चण्डीगढ़ 13 अप्रैल लाईव हरियाणा ब्यूरो चीफ जयपाल लाम्बा
सुरजेवाला की दहाड़-हरकत में केंद्र सरकार
दिल्ली से मास्को तक जागी सरकार।
कई महीनों तक नींद से सोई मोदी सरकार की आधी आंखे खुली हैं और हरियाणा की पहले खट्टर जी और अब नायब सिंह सैनी जी की सरकार अभी भी नींद में उबासी ले रही है।
रूस में मौत के साए में फंसे कैथल-करनाल-अंबाला-हरियाणा के बेबस युवाओं की सकुशल वापसी के लिए लड़ रहे सासंद रणदीप सिंह सुरजेवाला की दखलंदाजी के बाद भारत सरकार हरकत में आई है
:–मॉस्को में भारतीय दूतावास ने रूस के अधिकारियों से इन युवाओं की शीघ्र वापसी के लिए बातचीत की।
:–नई दिल्ली में भारत सरकार के विदेश सचिव ने इन युवकों को जबरन रूसी-यूक्रेनी युद्ध के मोर्चे पर भेजे जाने के मुद्दे को लेकर रूस के राजदूत से बातचीत हुई।
:–भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए भारतीय नागरिकों को भी इन जगहों से दूरी बनाए रखने का निर्देश जारी किया गया।
रणदीप सिंह सुरजेवाला के हस्तक्षेप के बाद केंद्र सरकार कुछ हरकत में तो आई ,लेकिन भ्रामक प्रचार करने वाले मोदीजी ने अभी तक इस मुद्दे पर रुस के राष्ट्रपति श्री व्लादिमीर पुतिन बात क्यों नही की।
सबसे हैरानी की बात यह है कि इस पूरे मसले पर खामोश बैठी हरियाणा की भाजपा सरकार और मुख्यमंत्री ने आज तक केंद्र से कोई गुहार नही लगाई।खास बात ये है कि इनमे से कई युवा खुद मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी जी तथा पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर जी के क्षेत्र से है।
रणदीप सिंह सुरजेवाला ने प्रधानमंत्री मोदी व मुख्यमंत्री नायब सैनी निम्नलिखित सवाल किए है -:
:-मोदी सरकार ने क्यों नही रुस के राष्ट्रपति श्री व्लादिमीर पुतिन बात की ? सच ये है कि कुछ नहीं किया। ऐसी जानलेवा लापरवाही क्यों? क्या कारण है कि देश के प्रधानमंत्री पाँच मिनट का समय निकालकर फ़ोन उठाकर रुस के राष्ट्रपति पुतिन से बात नहीं कर सकते ?
कब तक आप कैथल के इन सात युवाओं व हरियाणा के सेंकड़ों युवाओं को सुरक्षित घर वापस लायेंगे?
:- क्या प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री को मटौर, कलायत निवासी साहिल व रवि की पुकार व उनके पिता बाग़ सिंह की चीत्कार सुनाई नहीं देती? क्या आपने करनाल के हर्ष की मार्मिक अपील नहीं देखी?
:-जब कई महीनों से नौकरी बेचने वाले दलाल हरियाणा के सेंकड़ों युवाओं को “पैसा वसूली” कर विदेशों में धकेल रहे थे तो तत्कालीन मुख्यमंत्री -उपमुख्यमंत्री, खट्टर-दुष्यंत चौटाला क्यों आखें मूँदे थे? और मौजूदा मुख्यमंत्री ने क्या कार्यवाही की?
:-.क्या ये सही नहीं कि इन में से दर्जनों बच्चे पूर्व मुख्यमंत्री की विधान सभा और मौजूदा मुख्यमंत्री की लोकसभा से आते हैं, फिर भी अपनी विधानसभा-लोकसभा के युवाओं के प्रत्ति इतनी उदासीनता और बेरुख़ी क्यों?
सासंद रणदीप सिंह सुरजेवाला ने 7 अप्रैल 2024 को रूस यूक्रेन में फंसे हरियाणा के युवाओं को वापिस लाने के लिए विदेश मंत्री एस जयशंकर को पत्र लिखा था। बड़े पैमाने पर बेरोजगारी के कारण और काम की तलाश में इन युवाओं को मॉस्को ले जाया गया और जबरन उन्हें रूसी-यूक्रेनी युद्ध में युद्ध के मोर्चे पर भेज दिया गया।
कैथल जिले के गांव मटोर निवासी 1. बलदेव, उम्र 32 वर्ष, पुत्र श्री महेंद्र सिंह, 2. राजेंद्र, उम्र 30 वर्ष, पुत्र श्री फूल सिंह 3. मोहित, उम्र 22 वर्ष, पुत्र श्री वेदप्रकाश 4. मंजीत, उम्र 22 वर्ष, पुत्र श्री राजपाल 5. साहिल, उम्र 22 वर्ष, पुत्र श्री भाग सिंह 6. रवि, उम्र 24 वर्ष, पुत्र श्री रामनिवास 7. जिला फतेहाबाद के गांव सुरेवाला से मनदीप, 8. जिला करनाल के गांव साम्भली से हर्ष, उम्र 19 वर्ष।
सुरजेवाला ने बताया कि पिछले कई दिनों से ये सभी लड़के अमानवीय परिस्थितियों में रह रहे हैं, उन्हें प्रताड़ित किया जा रहा है और वे गंभीर संकट में हैं।
रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा कि जब तक हरियाणा के युवा सकुशल वापस नही आते तब तक वो मोदी सरकार को चैन की नीद नही सोने देंगे।