:‘अंत्योदय व गरीब’ कल्याण हेतु निरंतर प्रयासरत ‘मनोहर’ सरकार : डीसी*
*- अब 1.80 लाख वार्षिक आय वाले बीपीएल परिवारों को भी मिल रहा हर महीने दो लीटर सरसों तेल*

*झज्जर, 18 फरवरी।*

हरियाणा में अब 1.80 लाख रुपए वार्षिक आय वाले सभी बीपीएल राशन कार्डधारक परिवारों को भी हर महीने दो लीटर सरसों का तेल मिल रहा है। इससे जिला के अनेक बीपीएल परिवार लाभान्वित हो रहे हैं। प्रदेश सरकार द्वारा इससे पहले 1.20 लाख तक वार्षिक आय वाले परिवारों को सरसों का तेल मुहैया कराया जाता था। अब 1.80 लाख तक वार्षिक आय वाले परिवारों को भी यह लाभ दिया जा रहा है।
डीसी कैप्टन शक्ति सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि हरियाणा सरकार ‘अंत्योदय व गरीब’ कल्याण हेतु निरंतर प्रयासरत है। सरकार की ओर से अंत्योदय उत्थान एवं कल्याण के लिए अनेक योजनाएं क्रियान्वित की जा रही हैं ताकि अंत्योदय व गरीब परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत कर उन्हें समाज की मुख्यधारा में लाया जा सके। उन्होंने बताया कि इससे पहले सरकार की ओर से केवल 1.20 लाख वार्षिक आय वाले बीपीएल परिवारों को ही सरसों का तेल दिया जा रहा था। अब 1.80 लाख रुपए वार्षिक आय वाले सभी बीपीएल परिवारों को सरकार की इस जनकल्याणकारी योजना का लाभ मिल रहा है।

*जीएसटी बिल पोर्टल पर अपलोड कर जीतें 10 हजार से एक करोड़ का इनाम : डीसी*
*- नागरिकों को जीएसटी बिल लेने के लिए प्रोत्साहित करना है योजना का उद्देश्य*

