सीएम कप 2024 : खंड व जिला स्तर प्रतियोगिताओ का आयोजन 28 फरवरी से : डीसी
– खण्ड और जिला स्तरीय खेल प्रतियोगिताओं का शेड्यूल जारी
– डीसी कैप्टन शक्ति सिंह ने कहा, प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए रजिस्ट्रेशन 26 फरवरी सायं 6 बजे तक

झज्जर, 24 फरवरी।
लाईव हरियाणा ब्यूरो चीफ जयपाल लाम्बा
खेल विभाग हरियाणा के द्वारा सी.एम. कप का आयोजन महिला तथा पुरुष वर्ग में 28 फरवरी से खण्ड, जिला, जोन व राज्य स्तर पर 06 खेलों में कबडडी, वालीबाल, हैण्डबाँल, खो-खो, फुटबॉल तथा बास्केटबॉल में करवाया जाएगा। यह प्रतियोगिता 28 फरवरी से 3 मार्च तक खण्ड स्तर पर, 5 मार्च से जिला स्तर पर, 7 मार्च से  जोन स्तर पर तथा 9 मार्च से राज्य स्तर पर जिला पंचकुला में करवाई जाएगी। सभी ईच्छुक खिलाडी खेल विभाग की वैबसाईट  https://haryanasports.gov.in/cm-cup-2024/     पर पंजीकरण करें। ये जानकारी शनिवार को डीसी कैप्टन शक्ति सिंह ने दी।
डीसी कैप्टन शक्ति सिंह ने बताया कि प्रतियोगिता के समय खिलाड़ी को अपना मूल आधार कार्ड लेकर आना अनिवार्य है। खिलाड़ी अपना पंजीकरण 26 फरवरी को सायं 6:00 बजे तक कर सकते हैं। उन्होंने स्पष्टï किया कि पंजीकरण के लिए समय सीमा के बाद पंजीकरण फार्म स्वीकार नहीं किए जाएगें।  टीम के कप्तान के द्वारा ही टीम का पंजीकरण  https://haryanasports.gov.in/cm-cup-2024/     किया जाना है तथा पंजीकरण उपरान्त यूनिक कोड मैसेज के माध्यम से प्राप्त होगा, वह अपने सुरक्षित रखेगें। किसी भी खिलाड़ी की आयु सीमा 23 वर्ष से अधिक होने पर टीम को अयोग्य घोषित कर दिया जाएगा। प्रतियोगिता स्थल पर निर्धारित समय से एक घण्टा पूर्व रिपोर्ट करेगें। अपने मोबाइल पर प्राप्त यूनिक कोड को पंजीकरण डेस्क पर जमा करें।
ये रहेगा सीएम में खेलों के लिए खिलाड़ियों की संख्या व खेल का समय  :
खेल खो-खो, कबडडी, हैंडबॉल, वॉलीबॉल और बास्केटबॉल में 12 खिलाड़ी होगें तथा फुटबॉल खेल में 18 खिलाड़ी होगें। सभी फुटबॉल मैच 40 मिनट लम्बे (आधे 20 मिनट) के होगें तथा आधे के बीच में 05 मिनट का ब्रेक होगा। उन्होंने बताया कि खेल वॉलीबॉल मैचों में अधिकतम 03 सेट खेले जायेगें। खेल हैंडबॉल मैच 40 मिनट लम्बे (आधे 20 मिनट) के होगें तथा आधे के बीच में 05 मिनट का ब्रेक होगा। खेल बास्केटबॉल मैचों में 04 क्वाटर(प्रत्येक 10 निमट का) खेला जायेगा। खेल कबडडी के मैच 40 मिनट लम्बे (आधे 20 मिनट) के होगें तथा आधे के बीच में 05 मिनट का ब्रेक होगा। खेल खो-खो में प्रत्येक टीम को स्कोर करने के लिये 02 मोड और बचाव के लिये दो मोड मिलेंगे, प्रत्येक मोड 09 मिनट तक चलेगा। सभी 04 मोडों के बीच 04 मिनट का केवल का ब्रेक होगा।
बॉक्स  1
खंड स्तर पर इस प्रकार आयोजित होंगी प्रतियोगिताएं 
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मिनी स्टेडियम नूना माजरा में फुटबाल व वालीवाल, पंचायत मैदान मातनहेल में फुटबाल व  खो-खो,  राजीव गांधी खेड स्टेडियम डीघल में कबडडी व हैंडबाल, राजीव गांधी खेल स्टेडियम साल्हावास में वालीवाल, हैंडबाल व फुटबाल, डीआरए गुभाना में बास्केटबाल, तथा संस्कारम पब्लिक स्कूल खातीवास मेें बास्केटबाल को आयोजन किया जाएगा।

