*छात्रों का सुरक्षित आवागमन प्रशासन की प्राथमिकता : डीसी*
*- डी सी ने स्कूल संचालकों की बैठक में दिए सख्त व स्पष्ट निर्देश*
*- सुरक्षित स्कूल वाहन पॉलिसी की अवहेलना पर होगी तत्काल कड़ी कार्रवाई*
*- छुट्टी के दिन खुले मिले स्कूलों की होगी मान्यता रद्द*
*- स्कूल संचालकों को देना होगा सुरक्षित स्कूल वाहन नीति की अनुपालना का शपथ पत्र*
*- एम.परिवहन एप से आमजन भी चेक करें स्कूल वाहन की फिटनेस*
*- असुरक्षित स्कूल वाहन को तत्काल जब्त करने के दिए निर्देश*
*झज्जर, 12 अप्रैल। लाईव हरियाणा ब्यूरो चीफ जयपाल लाम्बा

डीसी कैप्टन शक्ति सिंह ने शुक्रवार को स्कूली छात्रों के सुरक्षित आवागमन को लेकर संबंधित पक्षों के साथ मैराथन मीटिंग की। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की सुरक्षा को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह से गंभीर है। डीसी ने पहले सभी एसडीएम, आरटीए सचिव व शिक्षा अधिकारियों की मीटिंग ली और छात्रों के सुरक्षित आवागमन को लेकर तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए। डीसी ने दोपहर बाद डीसीपी बहादुरगढ़ मयंक मिश्रा और सहायक पुलिस आयुक्तों, शिक्षा विभाग के अधिकारियों, स्कूल संचालकों/प्रबंधकों के साथ मीटिंग में बहुत ही सख्त व स्पष्टï निर्देश देते हुए कहा कि छात्रों की सुरक्षा के साथ किसी भी स्तर पर कोई लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। छात्र चाहे स्कूल में हो या प्राईवेट और आउटसोर्स किए हुए या स्कूल वाहन में आवागमन कर रह हो। छात्रों के सुरक्षित आवागमन की पूरी तरह से जिम्मेदारी स्कूल प्रबंधन की है। उन्होंने कहा कि स्कूल संचालकों को छात्रों की सुरक्षा के लिए तय नियमों की पालना हर हाल में करनी होगी,अवहेलना पर कोई माफी नहीं है।
डीसी ने स्कूल संचालकों को सरकार द्वारा तय मानकों को पूरा करने वाली स्कूल बसों का ही संचालन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्कूल बसों की सुरक्षा को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने भी आदेश जारी कर रखे हैं। डीसी ने कहा कि सभी स्कूल संचालक स्कूल वाहनों की फिटनेस को अपडेट रखें व ड्राइवरों का समय-समय पर मेडिकल करवाएं। जो ड्राइवर मेडिकल जांच में अनफिट मिलते हैं उन्हें ड्राइवर के पद पर ना रखें। इसके अलावा डीसी ने सरकारी अवकाश के दिन स्कूलों को बंद रखने के निर्देश दिए।
डीसी ने कहा कि सभी स्कूल संचालक या प्रबंधक अपने सभी वाहनों के सुरक्षित स्कूल वाहन नीति की शत-प्रतिशत अनुपालना का शपथ पत्र एक सप्ताह के अंदर प्रशासन को देंगे। असुरक्षित वाहन को स्कूल से बाहर नहीं आने देंगे। असुरक्षित स्कूल वाहन सडक़ पर मिलें तो तत्काल कार्रवाई होगी और इसके लिए स्कूल प्रबंधन, संचालक, प्रिंसिपल, सचिव आदि जो भी जिम्मेदार पदाधिकारी है उसके खिलाफ कानूनन कार्रवाई अमल में लाई जाएगी और वाहन को जब्त कर लिया जाएगा।
बैठक में डीसीपी मयंक मिश्रा ने कहा कि पुलिस की टीमें स्कूल वाहनों का निरीक्षण कर रही हैं। शत-प्रतिशत स्कूल वाहनों का निरीक्षण किया जाएगा। जो भी वाहन नियमों के दायरे में नहीं मिलेगा, उसको जब्त किया जाएगा।
*एम-परिवहन पर चेक कर आमजन भी कर सकता है शिकायत*
डीसी ने आमजन व अभिभावकों से असुरक्षित स्कूल बसों को लेकर जागरूक होने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि कोई भी व्यक्ति सरकार द्वारा सार्वजनिक रूप से जारी की गई एम-परिवहन मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से स्कूल बसों की फिटनेस व दस्तावेजों की मान्यता चेक कर सकता है। इस एप पर किसी भी वाहन के पंजीकृत नंबर के जरिये उक्त वाहन की पूरी जानकारी मिल जाती है। अगर किसी स्कूल वाहन के दस्तावेज पूरे नहीं हैं या फिर उसकी तय अवधि पूरी हो चुकी है तो कोई भी व्यक्ति इसकी सूचना प्रशासन को दें सकते हैं।
*बॉक्स:*
*डायल 112 पर दें सूचना*
असुरक्षित स्कूल वाहन की शिकायत आमजन, अभिभावक पुलिस सेवा के डायल 112 पर सूचना दे सकते हैं। पुलिस की टीम तत्काल मौके पर पहुंचकर जांच करेगी।
*छुट्टी बच्चों का अधिकार है: डीसी*
डीसी ने कहा कि सरकार द्वारा निर्धारित छुट्टी के दिन बच्चों को स्कूल में बुलाना बच्चों के अधिकार का उल्लंघन है। स्कूल संचालकों को कानून की पालना करनी होगी। स्कूलों के अलावा कोचिंग संस्थान भी इस दायरे में आते हैं। उन्होंने कहा कि अगर कोई भी स्कूल या फिर कोचिंग संस्थान छुट्टी के दिन खुला मिलता है तो प्रशासन सख्त कार्रवाई करेगा।
*सडक़ सुरक्षा समिति लगाए फिटनेस कैंप*
डीसी ने कहा कि स्कूल ड्राइवरों की फिटनेस जांच के लिए स्पेशल मेडिकल कैंप लगाए जाए व स्कूल बस ड्राइवरों की मेडिकल जांच में जो अनफिट ड्राइवर मिलते हैं उनकी लिस्ट तैयार की जाए। उन्होंने कहा कि अनफिट ड्राइवरों की किसी सूरत में स्कूल बस ड्राइव करते हुए सडक़ पर नहीं दिखना चाहिए, यह स्कूल की जिम्मेदारी है। जो स्कूल संचालक ऐसा करेंगे उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। बैठक में एसडीएम, सहायक पुलिस आयुक्त , शिक्षा विभाग के अधिकारी और स्कूल संचालक व प्रंबंधक मौजूद रहे।