जींद, उचाना के आढ़ती रहे हड़ताल पर
सरसों की खरीद पर अढाई प्रतिशत आढ़त की मांग
मंडी में पांच अप्रैल तक देंगे धरना

जींद तथा उचाना की अनाज मंडियों में बुधवार को आढ़तियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर आढ़ती वैल्फेयर एसोसिएशन के बैनर तले अनाज मंडी में प्रदर्शन किया और नारेबाजी कर मार्केट कमेटी सचिव को मुख्यमंत्री को संबोध्तिा ज्ञापन सौंपा। आढ़ती एसोसिएशन प्रधान राजेश गोस्वामी ने कहा कि सरकार द्वारा उनकी आढ़त में कटौती कर अढाई प्रतिशत से भी काफी कम देने व सरसों की एमएसपी पर खरीद उनके माध्यम से न करने पर रोष व्यक्त किया गया। बैठक में आढ़तियों ने हरियाणा प्रदेश व्यापार मंडल द्वारा उनकी मांगों के समर्थन में पांच दिवसीय हड़ताल का समर्थन किया और मंडी में दो घंटे की हड़ताल रख सरकार विरोधी प्रदर्शन कर धरना देने का फैसला लिया। इसके बाद आढ़ती वैल्फेयर एसोसिएशन के सभी आढ़ती यहां से प्रदर्शन व नारेबाजी करते हुए मार्केट कमेटी कार्यालय पहुंचे। जहां आढ़तियों ने कार्यालय प्रांगण में पार्किंग शेड के नीचे बैठकर धरना दिया और सरकार विरोधी नारेबाजी जारी रखी। इसी बीच मार्कीट कमेटी सचिव संजीव कुमार उनके मध्य पहुंचे और आढ़तियों की मांगों को सुन कर मुख्यमंत्री नायब सैनी के नाम ज्ञापन पत्र स्वीकार किया। इसके साथ ही सचिव ने उन्हें भरोसा दिलाया कि वो उनका ज्ञापन प्रदेश के मुख्यमंत्री कार्यालय तक पहुंचा दिया जाएगा। इस मौके पर पूर्व प्रधान रमेश सांगवान, बलवान रेढ़ू, महाबीर जागलान, राजेश कालकंधा, संजय उर्फ राजा कागसरिया, मनोज लाठर, राकेश भारद्वाज, आशीष ढांडा सहित अनेक आढ़ती मौजूद रहे।
उचाना के आढ़ती रहे हड़ताल पर
सरसों की खरीद पर ढाई प्रतिशत आढ़त की मांग
उचाना में आढ़ती सरसों की खरीद पर आढ़त देने के साथ-साथ एमएसपी पर खरीदी जाने वाली फसलों की अढाई प्रतिशत आढ़त देने की मांग को लेकर धरने पर है। सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मार्केट कमेटी सचिव के माध्यम से सीएम के नाम ज्ञापन सौंपा। यहां पर सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रोष भी प्रकट किया गया। धरने की अध्यक्षता आढ़ती दलबीर श्योकंद, राजेंद्र बुडायन ने की। मंडी प्रधान सत्यवान पेगां, रामनिवास करसिंधु ने बताया कि सरकार की तरफ से आढ़तियों की मांग को पूरा नहीं किया जा रहा है। सरसों की फसल में भी आढ़तियों की ढाई प्रतिशत तक आढ़त देने की मांग है, लेकिन वह नहीं दी। अब गेहूं की सरकारी खरीद में भी पूरी आढ़त नहीं दी जा रही है। यदि उनकी मांग सरकार ने नहीं मानी तो पांच अप्रैल तक ऐसे ही मंडी में दो घंटे तक प्रदर्शन करेंगे। पांच अप्रैल के बाद जो प्रदेश आढ़ती एसोसिएशन फैसले लेंगी उसके अनुरूप आढ़ती धरना, प्रदर्शन करेंगे। पेगां ने कहा कि आढ़ती अपनी मांगों को लेकर आज संगठित है। अपने हक की लड़ाई में आढ़ती पीछे नहीं हटेगा। सरकार की मंशा शुरू से ही आढ़तियों को व्यापारी दृष्टि से समाप्त करने की रही है। आढ़ती अपनी मजदूरी के रूप में ढाई प्रतिशत आढ़त की मांग कर रहे है। निरंतर आढ़त को सरकार कम कर रही है। सरसों पर आढ़ती को आढ़त सरकार नहीं देती है। सरकार की मंशा पूरी तरह से आढ़ती विरोधी है।
यह है मांग
1. फसलों की पूरी 2.50 प्रतिशत आढ़त दी जाए।
2. सरकार द्वारा खरीदी जाने वाली सभी फसलों का भुगतान किसान की सहमति के अनुसार आढ़ती या किसान के स्वयं के खाते में अदा किया जाना चाहिए।
3. मार्केट कमेटी के लाइसेंस की अवधि जीएसटी की तरह असीमित होनी चाहिए या जब तक फर्म अपना कार्य बंद ना कर दे। बार-बार रिनीवल कराने की जरूरत नहीं होनी चाहिए।
4. मार्केट कमेटी की लाइसेंस की फीस एकमुश्त हो।