[15/02, 17:47] Jaipal Singh Lamba: चार पहिया वाहन रजिस्टर्ड है तो कटेगा बीपीएल कार्ड, फोर व्हीलर का डेटा पोर्टल ने
परिवार पहचान पत्र के आधार पर सरकार ने परिवारों के बीपीएल कार्ड बनाए हैं। पीपीपी में दिए वार्षिक आय के ब्यौरे पर ही यह परिवार बीपीएल के पात्र माने गए हैं।
अभी तक जमीन, चल, अचल संपत्ति का ब्यौरा ही पोर्टल पर अपडेट था। अब पोर्टल ने उन परिवारों का डेटा उठाना शुरू किया है, जिनके सदस्यों के नाम पर फोर व्हीलर रजिस्टर्ड है। ऐसे परिवार बीपीएल की श्रेणी से बाहर होंगे। इनके कार्ड कट जाएंगे।
पोर्टल पर ऑनलाइन होगी। विद्यार्थियों को बस पास की सुविधा भी अब पीपीपी के आधार पर दी जाएगी।
घर, प्लॉट है तो कटेगा कार्ड, मकान के अलावा प्लॉट रजिस्टर्ड है तो उस व्यक्ति का बीपीएल कार्ड कट जाएगा। सरकार ने 100 गज शहरी, ग्रामीण क्षेत्र में 200 गज • मकान की छूट दी थी।
आईडी देने के बाद वाहनों के प्रदूषण सर्टिफिकेट दिए जा रहे हैं। नए वाहनों के रजिस्ट्रेशन के समय फैमिली आईडी अनिवार्य।
हर माह पोर्टल अपडेट होता है। डिपो होल्डरों के पास अपडेट लिस्ट हर माह जाती है।
: इंडियन नेशनल लोकदल
भाजपा सरकार हर साल फीस बढ़ा कर गरीब बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है: अभय सिंह चौटाला
इनेलो की सरकार बनने पर हरियाणा के युवाओं की प्रदेश में मुफ्त शिक्षा के साथ-साथ विदेश शिक्षा का खर्च भी सरकार वहन करेगी: अभय सिंह चौटाला
भाजपा सरकार बड़े-बड़े विज्ञापन देकर शिक्षा को बढ़ावा देने की बात करती है लेकिन हकीकत यह है कि हरियाणा जिसकी सीमाएं दिल्ली के तीन तरफ लगती हैं उसमें साक्षर रेट केवल 75 प्रतिशत है, जबकि देश का साक्षर रेट कहीं अधिक 86 प्रतिशत है
इनेलो की सरकार बनने पर छात्रों से संबंधित सभी समस्याओं का हल किया जाएगा: अर्जुन चौटाला
इनेलो की छात्र इकाई आईएसओ ने वीरवार को सिरसा स्थित चौधरी देवीलाल यूनिवर्सिटी में छात्र क्रांति दिवस के रूप में अपना पांचवा स्थापना दिवस मनाया। छात्र क्रांति दिवस का आयोजन आईएसओ के राष्ट्रीय प्रभारी अर्जुन चौटाला और इनेलो युवा प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय प्रभारी कर्ण चौटाला के नेतृत्व में किया गया। इनेलो के प्रधान महासचिव अभय सिंह चौटाला मुख्य अतिथि के तौर पर उपस्थित रहे। इस दौरान लोकप्रिय पंजाबी गायक मनकीरत औलख और हरियाणवी गायक मासूम शर्मा ने अपनी प्रस्तुती से वहां हजारों की संख्या में मौजूद युवाओं का मन मोह लिया।
