*चार धाम यात्रियों के लिए उत्तराखंड सरकार ने ई-स्वास्थ्य धाम ऐप लॉन्च की*
*चार धाम की यात्रा पर जाने वाले यात्री एप का उठाएं लाभ*
*झज्जर, 2 जून। लाईव हरियाणा ब्यूरो चीफ जयपाल लाम्बा
उत्तराखंड सरकार ने चार धाम यात्रा पर आने वाले तीर्थयात्रियों की स्वास्थ्य देखभाल और निगरानी प्रणाली में सुधार के लिए एक अग्रणी पहल करते हुए ‘ई-स्वास्थ्य धाम’ ऐप लॉन्च किया है। इस एप का उद्देश्य चार धाम की यात्रा पर जाने वाले तीर्थ यात्रियों की यात्रा के दौरान उनकी स्वास्थ्य स्थिति को ट्रैक करते हुए उनकी सुगम यात्रा सुनिश्चित करना है।
एप की प्रमुख विशेषताएं है कि यह तीर्थयात्रियों की स्वास्थ्य स्थिति को निरंतर ट्रैक करेगा। इससे किसी भी आपातकालीन स्थिति में तत्काल सहायता प्रदान की जा सकेगी। प्रत्येक तीर्थयात्री को इस ऐप पर पंजीकरण करना और अपना मेडिकल रिकॉर्ड अपलोड करना आवश्यक है। इससे चिकित्सा टीम को तीर्थयात्रियों की स्वास्थ्य जानकारी पहले से ही उपलब्ध रहेगी। इसके अलावा यात्रा के दौरान विभिन्न स्थानों पर ऑनसाइट स्वास्थ्य स्क्रीनिंग की व्यवस्था की गई है, जिससे तीर्थयात्रियों की स्वास्थ्य स्थिति की नियमित जांच की जा सके। एप में एक इमरजेंसी हेल्पलाइन नंबर भी शामिल है, जिससे किसी भी आपात स्थिति में तुरंत सहायता प्राप्त की जा सकेगी। इस पहल का मुख्य उद्देश्य तीर्थयात्रियों की यात्रा को सुरक्षित और स्वास्थ्यपूर्ण बनाना है। इस ऐप के माध्यम से यात्रियों के स्वास्थ्य संबंधित समस्याओं का पूर्वानुमान लगाया जा सकता है और समय पर उपाय किए जा सकते हैं। तीर्थयात्रियों को https://eswasthyadham.uk.gov.in पर जाकर ई-स्वास्थ्य धाम ऐप पर पंजीकरण करना होगा। चार धाम की यात्रा करने वाले सभी तीर्थ यात्री ई-स्वास्थ्य धाम ऐप का उपयोग करें और अपनी यात्रा को सुरक्षित और स्वास्थ्यप्रद बनाएं।
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*गुरु शिष्य परंपरा प्रशिक्षण योजना के तहत आवेदन आमंत्रित*
*- योजना के तहत परंपरागत संगीत विधाओं के गुरुओं को मिलेगा मानदेय: डीआईपीआरओ*
*झज्जर, 2 जून। लाईव हरियाणा ब्यूरो चीफ जयपाल लाम्बा
प्रदेश सरकार द्वारा लुप्त होती कलात्मक विधाओं की पहचान स्थापित करते हुए उन्हें संरक्षण देने के लिए गुरु शिष्य परंपरा प्रशिक्षण योजना के तहत आवेदन आमंत्रित किए हैं। कला एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग द्वारा लुप्त होती विधाओं जैसे लोक गायन, लोकगाथा, लोक चित्रकला, लोक नाट्य, दुर्लभ वाद्य यंत्रों, लोक नृत्य विधा का प्रशिक्षण देने वाले गुरुओं व उनके शिष्यों के नाम, पता व दूरभाष नंबर सहित विवरण की सूची मांगी गई है। इस योजना के तहत 10 जून तक आवेदन किया जा सकता है।
जिला सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी कुलदीप सिंह बांगड़ ने जानकारी देते हुए बताया कि इस योजना के तहत चयनित गुरु व शिष्यों को उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र प्रयागराज द्वारा गुरु को 7500 रुपए प्रतिमाह, प्रति संगीतकार को 3750 रुपए प्रतिमाह एवं प्रत्येक शिष्य को 1500 रुपए प्रतिमाह एक वर्ष तक मानदेय प्रदान किया जाएगा। इस संबंध में अधिक जानकारी के लिए लघु सचिवालय की जिला सूचना एवं जनसंपर्क कार्यालय में संपर्क किया जा सकता है। या फिर उक्त विद्याओं में पारंगत प्रशिक्षक अपना नाम, पता एवं दूरभाष नंबर सहित अन्य विवरण निदेशक कलां एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग, हरियाणा, एससीओ नंबर-29, सेक्टर 7-सी, मध्य मार्ग, चंडीगढ़ भेज सकते हैं ताकि उनका विवरण उत्तर-मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र प्रयागराज को भिजवाया जा सके।
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