जलवायु परिवर्तन के खतरे से निपटने में चल रहे प्रयास में झज्जर जिला पर्यावरण प्रहरी के रूप में अग्रणी : डीसी
– डीसी श्याम लाल पूनिया ने गांव मातन में किया पौधरोपण
– ग्रामीणों ने डीसी संग लिया पर्यावरण संरक्षण की दिशा में कदम बढ़ाने का संकल्प
– जल, वायु और जमीन के संतुलन को साधने के लिए एकजुट होकर प्रयास करें जिलावासीे
झज्जर, 06 जून
डीसी श्याम लाल पूनिया ने कहा कि जलवायु परिवर्तन के खतरे से निपटने के लिए चल रहे वैश्विक प्रयास में झज्जर जिला की जनता पर्यावरण प्रहरी बनते हुए आशा की नई किरण बनकर उभर रही है। कोरोना महामारी रूपी आपदा की चुनौती को स्वीकार करते हुए अब झज्जर जिला की जनता पूरी सजगता एवं सतर्कता से पर्यावरण संरक्षण की दिशा में कदम बढ़ा रही है। डीसी पूनिया रविवार की सुबह झज्जर जिला के गांव मातन स्थित बिहारी वाला मंदिर परिसर में ट्रीमैन के नाम से विख्यात देवेंद्र सूरा व सतबीर फौजी के साथ पौधरोपण करने उपरांत उपस्थित ग्रामीणों से रूबरू हो रहे थे। गांव मातन के पर्यावरण प्रेमियों ने नवनियुक्त डीसी का अभिनंदन करते हुए प्रदूषण नियंत्रण के मद्देनजर आयोजित पौधरोपण कार्यक्रम में भागीदार बनने पर उनका आभार व्यक्त किया।
हर आयु वर्ग के लोग दें पर्यावरण संरक्षण में योगदान :
डीसी श्याम लाल पूनिया ने गांव में पौधरोपण करने के साथ ही उपस्थित ग्रामीणों से आह्वान किया कि हर आयु वर्ग के लोगों को पर्यावरण संरक्षण में अपना योगदान देते हुए सुखद धरा की संरचना को साकार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि बदलते परिवेश में पौधरोपण करने के साथ ही उनका संरक्षण बेहद जरूरी है। उन्होंने आमजन से अपील की कि घर में जब भी किसी भी रूप से खुशी का अवसर हो तो परिवार के सदस्यों के साथ मिलकर हर सदस्य को पौधरोपण अवश्य करना चाहिए, साथ ही पौधों के संरक्षण का भी संकल्प लेते हुए अपने आसपास हरित वातावरण बनाए रखने में बढ़चढ़ कर आगे आना चाहिए। डीसी ने कहा कि एनसीआर क्षेत्र में बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए ग्रीन कवर वातावरण अब बेहद जरूरी है, ऐसे में पौधे लगाकर हरी भरी धरा की संरचना को बनाए रखना है। उन्होंने कहा कि जहां जिस भी स्थान पर पेड़ों की देखभाल हो सके तो वहां अवश्य पौधरोपण करते हुए पर्यावरण प्रहरी की भूमिका हर आमजन मानस को निभानी है। झज्जर जिला में सुखद व स्वच्छ वातावरण बनाये रखने के लिए नियमित तौर पर आमजन को पौधरोपण करते हुए पर्यावरण संरक्षण की दिशा में सार्थक कदम बढ़ाने हैं।
क्लाइमेट चेंज की चुनौतियों का सामना करें प्रभावी ढंग से :
