यूआईडीएआई ने 14 मार्च तक बढ़ाई आधार कार्ड अपडेशन की तारीख : डीसी
– नागरिकों को आठ से दस साल पहले बने आधार कार्ड अपडेट कराना जरूरी

झज्जर, 19 फरवरी।
डीसी कैप्टन शक्ति सिंह ने बताया कि भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) ने जनहित में निशुल्क आधार कार्ड अपडेशन करने की तिथि बढ़ाकर 14 मार्च 2024 कर दी है। उन्होंने आमजन से आह्वान किया है कि वे अपने आठ से दस साल पहले बने आधार कार्ड को 14 मार्च 2024 तक यूआईडीएआई के पोर्टल पर अपडेट करवा सकते हैं। आधार कार्ड को ऑनलाइन अपडेट कराने के लिए आधार कार्ड धारक को किसी प्रकार के शुल्क की अदायगी नहीं करनी होगी।
डीसी ने बताया कि जिला में जिन व्यक्तियों ने पिछले आठ या दस सालों में आधार कार्ड को अपडेट नहीं कराया है, ऐसे व्यक्ति को अपना आधार कार्ड अपडेट कराने के लिए रिहायशी प्रमाण पत्र और स्वयं का पहचान पत्र ऑनलाइन अपलोड करना होगा। आधार कार्ड धारक माई आधार पोर्टल से आधार ऑनलाइन सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं, वहीं माई आधार एप में जहां पहचान पत्र के प्रमाण के रूप में स्वीकार्य दस्तावेजों की सूची भी है और पते का प्रमाण भी उपलब्ध है। उन्होंने जिलावासियों से इस निशुल्क सेवा का लाभ उठाते हुए आधार कार्ड अपडेट कराने का आह्वान किया है, साथ ही ऑनलाइन सेवाओं का लाभ उठाने के लिए अपने मोबाइल नंबर को आधार में अपडेट रखने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि आम नागरिकों को आठ से दस साल पहले बने आधार अपडेट कराना जरूरी है ।
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मुख्यमंत्री भावन्तर भरपाई योजना व बागवानी बीमा योजना का लाभ उठाएं किसान:डीसी
– बाजार में सब्जी, फलों व मसालों की फसल का सही दाम ना मिलने व प्राकृतिक आपदाओं के नुकसान पर भरपाई करेगी प्रदेश सरकार
– योजना के तहत सूचीबद्ध फसलों के उत्पादकों को दिया जाएगा लाभ
झज्जर, 19 फरवरी।
किसानों की आय में वृद्धि करने व फसल विविधीकरण के तहत लगाई गई बागवानी फसलों में होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए प्रदेश सरकार द्वारा मुख्यमंत्री भावन्तर भरपाई योजना व बागवानी बीमा योजना का लाभ दिया जा रहा है। इस योजना के माध्यम से जिला के बागवानी खेती करने वाले किसान फसल की खेती के दौरान व उसके उत्पादन के बाद होने वाले जोखिमों को कम कर सकते है।
डीसी कैप्टन शक्ति सिंह ने बताया कि किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल द्वारा शुरू की गई भावांतर भरपाई योजना व बागवानी बीमा योजना बागवानी किसानों के लिए एक अभूतपूर्व योजना है। यह योजना किसानों को सब्जियों व फलों के भाव से जोखिम मुक्त कर उन्हें फसल का उचित दाम दिलाने में कारगर साबित हो रही है।
डीसी ने बताया की कई बार यह देखने में आया है कि किसान जब अपनी बागवानी की फसल को मंडी में बेचने जाता है तो उसको फसल का सही दाम नहीं मिल पाता। जिससे किसान हतोत्साहित होकर फिर से पारंपरिक खेती करने का विचार करता है। ऐसे किसानों को प्रोत्साहन देने के लिए राज्य सरकार फसल में लगने वाले घाटे (नुकसान ) को कम करने के लिए भावांतर भरपाई योजना के अंतर्गत मुआवजा व मूल्य के रूप में प्रोत्साहन धनराशि प्रदान करेगी।
डीसी ने बताया कि इस योजना के तहत निम्नलिखित फसलों आलू, फूल गोभी, गाजर, मटर,टमाटर, प्याज, शिमला मिर्च, बैंगन भिंडी मिर्च, करेला, बंद गोभी, मूली, किन्नू, अमरूद, चीकू,आडू, आलूबुखारा, आम, नाशपाती, लीची, आंवला, बेर, लहसुन व हल्दी आदि को सूचीबद्ध किया गया है। उन्होंने बताया कि उपरोक्त सभी फसलों के संरक्षित मूल्य सरकार द्वारा पहले से निर्धारित किए गए है। इस योजना के तहत सरकार द्वारा निर्धारित संरक्षित मूल्यों से कम बिक्री होने पर जो नुकसान होगा उसकी भरपाई प्रदेश सरकार द्वारा किसानों को की जाएगी। उत्पादन से पूर्व होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए मुख्यमंत्री बागवानी बीमा योजना के तहत उत्पादक किसान उपरोक्त फसलों का बीमा भी करवा सकते हैं।
