पर्यावरण के बिना मानव जीवन अकल्पनीय:- आनन्द सागर
करोना की वजह से जान गँवाने वालों को पोधारोपण कर दी श्रधांजलि
पर्यावरण के बिना मानव जीवन की कल्पना भी नहीं की जा सकती है। सच तो ये है कि हमारा सारा जीवन ही प्रकृत्ति पर निर्भर एवं आश्रित है। हमारा खाना, पीना, पहनना और यहाँ तक कि हमारी प्रत्येक स्वास भी प्रकृत्ति के ही अधीन है।उक्त उद्गार भाजपा नेता व बादली हल्के के प्रभारी आनन्द सागर नें आज पर्यावरण दिवस पर प्रदेशाध्यक्ष श्री ओमप्रकाश धनखड़ की अगुवाई में कोरोना महामारी के संक्रमण से इस संसार को छोड़कर जाने वाली दिवंगत आत्माओं को बादली हल्के के खेड़ी जट, गोयला, खेडका,खुगाई,बोडिया आदि गाँव में पोधारोपण कर श्रधांजलि अर्पण करने के बाद कहे।
उन्होंने कहा कि कुछ काम हम घर बैठे भी बड़ी आसानी से पर्यावरण रक्षा के लिए कर सकते हैं। जीवन में शाकाहार अपनाना, जल की बूँद-बूँद का संचय करना, केवल जरूरत पड़ने पर विद्युत उपकरणों का प्रयोग करना, अन्न का दुरुपयोग करने से बचना व साथ ही साथ पोलीथीन व प्लास्टिक से निर्मित सामग्रियों का कम से कम उपयोग करना जैसे अनेक छोटे – छोटे कार्य पर्यावरण संरक्षण, संवर्द्धन व सुरक्षा की दिशा में एक सार्थक प्रयास और पहल होगी।
सब से संकल्प दिलवाते हुए आनन्द सागर ने कहा प्रकृत्ति ने हमें सब कुछ दिया है तो हमारा भी उत्तरदायित्व बनता है कि हमें भी प्रत्येक वर्ष कम से एक वृक्ष लगाकर माँ समान अपनी इस प्रकृत्ति का श्रृंगार करना चाहिए। भाजपा के बादली मंडल अध्यक्ष विनोद बाढसा के साथ इस कार्यक्रम में भूपेन्द्र यादव,काले खेड़ी जट,नरेंद्र नम्बरदार,जयपाल,रमेश प्रिंसिपल,सोमबीर, लाखा नम्बरदार,हरिओम देशवाल,सुभाष,विरेंद्र खुगाई,देवेंद्र,अनिल,मोनू,सोनू,धर्म,बलबीर,जतिन धनखड़,देवा,रोहित,रवि,प्रतीक,राहुल,सिदार्थ, दयानन्द,रणबीर होलदार, संदीप बोडिया,बोबी धनखड़, सतीश सहवाग, हरिओम प्राचार्य, राजबीर मुख्याध्यापक, सतवीर देसवाल,गणित प्राध्यापक, निशा अंग्रेजी प्राध्यापक, बीना, बलबीर,अनिल,सुमित,अंकित आदि का भरपूर सहयोग रहा।