*बिना अनुमति के प्रचार सामग्री लगाने पर प्रॉपर्टी डिफेसमेंट एक्ट के तहत होगी कार्यवाही :- उपायुक्त एवं जिला निर्वाचन अधिकारी अजय कुमार*

– कानूनी प्रावधानों को कड़ाई से लागू करने के आयोग के निर्देश

– आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन पर होगी कार्यवाही

– निष्पक्ष व पारदर्शी तरीके से करवाए जाएंगे चुनाव

– प्रजातंत्र की मजबूती के लिए प्रत्येक मतदाता करें मतदान

रोहतक : 17 मार्च लाईव हरियाणा ब्यूरो चीफ जयपाल लाम्बा

रोहतक उपायुक्त एवं जिला निर्वाचन अधिकारी अजय कुमार ने कहा है कि चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन करने वाले लोगों के खिलाफ जनप्रतिनिधि अधिनियम के तहत कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। उन्होंने कहा कि लोकसभा 2024 के आम चुनाव की घोषणा के साथ ही आदर्श आचार संहिता प्रभावी हो चुकी है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग के दिशा-निर्देश की अनुपालना सुनिश्चित करवाना जिला प्रशासन की पहली प्राथमिकता है।
अजय कुमार ने कहा कि चुनाव आयोग ने सी-विजिल ऐप बनाया है। इस ऐप पर कोई भी नागरिक वीडियो व ऑडियो बनाकर आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन बारे शिकायत दर्ज करवा सकता है। उन्होंने कहा कि शिकायत मिलने पर 100 मिनट के भीतर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इस ऐप पर चुनाव आयोग की पैनी नजर रहेगी।
उपायुक्त अजय कुमार ने कहा कि जिला में निष्पक्ष व पारदर्शी तरीके से चुनाव प्रक्रिया पूर्ण करवाई जाएगी। उन्होंने बताया कि चुनाव आयोग ने प्रत्याशी की चुनाव खर्च सीमा निर्धारित की है। खर्च की गणना नामांकन पत्र दाखिल होने के दिन से आरंभ हो जाएगी। प्रत्याशी को अलग से चुनाव खर्च विवरण की जानकारी बैंक खाते के माध्यम से देनी होगी। उन्होंने चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों से अपील की कि वे आदर्श चुनाव आचार संहिता की अनुपालना सुनिश्चित करें। इसके साथ ही उन्होंने मतदाताओं से भी आग्रह किया कि वे प्रजातंत्र की मजबूती के लिए चुनाव में अधिक से अधिक मतदान करें।
उपायुक्त एवं जिला निर्वाचन अधिकारी अजय कुमार ने कहा कि आदर्श आचार संहिता के भाग एक क्लोज (6) में निर्देश दिए गए हैं कि कोई भी राजनीतिक दल, उम्मीदवार या उनके कार्यकर्ता संबंधित व्यक्ति की अनुमति के बिना उसकी भूमि, भवन व परिसर की दीवार आदि का प्रयोग झंडा, बैनर, नोटिस व नारे लिखने के लिए नहीं कर सकेगा। उन्होंने कहा कि अगर कोई राजनीतिक दल, उम्मीदवार या उनका कार्यकर्ता ऐसा करता है, तो उसके खिलाफ प्रॉपर्टी डिफेसमेंट एक्ट के तहत कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग ने भी ऐसे प्रावधानों को लागू करने की सिफारिश की है। आयोग ने कहा है कि प्रॉपर्टी डिफेसमेंट के मामले में स्थानीय कानून के प्रावधानों की कड़ाई से लागू किया जाए। कानून के उल्लंघन में शामिल लोगों के खिलाफ पुलिस में मामले दर्ज किए जाए।