*जल और उर्जा संरक्षण वर्तमान समय की सबसे बड़ी जरूरत : डीसी*
– *गांव खातीवास स्थित संस्कारम पब्लिक स्कूल परिसर में उर्जा एवं जल संरक्षण थीम पर वर्कशाप एवं किसान मेला आयोजित*
*झज्जर, 01 मार्च।लाईव हरियाणा ब्यूरो चीफ जयपाल लाम्बा
* डीसी कैप्टन शक्ति सिंह ने जल और उर्जा संरक्षण वर्तमान समय की सबसे बड़ी जरूरत है,हमें दोनों संसाधनों की बचत की ओर ध्यान देना होगा। डीसी शुक्रवार को गांव खातीवास स्थित संस्कारम पब्लिक स्कूल परिसर में नवीन एवं नवीकरणीय उर्जा विभाग (हरेडा)झज्जर द्वारा उर्जा एवं जल संरक्षण विषय पर आधारित वर्कशाप व किसान मेला में प्रगतिशील किसानों को संबोधित कर रहे थे। इससे पहले मुख्य अतिथि एवं डीसी कैप्टन शक्ति सिंह ने एडीसी सलोनी शर्मा के साथ परिसर में आयोजित विभिन्न विभागों की स्टालों का अवलोकन करते हुए किसानों से बातचीत की और उन्हें प्राकृतिक खेती के लिए प्रेरित भी किया। कार्यक्रम में पहुंचने पर संस्थान के चैयरमैन डा महिपाल यादव ने मुख्य अतिथि सहित अन्य मेहमानों का स्वागत किया।
इस मौके पर डीसी ने कहा कि किसानों को प्राकृतिक खेती और फायदेमंद खेती का मौका मिले,इसके लिए कृषि क्षेत्र में कार्य करने वालों को निरंतर आगे आना चाहिए। उन्होंने उपस्थित जनों से जल संरक्षण का आहवान करते हुए कहा कि ऋगवेद में सबसे ज्यादा श्लोक इंद्र देवता के नाम से हैं,जिनका सीधा संबंध जल से है। पानी को व्यर्थ में बहने से रोकने के लिए प्रत्येक व्यक्ति को पानी की कीमत समझनी चाहिए,पानी का व्यर्थ बहाव व जल की बर्बादी से गांवों में जलभराव की समस्या भी बनती है,जल हमारे लिए तभी सुखदायी होगा,जब हम पानी की कीमत को समझेंगे,ऐसे में हमें आने वाली पीढियों के लिए अभी से पानी का संरक्षण करना होगा। उन्होंने किसानों से मिटटी की जांच,हरी खाद,फसल अवशेष प्रबंधन,सुक्षम सिंचाई से जुड़ी योजनाओं का लाभ उठाने काआहवान किया। डीसी ने कहा कि कार्यक्र म स्थल पर जिला के प्रगतिशील किसानों की सफलता पर आधारित कहानियां प्रदर्शित की गई हैं,जिससे दूसरे किसानों को प्रेरणा मिलेगी। किसानों को आग्रेनिक खेती में पैदावार बढ़ाने के साथ ही उत्पादों की मार्किटिंग की ओर ध्यान देना होगा,जिससे उनकी आय में कई गुणा वृद्धि होगी। हमें वैल्यु एडिशन के बारे में सोच जागृत करनी होगी।
डीसी ने कहा कि सरकार द्वारा कृषि,पशुपालन,नवीन एवं नवीकरणीय उर्जा विभाग,मत्स्य,बागवानी सहित अन्य विभागों द्वारा एक ही जगह किसानों की जागरूकता को लेकर मेले का आयोजन किया है,निश्चित रूप से इस मेले का किसानों को पूरा लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि इस तरह का मेला किसानों के बेहतरीन मंच है,जिसका किसानों को फायदा उठाना चाहिए। हमें सौर ऊर्जा आधारित उपकरणों का उपयोग करना चाहिए, क्योंकि यह ऊर्जा और पानी बचाने में मदद करता हैं। ऊर्जा बचाने और साथ ही लोगों को जागरूक करने में इस तरह के आयोजन जरूरी हैं।
