परिवारों में विवाद के कारण पति-पत्नी में बन रही थी दूरिया
: पुलिस ने मतभेद भुलवाकर टूटतें परिवारों को बचाने का किया प्रयास
: पुलिस ने कुशल मार्ग दर्शन में 453 परिवारों को टूटने से बचाया
: झज्जर व बहादुरगढ़ का महिला सैल हो रहा है मददगार साबित
: घरेलू कलह व दहेज प्रताडऩा के है सबसे अधिक मामलें
: काउंसलिंग व बातचीत के माध्यम से निकाला जाता है समस्या का हल
एंकर रीड़ झज्जर,हरियाणा
टूटते परिवारों को बचाने के लिए झज्जर पुलिस विभाग द्वारा शुरू किए गए
प्रयासों का बेहतर परिणाम सामने आ रहै हैं। आपसी पारिवारिक मतभेदों के
कारण टूटते परिवारों को बचाने के लिए एसपी श्री राजेश दुग्गल के दिशा
निर्देश अनुसार झज्जर पुलिस द्वारा शुरू किया गया अभियान लगातार जारी है।
आपसी परिवारिक छोटी मोटी बातों को लेकर पुलिस के पास पहुंची शिकायतों को
गंभीरता से लेते हुए महिला थाना प्रबंधक झज्जर तथा महिला थाना प्रबंधक
बहादुरगढ़ को टूटते परिवारों को बचाने के लिए काउंसलिंग व आपसी बातचीत के
माध्यम से दोनों पक्षों को संतुष्ट करने के संबंध में विशेष रूप से कड़े
दिशा निर्देश दिए गए थे। उच्चाधिकारियों से मिल आदेश के बाद महिला थाना व
महिला सैल की टीमों द्वारा शिकायतकर्ता सहित दोनों पक्षों के लोगों को
आमने-सामने बिठाकर बातचीत के माध्यम से अधिकतर समस्याओं का समाधान करके
दोनों पक्षों को राजी करने में कामयाबी हासिल की गई। इस कार्य में एडीआर
सेंटर झज्जर की भूमिका भी सराहनीय रही। आपसी विवाद के कारण एक दूसरे से
दूरियां बनाकर रह रहे दंपती को काउंसलिंग व बातचीत के माध्यम से मतभेदों
को दूर करके आपस में मिलाया गया। झज्जर जिला में स्थित महिला थाना झज्जर,
महिला थाना बहादुरगढ़ तथा महिला सैल घरों को टूटने से बचाने में काफी
मददगार साबित हो रहा है। महिला पुलिस की अलग-2 टीमों ने इस वर्ष में
पति-पत्नी व परिवार के आपसी विवाद के बाद पुलिस तक पहुंचे मामलों में
दोनों पक्षों के बीच सुलह करवा उनके घर बसाने वह टूटने से बचाने में
महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। अधिकतर मामलों में पति द्वारा पत्नी के साथ
अभद्र व्यवहार, मारपीट करना और दहेज के उलाहना देना व दहेज के लिए
प्रताड़ित करने के विवाद सामने आए। घरेलू कलह पति-पत्नी के बीच झगड़ों के
मामलों को काउंसिलिंग के जरिए सुलझाने का झज्जर के महिला थानों व महिला
सैल का रिकॉर्ड बेहतर रहा है। महिला थाना प्रबंधक झज्जर निरीक्षक कविता
देवी, महिला थाना प्रबंधक बहादुरगढ़ उप निरीक्षक नीलम, महिला सेल प्रभारी
झज्जर सहायक उपनिरीक्षक सरिता तथा महिला सेल प्रभारी बहादुरगढ़ सहायक
उपनिरीक्षक पूनम की टीमों द्वारा काउंसलिंग व आपसी सहमति से अधिकतर
मामलों को सुलझाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इस वर्ष एक जनवरी से
अब तक करीब 638 शिकायतें परिवारों के बीच झगड़े या मनमुटाव के सम्बंध में
मिली थी। घरेलू विवाद का दूसरा बड़ा कारण दहेज के लिए ससुरालियों द्वारा
ताने मारना सामने आया है। इनमें से अधिकतर मामलों में महिला थाना व महिला
सैल की टीमों ने परिवारों के आपसी मन-मुटाव दूर करवा कर उनके घर बसाएं
हैं। इस वर्ष के दौरान झज्जर व बहादुरगढ़ में स्थित महिला थानों में करीब
638 शिकायतें दर्ज कराई गई। जिसमें से महिला थाना व सैल की विशेष टीमों
द्वारा अपनी सूझबूझ का परिचय देते हुए काउंसलिंग के माध्यम से करीब 453
परिवारों को टूटने से बचाया और उनके घरों को बसाने का कार्य किया।
प्राप्त की गई शिकायतों में से करीब 224 शिकायतों पर कार्रवाई लगातार
जारी है। प्राप्त शिकायतों में से 68 शिकायतें गंभीर किस्म की होने के
कारण अलग-अलग आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमे दर्ज किए
गए। इनमें दहेज प्रताडऩा सहित मारपीट और जान से मारने की धमकी के मामले
शामिल है। इन मामलों पर तत्परता से कार्रवाई करते हुए महिला थाना की
अलग-अलग टीमों द्वारा नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाई जा रही है।
बाइट: कविता देवी,महिला पुलिस स्टेशन थाना प्रभारी झज्जर