डीसी ने बताया कि इस योजना के अंतर्गत सब्जियों व मसालों पर ₹30000 प्रति एकड़ का बीमा किया जाएगा जिसके लिए किसान को 750 रुपये प्रति एकड़ भुगतान करना होगा। वहीं फलों की खेती पर 1000 प्रति एकड़ का प्रीमियम देखकर किसान ₹40000 प्रति एकड़ का बीमा करवा सकता है। योजना का लाभ लेने के लिए उत्पादक का मेरी फसल मेरा ब्यौरा पर रजिस्ट्रेशन होने अनिवार्य है। जिला में इस योजना का लाभ उठाने के इच्छुक किसान इस विषय में और अधिक जानकारी के लिए किसी भी कार्यदिवस में जिला बागवानी अधिकारी के कार्यालय में संपर्क कर सकते है।
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आस पोर्टल आमजन के लिए काफी लाभकारी : डीसी
– राइट टू सर्विस के दायरे में आने वाली सेवाओं में विलंब होने पर होगी ऑटो अपील
झज्जर, 19 फरवरी।
डीसी कैप्टन शक्ति ङ्क्षसह ने कहा कि प्रदेश सरकार ने नई पहल करते हुए आस-ऑटो अपील सॉफ्टवेयर शुरू किया है, जिसके अंतर्गत सेवा के अधिकार में सरकारी सेवाओं की समयबद्धता अनुरूप कार्य करने के लिए बाध्यता सुनिश्चित की गई है। आमजन को राइट टू सर्विस एक्ट की जानकारी भी प्रभावी रूप से दी जा रही है और लोगों को जागरूक भी किया जा रहा है।
डीसी ने बताया कि हरियाणा सरकार द्वारा शुरू किया गया आस पोर्टल आमजन के लिए काफी लाभकारी है। अगर किसी व्यक्ति का कार्य राइट टू सर्विस एक्ट के तहत निर्धारित समय सीमा में नहीं होने पर ऑटो अपील सॉफ्टवेयर के तहत आवेदन अपीलेट अथॉरिटी में चला जाएगा। अपीलेट अथॉरिटी के दायरे में भी काम नहीं होने पर आवेदन आगे वरिष्ठ अधिकारी के पास चला जाएगा। अगर इन दोनों स्तरों पर भी कार्य का निपटान नहीं होने पर आवेदन स्वत: ही राइट टू सर्विस कमीशन के पास आ जाएगा। यह कदम सरकार ने जनहित को ध्यान में रखते हुए प्रशासनिक कार्यशैली को जवाबदेह, पारदर्शी, निष्पक्ष और प्रभावी बनाने के मद्देनजर उठाए है।
डीसी ने बताया कि आमजन से सीधे जुड़े सरकारी विभागों की अधिकतर सेवाएं सेवा का अधिकार अधिनियम के दायरे में नोटिफाई की हुई है। इनमें से कई सेवाएं ऑनलाइन सरल पोर्टल के माध्यम से उपलब्ध करवाई जा रही है। आस-ऑटो अपील सॉफ्टवेयर आमजन के अधिकारों को सशक्त बनाने की दिशा में सरकार का एक अहम कदम है। राइट टू सर्विस एक्ट के दायरे में आवेदक को सरकारी सेवाएं और योजनाओं का समयबद्ध लाभ देना संबंधित विभाग और अधिकारी का सेवा दायित्व है। जिला व उपमंडल स्तर पर कार्यरत सभी विभागों को अपने-अपने कार्यालयों के बाहर सेवा का अधिकार अधिनियम के अनुसार जन जागरूकता के लिए विभागीय सेवाओं का समय सीमा के साथ उल्लेख किया जा रहा है।
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उपभोक्ता कष्ट निवारण फोरम की बैठक आज
झज्जर,19 फरवरी।
जिला मुख्यालय स्थित बिजली निगम के अधीक्षण अभियंता कार्यालय स्थित कांफ्रेंस हाल में मंगलवार 20 फरवरी को उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम (यूएचबीवीएन) की बैठक उपभोक्ता कष्ट निवारण फोरम के चेयरमैन की अध्यक्षता में होगी। प्रवक्ता ने बताया कि यह बैठक मंगलवार 20 फरवरी को सुबह 11 बजे से दोपहर दो बजे1 तक अधीक्षण अभियंता कार्यालय ऑपरेशन सर्कल झज्जर में होगी।
इस बैठक में बिजली व बिलों से संबंधित (चोरी और अनऑथराइज्ड लोड के केसों को छोडक़र) मामलों की सुनवाई होगी। यदि कोई उपभोक्ता अपने परिवाद को लेकर कार्यकारी अभियंता या एसडीओ की कार्यवाही से संतुष्ट न हो तो वह चेयरमैन, अधीक्षण अभियंता के समक्ष अपनी बात रख सकता है। उन्होंने बताया कि फोरम में उपभोक्ता की बिजली से जुड़ी समस्या का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाता है।