*जल और उर्जा संरक्षण के प्रति जागरूकता की जरूरत : एडीसी*
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि एवं डीसी कैप्टन शक्ति सिंह का स्वागत करते हुए एडीसी सलोनी शर्मा ने कहा कि उर्जा और जल संरक्षण के प्रति जागरूकता के उददेश्य से इस कार्यशाला और किसान मेले का आयोजन किया गया है,साथ ही इससे सभी विभागों को एक दूसरे विभागों की प्रैक्टिस का भी पता चलता है। उन्होंने कहा कि जल स्त्रोतों को लेकर हमें इसके संरक्षण के ओर ध्यान देने की जरूरत है,जहां पर जलस्तर कम है,वहां जल को बचाने की बेहद सख्त जरूरत है। इसके अलावा कृषि सहित अन्य क्षेत्रों में उर्जा की मांग दिन प्रतिदिन बढती जा रही है,उर्जा के उत्पादन के हिसाब से खपत ज्यादा है,ऐसे में सौर उर्जा आधारित उपकरणों की अहम भूमिका है। उन्होंने किसानों से पीएम कुसुम योजना का लाभ उठाने का आहवान किया ।
मेले में किसानों ने भाग लेते हुए न केवल योजनाओं की जानकारी ली,बल्कि किसानों ने मौके पर योजनाओं के लिए पंजीकरण भी कराया।
*मेला में सोलर वाटर पंप और ड्रोन प्रदर्शन रहे किसानों के आर्कषण का केंद्र*
मेला परिसर में जिला के विभिन्न गांवों से आए किसानों के लिए विभागों द्वारा सोलर वॉटर पंप और ड्रोन का लाइव प्रदर्शन किया,साथ ही बागवानी,कृषि,नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विभाग,सिंचाई,स्वास्थ्य,एनआरएलएम,सोलर उपकरण,भारत सौर उर्जा केंद्र,कृषि विज्ञान केंद्र,महाराणा प्रताप बागवानी विश्वविद्यालय,पशुपालन विभाग,मिकाडा,उतर हरियाणा बिजली वितरण निगम, व मत्स्य विभाग द्वारा स्टाल लगाई गई थी,जिनपर किसानों ने योजनाओं की बारीकी से जानकारी ली। वहीं वर्कशाप के दौरान सिंचाई विभाग,मिकाडा,पशुपालन,कृषि एवं किसान कल्याण विभाग सहित अन्य विभागों द्वारा योजनाओं की विस्तार से जानकारी दी गई। वर्कशाप के दौरान नवीन एवं नवीकरणीय उर्जा विषय पर प्रश्नोतरी प्रतियोगिता का आयेाजन किया गया,जिसमें विजेता प्रतिभागियों को मुख्य अतिथि ने पुरस्कृत किया।
*कार्यक्रम में इन अधिकारियों और गणमान्य व्यक्तियों की रही मौजूदगी*
इस अवसर पर संस्कारम विश्वविद्यालय के कुलपति डा महिपाल यादव,सिंचाई विभाग के अधीक्षण अभियंता सतीश कुमार जनावा,जनस्वास्थ्य विभाग के एसई अमित श्योकंद,उपकृषि निदेशक डा मनोज कुमार,पशुपालन विभाग के उपनिदेशक डा मनीष डबास,डीआईपीआरओ सतीश कुमार,मिकाडा के कार्यकारी अभियंता मनीष कुमार,ओम सिंह राणा,परियोजना अधिकारी कुलदीप सिंह,जनस्वास्थ्य विभाग के कंस्लटेंट श्याम अहलावत,बीएओ डा अशोक रोहिल्ला,टीओ डा ईश्वर जाखड़ सहित अनेक अधिकारी,प्रगतिशील किसान और गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
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