29 फरवरी को इस प्रकार होगा मुख्यमंत्री कप का आयोजन :

मिनी खेल स्टेडियम जसौर खेड़ी में कबडडी और खो-खो, राजीव गांधी खेल स्टेडियम सिलानी में फुटबाल और कबडडी, पंचायत मैदान भिंडावास में कबडडी, हैंडबाल व वालीवाल, राजीव गांधी खेल स्टेडियम डीघल में वालीवाल व बास्केटबाल, राजीव गांधी खेल परिसर साल्हावास में कबडडी और खो-खो, जयबीर अखाड़ा बुपनिया में हैंडबाल, वालीवाल, कबडडी और खो-खो तथा ब्रिगेडियर रणसिंह स्कूल दुजाना में वालीवाल, हैंडबाल, खो-खो और फुटबाल की प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएगी।
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एक  व दो मार्च का ये रहेगा प्रतियोगिताओं का 
 शैड्यूल    :
बिग्रेडियर होशियार सिंह स्टेडियम बहादुरगढ़ में हैंडबाल व बास्केटबाल, राजीव गांधी खेल स्टेडियम सिलानी में बास्केटबाल व हैंडबाल, राजकीय वरिष्ठï माध्यमिक विद्यालय झामरी में बास्केटबाल, मिनी स्टेडियम भंभेवा में फुटबाल व खो-खो, द्रोणाचार्य सीनियर वरिष्ठï माध्यमिक विद्यालय साल्हावास में बास्केटबाल, राजकीय वरिष्ठï माध्यमिक विद्यालय बादली में फुटबाल तथा महर्षि दयानंद सरस्वती स्टेडियम झज्जर में कबडडी तथा 02 मार्च को राजीव गांधी खेल परिसर सिलानी में वालीवाल और खो-खों खेल का आयोजन करवाया जाएगा।

जिला स्तर पर 5 मार्च को होने वाली प्रतियोगिताओं का ये होगा शैड्यूल :

राजीव गांधी खेल परिसर गांव डीघल में बास्केटबाल व हैंडबाल, महर्षि दयानंद सरस्वती स्टेडियम झज्जर में कबडडी, खो-खों तथा वालीवाल और राजकीय वरिष्ठï माध्यमिक विद्यालय बादली में लडक़ों के लिए और शहीद राजेश जून स्टेडियम नूना माजरा में लड़कियों के लिए वालीवाल प्रतियोगिता का आयोजन होगा।

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प्रधानमंत्री आज वीडियो कांफ्रेंसिंग से करेंगे केंद्रीय  योग एवं  प्राकृतिक चिकित्सा अनुसंधान संस्थान देवरखाना  का उदघाटन


बादली( झज्जर)24 फरवरी।
 देश के  प्रधानमंत्री  श्री नरेन्द्र मोदी रविवार 25 फरवरी को शाम सवा चार  बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से गांव देवरखाना में नवनिर्मित “केंद्रीय योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा अनुसंधान संस्थान  का उद्घाटन करेंगे। यह जानकारी डीसी कैप्टन शक्ति सिंह ने शनिवार को यहां दी। डीसी ने बताया कि स्थानीय स्तर पर आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में  हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री श्री अनिल विज और वीआईपी  की गरिमामयी उपस्थिति रहेगी। उन्होंने बताया कि समारोह में क्षेत्र के अनेक गणमान्य व्यक्ति भी कार्यक्रम में भाग लेंगे।
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लोक नृत्य दलों के पंजीकरण के लिए आवेदन आमंत्रित, 29 फरवरी अंतिम तिथि
– कला एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग हरियाणा द्वारा सभी जिलों से आवेदन आमंत्रित
डीआईपीआरओ सतीश कुमार ने दी जानकारी

