झज्जर 11अगस्त: जयपाल लाम्बा
शहीदों के गौरव व सम्मान के प्रतीक तिरंगे को देखते ही स्वराजगंज में देशभक्तो और स्वतंत्रता सेनानियों की अंग्रेजों के खिलाफ हुंकार की याद ताजा होती है। सन 1947 से पहले भी इस इलाके में स्वतंत्रता सेनानियों ने समय-समय पर तिरंगा फहराया। स्वराजगंज स्वाधीनता संग्राम का मंदिर है इसलिए युवाओं को देश भक्ति के प्रति प्रेरित करने के लिए बेरी विधानसभा तिरंगा यात्रा की शुरूआत यही से होगी । ये बात 14 अगस्त की तिरंगा यात्रा की जानकारी देते हुए भाजपा जिला अध्यक्ष विक्रम कादयान ने कही।
विक्रम कादयान ने कहा कि सन् 1919 में बेरी कस्बा असहयोग आंदोलन का प्रमुख केंद्र बना हुआ था। लाला जानकी दास ने कॉलेज छोड़ दिया था तथा 15 जनवरी 1931 को थाने के सामने विदेशी कपड़ों की होली जलाई गई थी। बेरी के आजादी के दीवानों रामू नाई, चंदा लीलगर, चौधरी दुलीचंद, पंडित चंदराम, बनारसी दास, उजागर मल महाजन, मौजीराम महाजन, चौधरी मायाराम, पंडित नेकीराम, महाशय हर नारायण व शीशराम ने 26 जनवरी 1930 को पूर्ण स्वराज्य की मांग को लेकर जुलूस निकाला तथा स्वराजगंज में तिरंगा फहराया था। इसी गंज में डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद चक्रवर्ती, राजगोपालाचारी, पंडित श्रीराम शर्मा भी पधारे थे। अतः स्वराज गंज और तिरंगे को नमन करके यात्रा निकाली जाएगी। राष्ट्रीयता के इस महायज्ञ में सभी हल्का वासियों ने आहुति डालनी है। रिकॉर्डतोड़ हाजिरी में पहुंचकर तिरंगे को सलाम करना है। अतः इस तिरंगा यात्रा में शामिल होकर गौरवमयी अवसर के साक्षी बने।