परिवारों में विवाद के कारण पति-पत्नी में बन रही थी दूरिया
: पुलिस ने मतभेद भुलवाकर टूटतें परिवारों को बचाने का किया प्रयास
: पुलिस ने कुशल मार्ग दर्शन में 453 परिवारों को टूटने से बचाया
: झज्जर व बहादुरगढ़ का महिला सैल हो रहा है मददगार साबित
: घरेलू कलह व दहेज प्रताडऩा के है सबसे अधिक मामलें
: काउंसलिंग व बातचीत के माध्यम से निकाला जाता है समस्या का हल
एंकर रीड़ झज्जर,हरियाणा
—————-
टूटते परिवारों को बचाने के लिए झज्जर पुलिस विभाग द्वारा शुरू किए गए
प्रयासों का बेहतर परिणाम सामने आ रहै हैं। आपसी पारिवारिक मतभेदों के
कारण टूटते परिवारों को बचाने के लिए एसपी श्री राजेश दुग्गल के दिशा
निर्देश अनुसार झज्जर पुलिस द्वारा शुरू किया गया अभियान लगातार जारी है।
आपसी परिवारिक छोटी मोटी बातों को लेकर पुलिस के पास पहुंची शिकायतों को
गंभीरता से लेते हुए महिला थाना प्रबंधक झज्जर तथा महिला थाना प्रबंधक
बहादुरगढ़ को टूटते परिवारों को बचाने के लिए काउंसलिंग व आपसी बातचीत के
माध्यम से दोनों पक्षों को संतुष्ट करने के संबंध में विशेष रूप से कड़े
दिशा निर्देश दिए गए थे। उच्चाधिकारियों से मिल आदेश के बाद महिला थाना व
महिला सैल की टीमों द्वारा शिकायतकर्ता सहित दोनों पक्षों के लोगों को
आमने-सामने बिठाकर बातचीत के माध्यम से अधिकतर समस्याओं का समाधान करके
दोनों पक्षों को राजी करने में कामयाबी हासिल की गई। इस कार्य में एडीआर
सेंटर झज्जर की भूमिका भी सराहनीय रही। आपसी विवाद के कारण एक दूसरे से
दूरियां बनाकर रह रहे दंपती को काउंसलिंग व बातचीत के माध्यम से मतभेदों
को दूर करके आपस में मिलाया गया। झज्जर जिला में स्थित महिला थाना झज्जर,
महिला थाना बहादुरगढ़ तथा महिला सैल घरों को टूटने से बचाने में काफी
मददगार साबित हो रहा है। महिला पुलिस की अलग-2 टीमों ने इस वर्ष में
पति-पत्नी व परिवार के आपसी विवाद के बाद पुलिस तक पहुंचे मामलों में
दोनों पक्षों के बीच सुलह करवा उनके घर बसाने वह टूटने से बचाने में
महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। अधिकतर मामलों में पति द्वारा पत्नी के साथ
अभद्र व्यवहार, मारपीट करना और दहेज के उलाहना देना व दहेज के लिए
प्रताड़ित करने के विवाद सामने आए। घरेलू कलह पति-पत्नी के बीच झगड़ों के
मामलों को काउंसिलिंग के जरिए सुलझाने का झज्जर के महिला थानों व महिला
सैल का रिकॉर्ड बेहतर रहा है। महिला थाना प्रबंधक झज्जर निरीक्षक कविता
देवी, महिला थाना प्रबंधक बहादुरगढ़ उप निरीक्षक नीलम, महिला सेल प्रभारी
झज्जर सहायक उपनिरीक्षक सरिता तथा महिला सेल प्रभारी बहादुरगढ़ सहायक
उपनिरीक्षक पूनम की टीमों द्वारा काउंसलिंग व आपसी सहमति से अधिकतर
मामलों को सुलझाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इस वर्ष एक जनवरी से
अब तक करीब 638 शिकायतें परिवारों के बीच झगड़े या मनमुटाव के सम्बंध में
मिली थी। घरेलू विवाद का दूसरा बड़ा कारण दहेज के लिए ससुरालियों द्वारा
ताने मारना सामने आया है। इनमें से अधिकतर मामलों में महिला थाना व महिला
सैल की टीमों ने परिवारों के आपसी मन-मुटाव दूर करवा कर उनके घर बसाएं
हैं। इस वर्ष के दौरान झज्जर व बहादुरगढ़ में स्थित महिला थानों में करीब
638 शिकायतें दर्ज कराई गई। जिसमें से महिला थाना व सैल की विशेष टीमों
द्वारा अपनी सूझबूझ का परिचय देते हुए काउंसलिंग के माध्यम से करीब 453
परिवारों को टूटने से बचाया और उनके घरों को बसाने का कार्य किया।
प्राप्त की गई शिकायतों में से करीब 224 शिकायतों पर कार्रवाई लगातार
जारी है। प्राप्त शिकायतों में से 68 शिकायतें गंभीर किस्म की होने के
कारण अलग-अलग आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमे दर्ज किए
गए। इनमें दहेज प्रताडऩा सहित मारपीट और जान से मारने की धमकी के मामले
शामिल है। इन मामलों पर तत्परता से कार्रवाई करते हुए महिला थाना की
अलग-अलग टीमों द्वारा नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाई जा रही है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

one × 5 =