अपने संबोधन में अभय सिंह चौटाला ने कहा कि हमारी नौजवान पीढ़ी जो देश का भविष्य है उसने आईएसओ में अपना विश्वास व्यक्त कर एक मजबूत संगठन देेने का काम किया है। बड़ी हैरानी की बात है प्रदेश की भाजपा सरकार इस बात को लेकर के बड़े-बड़े विज्ञापन देती है और कहती है कि हम शिक्षा को बढ़ावा दे रहे हैं लेकिन हकीकत यह है कि हरियाणा प्रदेश जिसकी सीमाएं दिल्ली के तीन तरफ लगती हैं उसमें साक्षर रेट केवल 75 प्रतिशत है जबकि देश का साक्षर रेट कहीं अधिक 86 प्रतिशत है। इसका मुख्य कारण है कि हरियाणा में यूनिवर्सिटी और कॉलेज की कमी है। जब चौ. ओम प्रकाश चौटाला 2000 में मुख्यमंत्री बने तो उस समय सिरसा में केवल एक नेशनल कॉलेज, एक लड़कियों और एक लडक़ों का कॉलेज होता था। शिक्षा के मामले मे सिरसा सबसे पिछड़ा हुआ इलाका था। उस समय हमारी बेटियों को कैसे अच्छी शिक्षा मिले उसके लिए सबसे पहला लड़कियों के लिए कॉलेज ओडां के ग्रामीण आंचल में खोला गया। जहां बेटियों का कॉलेज बनाया वहीं चौधरी देवीलाल यूनिवर्सिटी बनाई, पन्नीवाला मोटा में इंजीनियरिंग कॉलेज और जननायक देवीलाल के नाम से एक एजूकेशन इंस्टीट्यूट भी बनाया जिसमें आज हजारों की संख्या में युवा अपनी अच्छी शिक्षा ले रहे हैं। आज बीजेपी की सरकार प्रदेश में बच्चों को फ्री शिक्षा देने का झूठा प्रचार कर रही है लेकिन सच्चाई यह है कि कैसे प्रदेश के गरीब घरों के बच्चे पढने से वंचित रहें उसके लिए हर साल फीस बढ़ा कर छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है। अभय सिंह चौटाला ने कहा कि वे आज यह वादा करते हैं कि जब आप इनेलो की सरकार बनाओगे हम न केवल हरियाणा प्रदेश में पढऩे वाले हर बच्चे को मुफ्त में शिक्षा देंगे बल्कि हरियाणा का बच्चा अगर विदेश में भी पढऩे जाएगा तो उसकी भी सारी पढ़ाई का खर्च हरियाणा की सरकार वहन करेगी। साथ ही हर सब डिविजन में एक यूनिवर्सिटी लेवल का कॉलेज खोलेंगे।
अर्जुन चौटाला ने कहा कि आज हरियाणा में शिक्षा के हालात बेहद खराब हैं साथ ही पूरे प्रदेश के छात्रों के हालात बेहद गंभीर हो चुके हैं
इनेलो की छात्र इकाई आईएसओ के राष्ट्रीय प्रभारी अर्जुन चौटाला ने कहा कि आईएसओ को बने पांच साल हो गए और इस दौरान आईएसओ ने रक्तदान, सफाई अभियान, नशा मुक्ति अभियान जैसे समाज कल्याण के कई कार्य किए। उन्होंने कहा कि आज हरियाणा में शिक्षा के हालात बेहद खराब हैं और पूरे प्रदेश के छात्रों के हालात बेहद गंभीर हो चुके हैं। सरकारी यूनिवर्सिटी में सीटों की कमी है, सरकारी विश्वविद्यालयों की फीस प्राइवेट संस्थानों के बराबर कर दी गई है, बिना सिफारिश के छात्रों को एडमिशन नहीं मिलता। इनेलो की सरकार बनने पर छात्रों से संबंधित सभी समस्याओं का हल किया जाएगा। अर्जुन ने कहा कि आज हरियाणा में अभय सिंह चौटाला एकमात्र ऐसे राजनेता हैं जो छात्रों के भविष्य को लेकर बेहद गंभीर हैं। अभय सिंह ऐलनाबाद स्थित लड़कियों के जनता कॉलेज की सभी लड़कियों की तीन साल से पूरी फीस भर रहे हैं और छात्रों के लिए बस का प्रबंध किया है। अब समय आ गया है जब प्रदेश के युवा राजनीति में सक्रिय होकर आने वाले युवाओं के अच्छे भविष्य की नींव रखे।
