*अब राजकीय स्कूलों में हेल्थ एंबेसडर भी बनेंगे शिक्षक*

पानीपत : राजकीय स्कूलों के शिक्षक अब स्वास्थ्य एंबेसडर (हेल्थ एंड वेलनेस एंबेसडर) का भी काम करेंगे। विशेषकर बायोलॉजी का ज्ञान रखने वाले शिक्षकों को ये जिम्मेदारी मिलेगी। उन्हें स्वास्थ्य विभाग की ओर से प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। इसको लेकर हेल्थ मिनिस्टरी ऑफ एजुकेशन की ओर से शिक्षा विभाग को पत्र भेजा गया है। वहीं हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद ने शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी कर अपने अपने जिले के प्रत्येक स्कूल से दो-दो शिक्षकों के नाम मांगे है। प्रशिक्षण के बाद ये शिक्षक अपने-अपने स्कूल के बच्चों के स्वास्थ्य पर नजर रखेंगे। वहीं स्कूलों में स्कूल हेल्थ एंड वेलनेस प्रोग्राम होंगे। हर स्कूल में दो शिक्षक बनेंगे एंबेसडर।
उक्त कार्यक्रम के तहत हर स्कूल में दो बायोलाजी शिक्षक (एक महिला व एक पुरूष) को हेल्थ एंड वेलनेस एंबेसडर के रूप में मनोनीत किया जाएगा। जिन्हें स्वास्थ्य व्यवहार को बढ़ावा देने और रोगों के रोकथाम के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा। ये केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय एवं परिवार कल्याण व केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के स्कूल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत विद्यार्थियों की सेहत को लेकर कार्य करेंगे। इन्हें स्कूलों में केंद्रीय मंत्रालयों का डिजाइन कार्यक्रम ही लागू करना होगा जोकि प्रत्येक सप्ताह एक घंटे रोचक गतिविधियों के माध्यम से सत्र आयोजित करेंगे। बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर लिया फैसला

कोरोना के संक्रमण से बच्चों को बचाने के लिए राजकीय स्कूलों में शिक्षकों को हेल्थ एंबेसडर बनाने का फैसला लिया गया। क्योंकि घर के बाद बच्चों के साथ ज्यादा समय तक शिक्षक ही स्कूल में रहते हैं। जोकि शिक्षा के साथ बच्चों के स्वास्थ्य पर ठीक से नजर रख पाएंगे। पहले रिसोर्स ग्रुप को किया प्रशिक्षित

केंद्रीय स्वास्थ्य व शिक्षा मंत्रालय ने स्कूल स्वास्थ्य कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए पहले प्रदेश के राज्य स्तरीय रिसोर्स ग्रुप को प्रशिक्षित किया है। इसमें स्वास्थ्य व शिक्षा विभाग के अधिकारी तथा कर्मचारी शामिल हैं। इसके लिए स्कूलों को रिसोर्स सामग्री, ट्रेनिग माडल, विद्यार्थियों के लिए ट्रेनिग पैकेज, थीम बेसिस व अन्य गतिविधियों की रूपरेखा मुहैया कराई जाएगी। मांगे गए है नाम

जिला परियोजना समन्वयक कौशल्या आर्य ने बताया कि परिषद की ओर से डीईओ व सभी बीईओ को पत्र लिख हर स्कूल के लिए दो दो शिक्षकों के नाम मांगे गए हैं। प्रशिक्षण के बाद उक्त शिक्षक अपने-अपने स्कूल में बच्चों के स्वास्थ्य का ध्यान रखेंगे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

twelve − nine =