साइबर ठगो द्वारा पुलिस कर्मचारी बनकर समझौते के नाम पर मांगे जा रहे हैं पैसे:-पुलिस उपायुक्त डॉक्टर अर्पित जैन
झज्जर 28 मई लाईव हरियाणा ब्यूरो चीफ जयपाल लाम्बा
साइबर ठगी को लेकर झज्जर पुलिस समय-समय पर लोगों को जागरूक करती रहती है। फिर भी आए दिन पढ़े लिखे व्यक्ति भी थोड़ी से पैसे के लालच में आकर साइबर ठगी का शिकार हो रहे हैं। साइबर ठग भी ठगी के नए-नए तरीके अपना रहे हैं। जिस संबंध में जानकारी देते हुए पुलिस उपायुक्त डॉक्टर अर्पित जैन ने कहा कि आजकल बहुत से बच्चे घर से बाहर पढ़ाई के सिलसिले में गए हैं. साइबर ठग इसी चीज का फायदा उठाते हुए उनके परिजनों को कॉल करके कहते हैं कि आपके बच्चे का झगड़ा हो गया है और उस झगड़े में समझौता कराने के लिए पैसे देने पड़ेंगे। या फिर लड़की होने पर उसके परिजनों को यह कहकर पैसों के लिए दबाव दिया जाता है कि आपकी लड़की किसी लड़के को ब्लैकमेल कर रही है। जिस संबंध में उसको पुलिस द्वारा गिरफ्तार किया गया है और उनके परिजनों से समझौते के नाम पर उनसे पैसे मांगे जाते हैं।इसके अतिरिक्त साइबर ठग आपको यह भी कहते हैं कि आपके रिश्तेदार या आपके बच्चे का एक्सीडेंट हो गया है. उसको पुलिस ने पकड़ लिया है. उसको बचाने के लिए पैसे देने पड़ेंगे,इसके अलावाा, ठग कहते हैं कि आपके बच्चे को किसी केस में पुलिस ने पकड़ लिया है, जिसकी एवज में वह आपसे पैसों की डिमांड करते हैं। हम अपने बच्चों के भविष्य को देखते हुए बिना सोचे समझे ही उनको पैसे भेज देते हैं। बाद में पता चलता है कि हमारे साथ तो ठगी हुई है।जब तक आप कुछ समझ पाते हैं आप ठगे जा चुके होते हैं। पछताने के अलावा आपके पास कुछ नहीं बचता। इसलिए अगर इस तरह की कोई कॉल आती है इसकी सूचना तुरंत भारत सरकार द्वारा जारी साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर काॅल करे या फिर साइबर धोखाधड़ी के मामलों में अपनी शिकायत नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल https//www.cybercrime.gov.in पर या साइबर क्राइम थाना या नजदीकी थाना/चौंकी में शिकायत दर्ज करवा सकते हैं.