*एससी वित्त विकास निगम से ऋण सहायता लेकर अपना व्यवसाय शुरू कर सकते हैं अनुसूचित जाति के लोग*
*- हरियाणा अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम द्वारा प्रदान की जा रही अनेक ऋण योजनाएं-उपायुक्त*

 

*झज्जर, 12 मार्च। लाईव हरियाणा ब्यूरो चीफ जयपाल लाम्बा

हरियाणा अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम का उद्देश्य अनुसूचित जाति के सदस्यों को विभिन्न योजनाओं के लिए ऋण सहायता उपलब्ध करवाकर उनका जीवन स्तर ऊंचा उठाना है। ऋण सहायता से योजनाओं के तहत अनेक प्रकार के व्यवसाय कर सकते है । यह जानकारी डीसी कैप्टन शक्ति सिंह ने मंगलवार को यहां दी।
डीसी ने बताया कि हरियाणा अनुसूचित जाति एवं वित्त एवं विकास निगम द्वारा अनुसूचित जाति के सदस्यों के लिए वार्षिक आय ग्रामीण क्षेत्रों में 49 हजार रूपये तथा शहरी क्षेत्रों में 60 हजार रूपये तक हो तथा उनका नाम बीपीएल सर्वेक्षण सूची में अंकित होना चाहिए। उन्होंने बताया कि बैकों के सहयोग से स्वरोजगार के लिए पशुपालन, हथकरघा, किरयाणा की दुकान, कपड़े की दुकान, ऑटो रिक्शा/साइकिल मरम्मत की दुकान, बैंड पार्टी, आटा चक्की, दरी बनाना, चमड़ा और चमड़े के कार्य, फोटोग्राफी तथा ऑटो रिक्शा इत्यादि के कार्य शुरू करने के लिए 1.50 लाख रूपए तक के ऋण सब्सिडी के साथ दिलवाया जाता है। इसी प्रकार से राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी वित्त एवं विकास निगम के वित्तीय सहयोग से राज्य के सफाई कर्मियों तथा उनके आश्रित जो किसी प्रकार के सैनिटेशन यानि सफाई कार्य में लगे हुए हैं उनको ऋण मुहैया करवाया जाता है। उन्होंने बताया कि फोटोग्राफी, ब्यूटी पार्लर, बुटिक, दवाईयों की दुकान, स्टेशनरी/किताबों की दुकान, फर्नीचर अथवा ईमारती लकड़ी का कार्य, मुर्गी पालन, आटा चक्की, कम्प्यूटर का कार्य, फोटोस्टेट-कम-एसटीडी और ऑटो रिपेयर के लिए दो लाख रूपए तक का ऋण मुहैया करवाया जाता है।