डीसी श्याम लाल पूनिया ने पौधरोपण में सहभागी बनी बेटियों का भी उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि क्लाइमेट चेंज की वजह से जो चुनौतियां सामने आ रही हैं, उसके प्रति हमें निरंतर जागरूक रहते हुए सक्रियता से काम लेना है। बेटियां समाज का गौरव हैं और वो पर्यावरण के प्रति जन जागरूकता मुहिम में भी अपने दायित्व का निर्वहन करते हुए समाज में हरे भरे वातावरण की अलख जगा सकती हैं। उन्होंने गांव की बेटियों के साथ पौधे रोपित करते हुए कहा कि विकास और पर्यावरण में संतुलन, ये हमारी पुरातन परंपरा का एक अहम हिस्सा है, जिसको हम आत्मनिर्भर भारत की भी ताकत बना रहे हैं। जीव और प्रकृति के रिश्ते का संतुलन बनाए रखने के लिए सभी को पर्यावरण संरक्षण को लेकर पूरी तरह से ध्यान देने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि जलवायु की रक्षा के लिए, पर्यावरण की रक्षा के लिए हमारे प्रयासों का संगठित होना बहुत जरूरी है। झज्जर जिला का एक-एक नागरिक जब जल, वायु और जमीन के संतुलन को साधने के लिए एकजुट होकर प्रयास करेगा तभी हम अपनी आने वाली पीढ़ियों को एक सुरक्षित पर्यावरण दे पाएंगे।
मास्क का उपयोग निरंतर करें :
ग्रामीणों से रूबरू होते हुए डीसी श्याम लाल पूनिया ने अपील की कि वे कोरोना से दूरी बनाए रखने में प्रशासन के सहयोगी बनें। मास्क का उपयोग अवश्य करें और किसी भी रूप से संक्रमण चक्र न फैले इसके लिए स्वास्थ्य सुरक्षा के प्रति पूरी गंभीरता से नियमों की पालना सुनिश्चित की जाए। उन्होंने बताया कि झज्जर जिला प्रशासन कोरोना रोकथाम में अपनी जिम्मेदारी दृढ़ता से निभा रहा है, ऐसे में आमजन भी पूरी सक्रियता से कोरोना की चैन को तोडऩे में प्रशासन का साथ दें।
यह रहे मौजूद :
गांव मातन में पौधरोपण के दौरान डीआईपीआरओ दिनेश कुमार, ट्रीमैन के नाम से विख्यात देवेंद्र सूरा, सतबीर फौजी, हरद्वारी, सतबीर, मोनू, नरेंद्र व सुमित सहित गांव की बेटियां ने भी पौधरोपण करते हुए पर्यावरण संरक्षण में अपनी जिम्मेदारी निभाने का संकल्प लिया।
गांव मातन में पौधरोपण करते डीसी श्याम लाल पूनिया।
क: गांव मातन में पौधरोपण कार्यक्रम में पर्यावरण प्रेमियों को प्रोत्साहित करते डीसी श्याम लाल पूनिया।
गांव मातन में बेटियों के साथ पौधरोपण में भागीदार बनते हुए पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते डीसी श्याम लाल पूनिया।
कोरोना संक्रमित मरीज स्वस्थ होने उपरांत भी रहें सजग : डीसी
-डीसी श्याम लाल पूनिया ने दी सलाह – कोरोना को मात देने के बाद भी व्यक्ति करें अपने स्वास्थ्य की नियमित मॉनिटरिंग
-पोषक तत्वों से भरपूर डाइट लें और अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखें
झज्जर, 06 जून
कोरोना महामारी के मद्देनजर संक्रमित हुए लोग स्वस्थ होने के बाद भी स्वयं पूरी सजगता व सावधानी रखते हुए स्वास्थ्य सुरक्षा का मजबूत चक्र अपने आसपास विकसित रखें। अपने स्वास्थ्य की नियमित मॉनिटरिंग ही हमें स्वास्थ्य सुधार की ओर ले जाने में अहम है। यह बात डीसी श्याम लाल पूनिया ने कही। जनहित में स्वास्थ्य सुरक्षा पहलुओं के तहत आमजन को जागरूक करते हुए डीसी ने सकारात्मक सुझाव देते हुए कोरोना से दूरी बनाए रखने का संदेश दिया।
