हरियाणा में ‘गोरखधंधा’ शब्द बैन, CM ने जारी किए आदेश:धोखाधड़ी या ठगी जैसे कारनामों की जगह होता था इस्तेमाल, नाथ पंथ की आपत्ति के बाद राज्य सरकार ने लगाई रोक
हिसार/ हरियाणा सरकार ने प्रदेश में गोरखधंधा शब्द पर बैन लगा दिया है। इस बारे में मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने आदेश जारी किए हैं। नाथ पंथ के अनुनायियों द्वारा इस बारे में मुख्यमंत्री से मुलाकात करके इस शब्द रोक लगवाने की मांग की गई थी। अब किसी तरह के गलत कार्यों, ठगी-धोखाधड़ी आदि कारनामों में गोरखधंधा शब्द का प्रयोग नहीं किया जा सकेगा। प्रदेश में आम बोलचाल की भाषा में अनैतिक कार्यों के लिए लोग गोरखधंधा शब्द प्रयोग किया जाता रहा है। लोग यही समझते थे कि गोरखधंधा शब्द ही ठगी या धोखाधड़ी से जुड़ा कार्य है।
प्रसिद्ध योगी गोरखनाथ की साधना से प्रचलन में आया था गोरखधंधा शब्द
दरअसल गोरखधंधा शब्द 845 ईस्वी के करीबन पैदा हुए योगी गुरु गोरखनाथ से योग साधना से जुड़ा हुआ शब्द है। योगी गोरखनाथ नाथ संप्रदाय के प्रसिद्ध योगी हुए हैं। गुरु गोरखनाथ ने योग की अलग-अलग कठिन साधनाएं व आसन भी इस संसार को दिए। इन्ही कठिन साधनाओं को उस समय गोरखधंधा नाम से बोला जाता था। धीरे-धीरे य इसका प्रयोग गलत कामों को एक शब्द में परिभाषित करने के लिए होने लगा। योगी गुरु गोरखनाथ ने भारत समेत नेपाल, भूटान, तिब्बत आदि देशों में नाथ मठों की स्थापना की थी। यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व भाजपा सांसद बाबा बालकनाथ भी गोरखनाथ संप्रदाय से ही संबंधित हैं।