*झज्जर, 18 फरवरी।*लाईव हरियाणा ब्यूरो चीफ जयपाल लाम्बा

यदि आप अपने रोजमर्रा की जरूरतों के लिए खरीदे गए सामान के बिल के माध्यम से इनाम जीतना चाहते हैं तो सरकार की यह योजना आपके काम की है। सरकार की ओर से लागू की गई ‘मेरा बिल-मेरा अधिकार’ योजना के तहत आमजन 200 रुपए या इससे अधिक का जीएसटी बिल पोर्टल पर अपलोड कर एक करोड़ रुपए का इनाम जीत सकते हैं। योजना का उद्देश्य टैक्स चोरी को रोकना और आम लोगों को जीएसटी बिल लेने के लिए प्रोत्साहित करना है।
डीसी कैप्टन शक्ति सिंह ने जानकारी देते हुए उपभोक्ताओं से आह्वान किया कि वे दुकानदार से खरीदे गए सामान का बिल अवश्य प्राप्त करें। उन्होंने व्यापारियों से भी आह्वान किया कि वे ग्राहकों को बिल अवश्य दें। उन्होंने बताया कि सरकार ने ग्राहकों को प्रोत्साहित करने और जीएसटी बिलों में बढ़ोतरी के लिए के लिए मेरा बिल मेरा अधिकार योजना लागू की है। इस योजना के तहत जीएसटी बिल अपलोड करने वाले नागरिकों को जीतने पर एक करोड़ रुपए का इनाम दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि मेरा बिल मेरा-अधिकार योजना के तहत लोगों को एक करोड़ इनाम के साथ कई और ईनाम भी मिलेंगे। इस योजना में हर महीने सरकार 800 लोगों को चुनेगी। ये 800 लोग वे होंगे जो हर महीने अपना जीएसटी बिल अपलोड करेंगे। इन 800 लोगों को 10 हजार रुपये का ईनाम मिलेगा। इन 800 लोगों के अलावा सरकार द्वारा 10 ऐसे लोगों का चयन किया जाएगा जिन्हें इनाम स्वरूप 10 लाख रुपए की राशि मिलेगी। उन्होंने बताया कि एक करोड़ रुपये की राशि का लाभ 2 लोगों को मिलेगा।
*एक यूजर महीने में 25 बिल कर सकता है अपलोड*
उन्होंंने बताया कि इस योजना का लाभ केवल उन ही व्यापारियों को मिलेगा जो तिमाही आधार पर जीएसटी बिल अपलोड करेंगे। इसके लिए व्यापारियों को मेरा बिल मेरा अधिकार के एप पर अपना जीएसटी बिल अपलोड करना होगा। इसके अलावा वे वेबडॉटमेराबिलडॉटजीएसटीडॉटजीओवीडॉटआईएन पर भी जाकर जीएसटी बिल अपलोड कर सकते हैं। व्यापारियों को इस योजना का लाभ उठाने के लिए कम से कम 200 रुपए का जीएसटी बिल अपलोड करना होगा। योजना का लाभ पाने के लिए मेरा बिल-मेरा अधिकार के एप को डाउनलोड करना होगा या वेबडॉटमेराबिलडॉटजीएसटीडॉटजीओवीडॉटआईएन पर जा सकते है। इस योजना में एक यूजर महीने में केवल 25 जीएसटी बिल अपलोड कर सकता है। इस योजना का लाभ पाने के लिए जीएसटीआईएन इनवाइस नंबर, बिल का अमाउंट टैक्स अमाउंट और दिनांक आदि की जानकारी दर्ज करनी होगी। इसके अलावा जो भी व्यक्ति इस योजना का लाभ पाता है उसे अपना पैन नंबर, आधार नंबर बैंक अकाउंट की जानकारी मेरा बिल-मेरा अधिकार के एप पर अपलोड करनी होगी।

*माउस की एक क्लिक पर मिल रही जमाबंदी की ऑनलाइन फर्द : डीसी*
*- ऑनलाइन जमाबंदी प्रणाली से सुशासन का सपना हो रहा साकार*
*झज्जर, 18-फरवरी।* डीसी कैप्टन शक्ति सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने अधिकतम शासन, न्यूनतम सरकार के अपने सिद्धांत पर चलते हुए नागरिक केंद्रित सेवाओं को ऑनलाइन किया है। प्रदेश सरकार द्वारा पारदर्शी सुशासन की दिशा में एक कदम और बढ़ाते हुए हरियाणा में जमाबंदी की ऑनलाइन फर्द (कॉपी) ऑनलाइन उपलब्ध कराने के लिए वेब-हैलरिस प्रणाली का उपयोग करते हुए भूमि अभिलेख प्रबंधन कार्यों का कम्प्यूटरीकरण किया गया है, जिसके तहत अब किसानों को जमाबंदी की फर्द माउस की एक क्लिक पर ऑनलाइन मिल उपलब्ध कराई जा रही है।
डीसी ने बताया कि सरकार की ओर से लागू की गई ऑनलाइन जमाबंदी प्रणाली सुशासन की दिशा में मनोहर सरकार द्वारा उठाया गया एक सराहनीय कदम है। उन्होंने बताया कि राजस्व विभाग ने प्रदेशभर की सभी तहसीलों व उप-तहसीलों में वेब-हैलरिस प्रणाली का उपयोग करते हुए भूमि अभिलेख प्रबंधन कार्यों का कम्प्यूटरीकरण किया है। इसके बावजूद किसानों को जमाबंदी के प्रिंट को पटवारी से सत्यापित करवाना पड़ता है, जिससे उन्हें असुविधा का सामना करना पड़ता है। परंतु अब किसान जमाबंदी की डिजिटल हस्ताक्षरयुक्त फर्द jamabandi.nic.in पोर्टल से प्राप्त कर सकते हैं।