*केंद्रीय योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा अनुसंधान केंद्र से सर्वत्र फैलेगा योग: सचिव आयुष विभाग राकेश कोटेचा*
*- दिल्ली व एनसीआर क्षेत्र के निकट होने से संस्थान का महत्व बढ़ा: सचिव*
*- जन-जन का जीवन योग व आयुष से जोडक़र स्वस्थ रखने का लक्ष्य*
*- केंद्रीय योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा अनुसंधान केंद्र में शुरू होंगे सर्टिफिकेट, युवाओं  रोजगार व स्वरोजगार के द्वार खुलेंगे*

*झज्जर, 25 फरवरी* लाईव हरियाणा ब्यूरो चीफ जयपाल लाम्बा

। हरियाणा के झज्जर जिले के देवरखाना गांव में केंद्रीय योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा अनुसंधान संस्थान के उद्घाटन समारोह में आयुष मंत्रालय अधिकारियों ने भी शिरकत की। इस दौरान पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए आयुष मंत्रालय के सचिव वैध राकेश कोटेचा ने कहा कि यह संस्थान दिल्ली व एनसीआर के निकट है जिससे समूचे क्षेत्र को इसका फायदा मिलेगा। उन्होंने कहा कि संस्थान से योग व प्राकृतिक चिकित्सा सर्वत्र पहुंचेगी व प्राकृतिक चिकित्सा के क्षेत्र में अनुसंधान के अवसर खुलने से अंतरराष्ट्रीय  स्तर पर क्षेत्र व प्रदेश का नाम चमकेगा।
आयुष विभाग के सचिव ने कहा कि वर्तमान सरकार ने योग को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलवाने का ऐतिहासिक कार्य किया है जिससे वैश्विक स्तर पर लोग इस भारतीय प्रचीनतम पद्धति का लाभ उठा रहे हैं। उन्होंने बताया कि प्रथम योग दिवस की शुरुआत के समय हजारों लोग योग से जुड़े थे, व बीते वर्ष योग दिवस पर करोड़ों लोग योग से जुड़े जो साबित करता है कि योग को दुनिया भर में पहचान मिलती जा रही है।
उन्होंने बताया कि आयुष विभाग द्वारा 2.50 लाख से ज्यादा योग प्रशिक्षकों को ट्रेनिंग देकर तैयार किया जा चुका है। योग प्रशिक्षकों व प्राकृतिक चिकित्सकों की देश में काफी जरूरत है,  जिसे यह संस्थान पूरी करेगा। इस संस्थान में छोटे सर्टिफिकेट कोर्स शुरू किये जाएंगे जिससे युवाओं के लिए रोजगार व स्वरोजगार के अवसर भी खुलेंगे। उन्होंने कहा कि अनुसंधान संस्थान के आसपास के क्षेत्र के युवाओं को सबसे ज्यादा फायदा होगा। उन्होंने कहा कि देश ही नहीं बल्कि विश्व में यह अपनी तरह का पहला योग व प्राकृतिक चिकित्सा का अनुसंधान केंद्र है जहां अनुसंधान व उपचार दोनों होंगे। भविष्य में अनुसंधान के क्षेत्र में इस केंद्र का महत्व वैश्विक स्तर पर होगा।