: सरकार की नाकामयाबी का परिणाम किसान आंदोलन, नुकसान झेल रहे उद्योगपति: अशोक बुवानीवाला
-किसानों की मांग सरकार पूरी कर देती तो नहीं देखना पड़ता यह दिन
-आंदोलन के चलते रास्ते बंद होने से प्रभावित हो रहा है व्यापार
गुरुग्राम।
राष्ट्रीय जन उद्योग व्यापार संगठन के अध्यक्ष अशोक बुवानीवाला ने हरियाणा में किसान आंदोलन को सरकार की लापरवाही और नाकामयाबी करार दिया है। उन्होंने कहा कि अगर सरकार किसानों की पहले ही सुध ले लेती तो यह आंदोलन नहीं पनपता। इस आंदोलन का खामियाजा उद्योगपति, व्यापारी भुगत रहे हैं, जो रास्ते बंद होने के कारण अपना व्यापार नहीं कर पा रहे।
अशोक बुवानीवाला ने कहा कि किसान आंदोलन के कारण दिल्ली और दिल्ली से सटे हरियाणा में उद्योगपतियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अगर जल्दी हालात नहीं सुधरे तो 2020 से मंदी की मार झेल रहे इन उद्योगों को बचाना मुश्किल हो जाएगा। उन्होंने बताया कि नरेला में करीब 3500 हजार और बवाना में 17000 फैक्ट्रियां हैं। हरियाणा के बहादुरगढ़ में करीब 2300 छोटी बड़ी फैक्ट्रियां हैं, जिनमें 40000 से अधिक मजदूर काम करते हैं। इन मजदूरों का दिल्ली और बहादुरगढ़ लगातार आना-जाना बना रहता है। हाईवे से सटे कुंडली और राई औद्योगिक क्षेत्र में 5000 उद्योग हैं। खरखोदा आईएमटी में आने वाले उद्योगों की संख्या 3000 से ज्यादा हो गई है। खरखोदा और पिपली गांव में लगातार उद्योग बढ़ रहे हैं। लेकिन वर्तमान में जिस प्रकार के हालात हैं उनमें इन उद्योगों को चलाना और इन्हें बचाना मुश्किल हो रहा है।
अशोक बुवानीवाला ने कहा कि सरकार को चाहिए कि वह किसान आंदोलन का जल्द से जल्द निपटारा करे, ताकि रास्ते खुल सके और उद्योग धंधे अपने ट्रैक पर चल सकें। उन्होंने कहा कि 2020 में मार्च में लॉकडाउन लगने के बाद उद्योगों को भारी नुकसान हुआ। इसके बाद किसान आंदोलन की मार भी उद्योगों पर पड़ी। एक साल से ज्यादा समय तक रास्ते बंद होने के कारण कच्चा माल आने और पक्का माल भेजने में व्यापारियों को बहुत दिक्कतें हुईं। अब फिर किसान आंदोलन के चलते सरकार ने हरियाणा को पूरी तरह से ब्लॉक करके रख दिया है। दूसरे राज्य में जाना बहुत मुश्किल हो गया है। सडक़ों पर ही वाहन खड़े हैं। सरकार ने हरियाणा को पंजाब और दिल्ली से पूरी तरह से काट दिया है, जिस कारण उद्योगों के लिए मुश्किलें पैदा हो गई हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को उद्योगपतियों की समस्याओं को देखते हुए इस तरफ ध्यान देना चाहिए, ताकि दिल्ली के करीब 21000 और हरियाणा की करीब 11000 उद्योगों को बचाया जा सके।