*विवाह रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया हुई सरल, विवाह का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य: डीसी*
*- सरकार ने अधिसूचना जारी कर कई अधिकारियों को दिया अधिकार*
*- विवाह पंजीकरण अधिनियम, 2008 के तहत विवाह का पंजीकरण अनिवार्य*
*झज्जर, 17 जून। लाईव हरियाणा ब्यूरो चीफ जयपाल लाम्बा

जिला उपायुक्त कैप्टन शक्ति सिंह ने बताया कि हरियाणा सरकार ने नागरिकों की सुविधा को देखते हुए प्रदेश में विवाह पंजीकरण की प्रक्रिया का सरलीकरण किया है। सरकार ने नागरिकों के मद्देनजर ग्रामीण क्षेत्रों में सिटी मजिस्ट्रेट (सीटीएम), तहसीलदार, नायब तहसीलदार, खंड विकास पंचायत अधिकारी (बीडीपीओ) सहित ग्राम सचिव को मैरिज रजिस्ट्रार के रूप में नामित किया है। इसी प्रकार, शहरी क्षेत्रों के लिए संयुक्त आयुक्त, कार्यकारी अधिकारी, सचिव नगर समिति, तहसीलदार, नायब तहसीलदार नामित रजिस्ट्रार होंगे। मैरिज रजिस्ट्रार की संख्या बढ़ाने और घर से कम दूरी पर मैरिज रजिस्ट्रेशन के लिए नामित अधिकारी का कार्यालय होने के कारण अब विवाह पंजीकरण करवाने वालों के लिए सुविधा के साथ-साथ समय की भी बचत होगी। डीसी ने कहा कि इस संबंध में प्रदेश सरकार द्वारा अधिसूचना जारी कर दी गई है और जिला स्तर पर सभी संबंधित अधिकारियों को आदेशों की अनुपालना के निर्देश दिए गए हैं ताकि आमजन को किसी प्रकार की परेशानी का सामना ना करना पड़े। उन्होंने कहा कि अब विवाह पंजीकरण करवाने वाले लोग स्थानीय स्तर पर अपनी सुविधा अनुसार ग्राम सचिव से लेकर बीडीपीओ, नायब तहसीलदार, तहसीलदार और सिटी मजिस्ट्रेट के माध्यम से मैरिज रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं।
*ऐसे सरल की रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया*
डीसी ने बताया कि वर्तमान में एडीसी-सह-डीसीआरआईओएस के पास परिवार पहचान पत्र डेटाबेस (पीपीपी-डीबी) में डेटा निर्माण और अपडेट से संबंधित जिम्मेदारियां दी गई हैं। विवाह पोर्टल को परिवार पहचान पत्र डेटा बेस के साथ जोड़ा गया है। विवाह पंजीकरण के लिए एडीसी सह डीसीआरआईओ पीपीपी-डीबी को जिला रजिस्ट्रार के रूप में भी नामित किया गया है। उक्त अधिकारी को ही प्रथम अपील कर्ता प्राधिकारी की भी जिम्मेदारी दी गई है। इस प्रक्रिया से जिला स्तर पर विवाह पंजीकरण व परिवार पहचान पत्र में तालमेल बन पाएगा, जिससे नागरिक को फैमिली आईडी के साथ-साथ विवाह पंजीकरण संबंधित शिकायतों का एक ही स्थान पर समाधान हो पाएगा।