झज्जर 25 जून लाईव हरियाणा ब्यूरो चीफ जयपाल लाम्बा
*वित विभाग का अड़ियल रवैया सरकार को पड़ेगा भारी
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*मांगो पर कार्यवाही नहीं हुई तो तेज होगा आंदोलन*
*अबकी बार वर्तमान सरकार का अनुबंध हो सकता है समाप्त एनएचएम कर्मचारियों का अनुबंध रहेगा जारी*
हरियाणा के समस्त एनएचएम कर्मचारियों ने सुबह 11 बजे से 12 बजे तक 1 घंटे के लिए कार्य रोक दिया जिससे आम जन को परेशानी का सामना करना पड़ा।
उस एक घंटे के दौरान मरीज इधर उधर भटकते रहे ।
एनएचएम कर्मचारी संगठन जिला प्रवक्ता संदीप कुमार जांगड़ा ने बताया कि एनएचएम कर्मचारियों ने अपने पूर्व घोषित कार्यक्रम अनुसार प्रदेश के सभी एनएचएम कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों की पूर्ति के लिए आपातकालीन सेवाओं को छोड़कर सभी कार्य 1 घंटे के लिए रोक दिया। प्रदेश भर से आज के कार्यक्रम में लगभग 16000 कर्मचारियों ने भाग लिया।
इसी पंक्ति में एनएचएम कर्मचारियों ने अपना विरोध प्रदर्शन दर्ज करवाते हुए 11:00 से 12:00 बजे तक जिले भर में अपनी आवाज बुलंद की एवं सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करते हुए 1 घंटे का वर्क सस्पेंड किया गया और 1 घंटे का वर्क सस्पेंड प्रदर्शन 26 एवं 27 जून को भी जारी रहेगा यह प्रदर्शन आम जनता पर भारी पड़ रहा है लेकिन सरकार का कोई जवाब तक नहीं मिल रहा है।
एनएचएम कर्मचारी संगठन हरियाणा के जिला प्रधान अरुण वर्मा ने बताया कि 21 जून को हुई वार्ता में बनी सहमति उपरांत 7वे वेतन आयोग की फाइल गत सोमवार को फिर से अनुमोदना हेतु वित विभाग में भेजी गई थी,परन्तु वित विभाग ने अपना अड़ियल रुख जारी रखते हुए ओर मुख्यमंत्री की अनुमोदना को दरकिनार करते हुए रिजेक्ट कर दिया,जो कि दुर्भाग्यपूर्ण है। संगठन ने अपने इन्हीं कड़वे अनुभवों के कारण दबाव हेतु आंदोलन पर जाने का निर्णय लिया था। हरियाणा में कार्यरत सभी एनएचएम कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री महोदय से पुनः अनुरोध किया कि जनहित ओर कर्मचारी हित में वे मामले में हस्तक्षेप करके वित विभाग से 7वे वेतन आयोग की फाइल को क्लीयर करके लागू करवाएं।ताकि बाकी मुद्दों के लिए बातचीत का माहौल बने और प्रदेश की जनता को कठिनाई ना हो।
एनएचएम कर्मचारियों ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार ने समय रहते कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान नहीं किया तो आंदोलन की उग्रता बढ़ेगी इसके गंभीर परिणाम होंगे क्योंकि वर्तमान सरकार का भी 5 वर्ष का अनुबंध अक्तूबर में समाप्त हो रहा है।
इसलिए पुनः अनुरोध है सरकार मामले की गंभीरता को समझे और मांगो पर त्वरित कार्यवाही करे।