*चुनाव का पर्व, देश का गर्व*
*हर मतदाता करे अपने मताधिकार का उपयोग: एडीसी*
*- – लघु सचिवालय सभागार में स्वीप कार्यक्रम को लेकर वर्कशाप आयोजित*
*– शिक्षण संस्थानों के एनएसएस व एनसीसी प्रभारियों की बैठक में स्वीप अभियान को सफल बनाने पर चर्चा*

*झज्जर, 04 अप्रैल।लाईव हरियाणा ब्यूरो चीफ जयपाल लाम्बा

स्वीप अभियान की नोडल ऑफिसर एवं एडीसी सलोनी शर्मा के निर्देशानुसार गुरुवार को जिला मुख्यालय स्थित कॉन्फ्रेंस रूप में स्वीप ट्रेनिंग कार्यक्रम का आयोजन हुआ। ट्रेनिंग प्रोग्राम में जिला के शिक्षण संस्थानों के एनसीसी, एनएसएस, कोऑर्डिनेटर शामिल हुए। इस दौरान स्वीप (मतदाता जागरूकता अभियान) के बारे में विस्तृत जानकारी पीपीटी के माध्यम से साझा की गई।
एडीसी ने बताया कि स्वीप गतिविधियों में शैक्षणिक संस्थानों का अहम रोल है और इसी के मद्देनजर जिला के शिक्षण संस्थानों के एनसीसी व एनएसएस विंग को शामिल किया गया है। ट्रेनिंग के दौरान जागरूकता अभियान चलाने के लिए रणनीति तैयार की गई जिसके तहत प्रभावी तरीके से समाज के विभिन्न वर्गों को जागरूक किया जाएगा। एडीसी ने बताया कि सेमिनार व रैली का आयोजन करके सार्वजनिक स्थलों पर वोटर जागरूकता कार्यक्रम चलाया जाए। इसके अलावा समाज के विभिन्न वर्गों जैसे महिलाओं, बुजुर्गों, युवाओं दिव्यांगजनों आदि के लिए अलग से रणनीति तैयार कर इन्हें जागरूक किया जाएगा। जिला के सरकारी विभागों से जारी होने वाले पास व टिकट पर भी स्वीप गतिविधियों से जुड़ी जानकारी प्रकाशित की जाएगी। एडीसी ने कहा कि समाज में प्राध्यापकों की अहम भूमिका होती है व विद्यार्थी अपने गुरु की बात को गंभीरता से लेते हैं। ऐसे में शिक्षण संस्थान वोटिंग प्रतिशत बढ़ाने व 18 वर्ष की उम्र से अधिक युवाओं के वोट बनवाने में सबसे अहम भूमिका अदा करते हुए समाज के विकास में अपना योगदान दे सकते हैं।

कम मतदान वाले बूथों पर करें फोकस*

ट्रेनिंग दौरान इन बूथों की भी जानकारी दी गई जिस पर बीते चुनाव में अपेक्षाकृत कम पोलिंग हुई थी। प्राध्यापकों को ऐसे बूथों पर विशेष तौर पर कार्य करने के लिए कहा गया ताकि मतदान प्रतिशत को बढ़ाया जा सके। सुबह के वक्त पार्क में जाकर बुजुर्गों व अन्य वर्ग के लोगों को जागरूक किया जाएगा व महिलाओं के समूहों को भी जागरूक करने के लिए महिला प्राध्यापकों से अपील की गई है।
*स्वीप के तहत होगा ईवीएम का डेमोंस्ट्रेशन*
स्वीप अभियान आमजन व मतदाता दोनों को जागरूक करने के लिए है। इसके तहत जिला के सार्वजनिक स्थानों पर ईवीएम का डेमोंस्ट्रेशन किया जाएगा। इस गतिविधि को आयोजित करने का मुख्य उद्देश्य बुजुर्ग मतदाताओं को वोटिंग मशीन में वोट डालने की प्रक्रिया से अवगत करवाना है।