झज्जर, 24 फरवरी।
कला एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग हरियाणा द्वारा झज्जर सहित हरियाणा के अन्य जिलों से लोकनृत्य दलों के पंजीकरण के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। इच्छुक दल 29 फरवरी तक विभाग की मेल आईडी   artandculturalaffairshry@gmail.com   पर आवेदन कर सकते हैं। राज्य के पंजीकृत लोक नृत्य दलों को ही विभाग द्वारा आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों में अनुबंधित किया जाएगा।
डीआईपीआरओ सतीश कुमार ने टीम लीडर तथा सह-कलाकारों से संबंधित जानकारी देते हुए बताया कि कोरियोग्राफर व टीम लीडर के नृत्य विधा से संबंधित दस्तावेजों को लाना अनिवार्य है। कोरियोग्राफर की न्यूनतम आयु 35 वर्ष तथा सह-कलाकार की आयु 18 वर्ष से कम नहीं होनी चाहिए। उन्होंने बताया कि किसी एक दल में पंजीकृत सदस्य केवल अपने पंजीकृत दल में ही प्रस्तुति दे सकेगा, अन्यथा विभाग द्वारा उसके पूर्ण दल का पंजीकरण रद्द कर दिया जाएगा।  उन्होंने बताया कि दल के सदस्य पर किसी भी प्रकार का पुलिस केस अथवा कोर्ट केस नहीं होना चाहिए, अन्यथा उसका पंजीकरण रद्द करने के साथ-साथ विभाग द्वारा आयोजित किसी भी कार्यक्रम में प्रस्तुति का कार्य नहीं दिया जाएगा। सभी कलाकार पारम्परिक व साफ-सुथरी वेशभूषा में होने अनिवार्य हैं।  दलों को अग्रिम व नकद राशि नहीं दी जाएगी। राशि की अदायगी कलाकार के व्यक्तिगत बैंक खाते में सीधे की जाएगी।
डीआईपीआरओ सतीश कुमार ने बताया कि मानदेय अदायगी हेतु बिल व सम्बंधित दस्तावेज टीम लीडर द्वारा सत्यापित होने चाहिए। बिलों में कटिंग व व्हाइटनर का प्रयोग नहीं होना चाहिए। पंजीकरण के लिए मूल दस्तावेज जैसे आधार कार्ड, बैंक पासबुक के प्रथम पृष्ठ, कैंसेलेल्ड  बैंक चेक, पैन कार्ड, पासपोर्ट साइज फोटो तथा उनकी प्रतियां साथ लाना अनिवार्य है। एक कलाकार केवल एक ही दल में अपना पंजीकरण करवा सकता है। उन्होंने बताया कि अधिक जानकारी के लिए विभाग के कार्यालय एस.सी.ओ. 29, पहली मंजिल, सेक्टर-7 सी, मध्य मार्ग, चंडीगढ़ अथवा मोबाइल नं. 6239573353, 9728970819 पर संपर्क किया जा सकता है। उन्होंने कलाकारों से ज्यादा से ज्यादा संख्या में आवेदन का आह्वान किया है।
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इजराइली  विशेषज्ञ  ने किया पुष्प एवं बीज उत्पादन उत्कृष्टता केन्द्र मुनीमपुर का  दौरा
– इजराइल दूतावास में कृषि विशेषज्ञ उरी रूबिन्सटीन व परियोजना अधिकारी  डॉ. ब्रह्मदेव ने  किसानों को दिए फूल उत्पादन के टिप्स

