 50 रूपये तय किए गए हैंं। एसडीएम ने बताया कि अभी तक पोर्टल पर 870 आवेदन प्राप्त हुए थे। सही पाए गए सभी आवेदकों के घर पर ऑक्सीजन पंहुचा दी गई है। हितेंद्र कुमार ने बताया कि डोर टू डोर ऑक्सीजन रिफिल व्यवस्था के तहत आवेदक को डब्लयूडब्लयूडब्लयू डॉट ऑक्सीजनएचआरवाई डॉट इन पर क्लिक करना होगा। साइट पर मरीज का नाम, आयु, मरीज का आधार कार्ड नंबर, पता जहां आक्ॅसीजन सिलेंडर डिलिवर होना है,  जिला, सिलेंडर साइज, मरीज का एसपीओ-2 लेवल, ऑक्सीमीटर से ऑक्सीजन लेवल दर्शाते हुए फोटो या डाक्टरी परामर्श आदि वर्णन भरना होगा। इस पोर्टल पर पंजीकृत होने के बाद आवेदन समाज सेवी संस्था और रैडक्रास सोसायटी के पास रिफलैक्ट हो जाएगा । इस कार्य मेंं जनसेवा की भावना से कार्य कर रही समाज सेवी संस्था को भी यह सुनिश्चित करना होगा कि आवेदक को सही मायनों मेंं ऑक्सीजन सिलेंडर जरूरत है

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