*उन्नत कृषि व ऊर्जा-जल संरक्षण से किसानों को जोड़ेगा किसान मेला: एडीसी सलोनी शर्मा*
*- किसान मेले में ऊर्जा एवं जनस्वास्थ्य विभाग के एसीएस अपूर्व कुमार होंगे मुख्य अतिथि*
*- एक मार्च को संस्कारम स्कूल में आयोजित होगा किसान मेला, तैयारियां पूरी*

*झज्जर, 28 फरवरी।* लाईव हरियाणा ब्यूरो चीफ जयपाल लाम्बा
जल एवं ऊर्जा संरक्षण के प्रति किसानों व आमजन को जागरूक करने के लिए एक मार्च को संस्कारम स्कूल, खातीवास में आयोजित होने वाले किसान मेले में ऊर्जा एवं जनस्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव (एसीएस) अपूर्व कुमार सिंह बतौर मुख्य अतिथि शिरकत करेंगे। इसके अलावा डीसी कैप्टन शक्ति सिंह विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे। जानकारी देते हुए एडीसी सलोनी शर्मा ने बताया कि मेले को लेकर प्रशासन ने व्यापक स्तर पर तैयारियां की जा रहीं हैं।
एडीसी सलोनी शर्मा ने बताया कि किसानों को जागरूक करने के लिए अनेक प्रदर्शनी लगाई जाएंगी। उन्होंने बताया कि मेले में मुख्य आकर्षण सोलर वॉटर पंप का लाइव प्रदर्शन, बागवानी व मत्स्य विभाग की प्रदर्शनी होगी व इसके अलावा भी अनेक स्टॉल्स मेले में लगाई जाएंगी। एडीसी ने कहा कि किसान मेले का आयोजन बड़े स्तर पर किया जाएगा व इसका मुख्य उद्देश्य किसानों को जल एवं ऊर्जा के संरक्षण को लेकर जागरूक करना व सरकार द्वारा नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा को लेकर चलाई जा रही विभिन्न महत्वाकांक्षी योजनाओं के प्रति जागरूक करना है। एडीसी ने कहा कि इन योजनाओं को जिले के प्रत्येक किसान व नागरिक तक पहुंचाने व उन्नत कृषि करने वाले किसानों की कहानियों के जरिये अन्य किसानों को प्रेरित करने के लिए किसान मेले का आयोजन किया जा रहा है। मेले में एक पारस्परिक संवाद (इंटरैक्टिव सत्र) होगा जो किसानों के लिए काफी फायदेमंद रहेगा।
*ये रहेगा किसान मेले में आकर्षण*
– मिट्टी व पानी के नमूनों की जांच
– सभी विभागों की प्रदर्शनी
– सोलर वॉटर पंप प्रदर्शनी
– कृषि स्कीमों की जानकारी
– ऑन द स्पॉट रजिस्ट्रेशन
– प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता
*कृषि, बागवानी सहित अन्य विभागों की लगेगी प्रदर्शनी*
एडीसी ने बताया कि किसान मेले के दौरान जिले के नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि, बागवानी, बिजली निगम, मत्स्य पालन, सिंचाई एवं जल संसाधन सहित काफी विभाग अपनी प्रदर्शनी लगाएंगे और अपने-अपने विभागों की योजनाओं को मेले में पहुंचने वाले किसानों तक पहुंचाने का कार्य करेंगे। इन प्रदर्शनियों पर विभागों द्वारा बड़े रचनात्मक ढंग से प्रस्तुतियां दी जाएंगी जिससे लोगों में जागरूकता बढ़ेगी। कृषि प्रधान क्षेत्र होने के कारण किसान मेले के माध्यम से किसानी से जुड़े लोगों को विभिन्न योजनाओं की न केवल जानकारी बल्कि वो मौके पर ही योजनाओं के लिए आवेदन कर सकेंगे।
*ऊर्जा एवं जल संरक्षण विषय पर रहेगा फोकस*
एडीसी ने बताया कि किसान मेले को अलग-अलग सत्र में विभाजित किया जाएगा। कृषि से जुड़े अलग-अलग विभागों द्वारा विभिन्न सत्रों में कृषि के लिए सरकार द्वारा दी चलाई जा रही योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी जाएगी। सोलर एनर्जी, वॉटर कंजर्वेशन से संबंधित कई योजनाओं के स्पेशल काउंटर स्थापित किये जाएंगे व किसान अपनी सुविधानुसार जल व ऊर्जा संरक्षण योजना के लिए वहां से रजिस्ट्रेशन कर सकेंगे।
*किसानों की कृषि शंकाओं का होगा तुरंत समाधान*
एडीसी ने बताया कि कृषि मेले में कृषि विशेषज्ञ भी शामिल होंगे जो किसानों को मॉडर्न कृषि तकनीकों से अवगत करवाएंगे कि किस प्रकार से जल एवं ऊर्जा संरक्षण के साथ कृषि की जा सकती है। इसके अलावा पारंपरिक कृषि के बजाए मॉडर्न तकनीक से कृषि करते हुए किसान अधिक मुनाफा कैसे कमा सकते हैं इसके बारे में भी जानकारी दी जाएगा। वैकल्पिक कृषि अपनाते हुए जो किसान अधिक मुनाफा कमा रहे हैं वह अपनी सफलता की कहानी किसानों के समक्ष रखेंगे जिससे किसान उनसे जागरूक होने के साथ अपनी सवालों के जवाब भी हासिल कर सकें।
*कृषि वैज्ञानिकों से रू-ब-रू होने का मेला बेहतरीन मंच*
क्षेत्र कृषि प्रधान है और जिले की काफी बड़ी आबादी कृषि से जुड़ी हुई है। ऐसे में किसान मेले का काफी ज्यादा महत्व है। प्रशासन ने किसान मेले को लेकर बड़े स्तर पर तैयारी की है। मेले में किसानों को कृषि योजनाओं से रू-ब-रू होने का अवसर मिलेगा। जल एवं ऊर्जा संरक्षण को लेकर कई विभागों द्वारा सरकारी योजनाएं चलाई जा रही हैं। वैश्वीकरण के दौर में किसानों को जागरूक करना बेहद जरूरी है और किसान मेला विभिन्न विभागों के लिए एक बेहतरीन मंच है जहां से वह अपनी योजनाओं को लेकर किसानों को जागरूक कर सकते हैं। किसानों से संवाद करते हुए उन्हें जागरूक करने, उनकी सफलता की कहानियों को दुनिया के सामने लाने व उनकी समस्याओं के समाधान करने का ये एक बेहतरीन अवसर है। बैठक में संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।