झज्जर,24 फरवरी।
निकटवर्ती गांव मुनीमपुर में पुष्प एवं बीज उत्पादन उत्कृष्टता केन्द्र का जायजा लेने के लिए इजराइली कृषि विशेषज्ञ  उरी रूबिन्सटीन पहुंचे,जहां बागवानी विभाग के अधिकारियों ने उनका  स्वागत किया और उत्कृष्टता केंद्र की विस्तार से जानकारी सांझा की। इस दौरान  उरी रूबिन्सटीन और बागवानी विभाग के परियोजना अधिकारी  डॉ. ब्रह्मदेव  ने  पुष्प एवं बीज उत्पादन तकनीकी उत्कृष्टता केन्द्र में चल रही गतिविधियों की समीक्षा की।
उल्लेखनीय है कि उरी रुबिन्सटीन नई दिल्ली में इजराइल दूतावास में कृषि अटैचे के रूप में शामिल हुए हैं जो भारत-इजराइल कृषि परियोजना का नेतृत्व करेंगे। बागवानी विशेषज्ञ ने केन्द्र पर बने संरक्षित ढांचे व हाई टेक नर्सरी का गहनता से निरीक्षण किया।   उरी रूबिन्सटीन ने केन्द्र के बागवानी अधिकारियों को नेट हाउस, पोली हाउस में विभिन्न फसलों की पैदावार को आधुनिक तकनीकी के माध्यम से बढाने के तरीके बताए, केन्द्र पर चल रही गतिविधियों की सराहना की । उन्होंने  किसानों के लिए जागरूकता कार्यकम चलाने को कहा ताकि किसानों की आय को बढ़ाया जा सके।
इस बीच विभाग के डॉ. सुरेश चंद, विषय वस्तु विशेषज्ञ, डॉ. हेमन्त सैनी, विषय वस्तु विशेषज्ञ ने केंद्र का संरक्षित ढांचा, हाई-टेक नर्सरी व केन्द्र पर चल रहे अन्य विकास कार्यों के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने  बताया कि  केन्द्र पर बनी हाई-टेक नर्सरी में किसानों के लिए स्वस्थ एवं उच्च किस्म की सब्जियों की पौध अनुदान राशि पर तैयार की जाती है ताकि किसान कम मूल्य में उच्च गुणवत्ता की फसल तैयार कर सके। इसके साथ-साथ केन्द्र पर समय-समय पर चलाए जाने वाले साप्ताहिक व एक दिवसीय प्रशिक्षण के बारे में भी अवगत कराया गया जिसमें किसानों को फूल उत्पादन की उन्नत तकनीकों से अवगत कराया जाता है। उन्होंने केन्द्र की किसान हितैषी योजनाओं व गतिविधियों के बारे में अवगत कराया।  उल्लेखनीय है कि पूर्व कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ ने क्षेत्र के किसानों की आय बढ़ाने के लिए  मुनिमपुर गांव में  फूल एवं बीज उत्पादन तकनीकी उत्कृष्टता केन्द्र की स्थापना की थी।   किसानों ने बताया कि यह केंद्र खुलने से क्षेत्र के किसानों को काफी लाभ हुआ है।
इस अवसर पर  उद्यान विभाग के उप-निदेशक डॉ. दीपक धत्तरवाल, केन्द्र के इंचार्ज डॉ. सुरेश चंद सहित विभागीय अधिकारी और प्रगतिशील किसान उपस्थित थे।
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स्कूली छात्रों ने किया क्षेत्रीय बागवानी अनुसंधान केंद्र रईया का दौरा
– छात्रों ने बागवानी की विशेषज्ञों से ली रोचक जानकारी
– पोष्टिक  फल एवं सब्जी और ऑर्गेनिक उत्पाद पर अनुसंधान में हो रहा शोध :  डॉ एसपी यादव

झज्जर, 24 जनवरी। 
क्षेत्रीय बागवानी अनुसंधान केंद्र रईया का गुरुग्राम जिले के  स्कूली छात्रों ने दौरा किया और बागवानी के बारे में विशेषज्ञों से जानकारी ली। अनुसंधान केंद्र में सब्जियों के विशेषज्ञ डॉ एसपी यादव और फलों के विशेषज्ञ डॉ शहरून खान ने विजिटिंग छात्रों को विस्तार से जानकारी दी।
डॉ यादव ने बताया कि यह केंद्र बागवानी  किसानों के लिए  वरदान साबित होगा। केंद्र में फिलहाल चार लाख पौध तैयार करने की सुविधा उपलब्ध है। बागवानी किसान यह सुविधा ले सकते हैं। किसानों को समय समय पर बागवानी की उन्नत किस्म के बीजों, बिजाई के तरीके और न्यूनतम लागत में अधिकतम उत्पाद लेने के बारे में जागरूकता शिविर आयोजित किए जाते हैं। डॉ महरून ने बताया कि  अनुसंधान में ड्रैगन फ्रूट, अनार, बेर और अमरूद की उन्नत किस्म तैयार करने कप शोध चल रहा है। इसके अतिरिक्त स्थानीय वातावरण में कौन से पौष्टिक फल अधिक पैदावार देगें और एनसीआर की मार्किट में फल एवं सब्जियों की मांग के अनुसार उन्नत किस्म के बीज और पौध किसानों को उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य हो रहा है।
केन्द्र के विशेषज्ञों ने छात्रों को मौसमी फल सब्जी , किचन गार्डन , घर मे गमलों में बेलदार सब्जियों के उत्पादन के बारे में जानकारी दी। डॉ यादव ने बताया कि कई बेलदार सब्जियां जैसे घीया, त्यौरी, खीरा आदि घर मे ही गमलो में ऑर्गेनिक रुप से  उगाई जा सकती हैं। डॉ एसपी ने बताया कि यह अनुसंधान केंद्र इस क्षेत्र में बागवानी किसानों के वरदान साबित होगा। इस केंद्र का निरन्तर विस्तार हो रहा है।
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