डीसी श्याम लाल पूनिया ने कहा कि कोरोना को मात देकर स्वस्थ हुए लोग अपनी दिनचर्या पर विशेष फोकस रखें। उन्होंने कहा कि पोषक तत्वों से भरपूर अच्छी डाइट लें। गंभीर संक्रमण से ठीक हुए व्यक्ति को यदि ब्लैक फंगस के लक्षण स्वयं में दिखें तो तुरंत अपने नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर संपर्क करें। उन्होंने बताया कि कोरोना संक्रमित मरीजों की उचित देखभाल के साथ ही उनका स्वास्थ्य संबंधित उचित मार्गदर्शन स्वास्थ्य विभाग की ओर से किया जा रहा है। प्रशासन की हेल्पलाइन नंबर 1950 तथा स्वास्थ्य सेवाओं के तहत हेल्थ हेल्पलाइन व उमंग पोस्ट कोरोना केयर सेंटर ऐसे लोगों का निरंतर मार्गदर्शन कर रहे हैं। जिला में कोरोना संक्रमित मरीजों को स्वास्थ्य सुधार में पूरी सावधानी बरतने के लिए समय अनुसार सचेत भी किया जा रहा है। डीसी ने कहा कि कोरोना से बचाव के व्यापक प्रबंध जिला प्रशासन द्वारा निश्चित किए गए हैं, ऐसे में संक्रमित मरीजों को चिकित्सा अधिकारियों के दिशा-निर्देशों की पालना करनी होगी तभी बीमारी से बचाव हो सकता है। महामारी के दौर में उपजी नई बीमारी ब्लैक फंगस को लेकर जिला वासियों को स्वास्थ्य सुरक्षा के सुझाव भी प्रभावी रूप से दिए जा रहे हैं।
ब्लैक फंगस से बचाव के लिए सावधानी बेहद जरूरी : सीएमओ
सिविल सर्जन डा.संजय दहिया ने बताया कि स्वास्थ्य जांच में नेत्र रोग से जुड़ी टीम पूरी सक्रियता से लगी हुई है। उन्होंने बताया कि म्यूकर माइकोसिस इंफेक्शन अर्थात ब्लैक फंगस एक गंभीर बीमारी है, जो संक्रमित शरीर के अंदर तेजी से फैलती है। उन्होंने बताया कि यदि व्यक्ति को कैंसर, डायबिटीज, हार्ट, अस्थमा और टीबी जैसी घातक बीमारियों के साथ-साथ कोरोना की बीमारी भी है तो उन्हें ब्लैक फंगस की बीमारी से ज्यादा सचेत रहने की आवश्यकता है। कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों को इस ब्लैक फंगस जैसी बीमारी से अधिक सचेत रहने की जरूरत है। ब्लैक फंगस मरीज के दिमाग, फेफड़े, स्किन पर सीधे अटैक करता है और आंखों की रोशनी तक इस रोग के कारण जा सकती है। ऐसे में मरीज को यदि किसी भी रूप से पलकों पर सूजन दिखाई देती है तो आवश्यक चिकित्सक से जांच करवाते हुए सजगता बरतकर बचाव का सशक्त माध्यम अपनाएं।
नेत्र रोग चिकित्सक डा.मीनू व डा.नूपुर का कहना है कि कोरोना महामारी के कारण विकसित हो रही ब्लैक फंगस बीमारी से बचाव के लिए मरीज ब्लड ग्लूकोज पर नजर अवश्य रखें। साथ ही स्टेरॉयड के इस्तेमाल में समय व डोस का पूरा ध्यान रखा जाए। ऑक्सीजन थेरेपी के दौरान स्टेराइल वाटर का प्रयोग करें। एंटी बॉयोटिक व एंटी फंगल दवाइयों का सावधानी से इस्तेमाल करें और ब्लड शुगर की मात्रा नियंत्रित रखें। यदि किसी भी व्यक्ति को इस प्रकार की बीमारी के लक्षण महसूस होते हैं तो वह तुरंत स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सकों से भी संपर्क करें ताकि समय रहते इसका इलाज संभव हो सके।

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