सड़क दुर्घटना होने पर पीड़ितों के लिए प्राथमिक उपचार उसके लिए वरदान सिद्ध हो सकता है:-उप निरीक्षक सत्यप्रकाश

बहादुरगढ़ 07 वीरवार :- लाईव हरियाणा ब्यूरो चीफ जयपाल लाम्बा

पुलिस अधीक्षक झज्जर डॉक्टर अर्पित जैन के मार्गदर्शन में झज्जर पुलिस, अंतर्राष्ट्रीय सड़क सघं दिल्ली व आईडीटीआर बहादुरगढ़ की संयुक्त टीमों ने एसआर सेंचुरी पब्लिक स्कूल बहादुरगढ़ के ड्राइवर व कंडक्टरों को सड़क सुरक्षा के नियमों का पालन करने तथा सड़क दुर्घटना होने पर प्राथमिक उपचार देने के बारे में उन्हें विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए, सड़क सुरक्षा नियमों कि जानकारी होने के साथ-साथ दुर्घटना होने पर व्यक्ति की कैसे देखभाल करनी है। यह जानकारी होना भी बहुत जरूरी है। प्राथमिक उपचार की मूल बातों की जानकारी होने से दुर्घटना-पीड़ित की जान बचाने के लिए अतिरिक्त समय मिल जाता है। आपातकालीन हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी होने पर भी किसी के एम्बुलेंस से संपर्क करने की प्रतीक्षा करते समय अतिरिक्त समय की बर्बादी को बचा सकते हैं।
उन्होंने बताया कि जब आप किसी व्यक्ति को दुर्घटनाग्रस्त देखते हो तो सबसे पहले यह सुनिश्चित करे कि व्यक्ति की सांसे व नाडी चल रही है या नहीं क्या पीड़ित के शरीर पर कोई शारीरिक चोट लगी है या नहीं हो सकता है कि आप व्यक्ति के आंतरिक चोटों को देखने में सक्षम न हों, लेकिन दुर्घटना की गंभीरता के आधार पर आप कुछ बाहरी चोटों का सही ढंग से विश्लेषण कर पाओगे।सड़क दुर्घटना में सिर या रीढ़ की हड्डी में चोट लगने की आशंका ज़्यादा रहती है। इसलिए, सर्वप्रथम उस व्यक्ति को सड़क के किनारे सुरक्षित स्थान पर ले जाने में मदद करें, और इस दौरान यह ध्यान रखें कि पीड़ित को सही तरह से ना उठाने से और गंभीर चोटें लग सकती हैं। इसीलिए, आस-पास मौजूद लोगों से दुर्घटनाग्रस्त व्यक्ति को सावधानी पूर्वक सुरक्षित स्थान पर ले जाने के लिए कहें।

सड़क दुर्घटना के शिकार व्यक्ति के लिए प्राथमिक उपचार की कुछ टिप्स : –

1. सबसे पहले आने वाले ट्रैफ़िक को हुई दुर्घटना के लिए सतर्क करें। ऐसा करने से आप पीड़ित की मदद करने के साथ आप खुद की सुरक्षा भी सुनिश्चित करते हैं। यह और होने वाली हताहतों की संख्या को भी रोकता है।

2. इसके बाद सबसे पहले दुर्घटनाग्रस्त गाड़ी का इंजन बंद करें क्योंकि आग लगने का खतरा भी हो सकता है।

3. दुर्घटना के शिकार व्यक्ति को सड़क के किनारे किसी सुरक्षित जगह पर ले जाएं, जिससे वे आने वाले ट्रैफिक, शीशे के टुकड़ों और वाहन से लीक होने वाले तरल पदार्थ या किसी अन्य हानिकारक सामग्री से दूर हो सकें।

4. आप या पास में उपस्थित व्यक्ति को नजदीकी अस्पताल या पुलिस स्टेशन में फ़ोन करने के लिये कहें। यदि व्यक्ति बेहोश हो गया है या उसे साँस लेने में तकलीफ़ हो रही है तो तुरंत पीड़ित को नजदीकी अस्पताल में भेजने का प्रबंध करें। डायल 112 पर या 108 पर कॉल करें

5. इस बात का ध्यान रखें कि पीड़ित के सिर, गर्दन और पीठ को बहुत सावधानी से हिलायें ताकि इनको इधर-उधर झटका नहीं लगें।

6. चोटिल बाइकर के हेलमेट को दो व्यक्तियों की सहायता से निकले ताकि उसकी गर्दन में झटका न लगे। अगर चोटिल व्यक्ति को सांस नहीं ले रहा या सांस लेने में दिक्कत आ रही है तो इन परिस्थितियों में, मुख से मुख रिस्सिटेशन तकनीक द्वारा पीड़ित को साँस लेने में मदद मिलती चाहिए। इस दौरान यातायात समन्वय झज्जर उप निरीक्षक सत्य प्रकाश, आईडीटीआर से राहुल यादव, अंतरराष्ट्रीय संरक्षण दिल्ली से निहारिका सिंह, उज्ज्वल, शुएब और किरण व एसआर सेंचुरी पब्लिक स्कूल बहादुरगढ़ के ड्राइवर कंडक्टर शामिल रहे।