11 हरियाणा बटालियन एनसीसी भिवानी में मनाया गया अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस
लेफ्टिनेंट डॉक्टर रीना ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की

07 मार्च भिवानी :-    लाईव हरियाणा ब्यूरो चीफ जयपाल लाम्बा

दिनांक 7 मार्च 2024 को 11 हरियाणा बटालियन एनसीसी भिवानी में कमांडिंग आफिसर कर्नल रणधीर सिंह के दिशा निर्देशन में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाया गया जिसमें लेफ्ट एंड डॉक्टर रीना ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की । बटालियन के अंतर्गत आने वाले सभी महाविद्यालय के कैडेट्स को आमंत्रित किया गया । करनल रणधीर सिंह ने कैडेट्स को संबोधित करते हुए कहा कि इस साल अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की कैंपेन थीम इंस्पायर इंक्लुजन (Inspire Inclusion) है. इंस्पायर इंक्लुजन का अर्थ है महिलाओं के महत्व को समझने के लिए लोगों को जागरूक करना. इस थीम का अर्थ महिलाओं के लिए एक ऐसे समाज के निर्माण को बढ़ावा देना भी है जहां महिलाएं खुद को जुड़ा हुआ महसूस कर सकें, सशक्त महसूस कर सकें. अगर किसी क्षेत्र विशेष में, जैसे किंसी कंपनी में महिलाएं नहीं हैं, तो इंस्पायर इंक्लुजन कैंपेन के तहत मकसद यह है कि पूछा जाए कि अगर महिलाएं नहीं हैं तो क्यों नहीं हैं. अगर महिलाओं के साथ किसी तरह का भेदभाव हो रहा है तो उस भेदभाव को खत्म करना जरूरी है. अगर महिलाओं के साथ अच्छा बर्ताव नहीं होता है तो उसके खिलाफ कदम उठाना जरूरी है और यह हर बार करना जरूरी है. लेफ्टिनेंट डॉक्टर रीना ने कैडेट्स को संबोधित करते हुए कहा कि अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस 8 मार्च को मनाया जाता है
महिला दिवस 8 मार्च को मनाने की एक खास वजह है। अमेरिका में कामकाजी महिलाओं ने 8 मार्च को अपने अधिकारों को लेकर आंदोलन करते हुए मार्च निकाला था। जिसके बाद सोशलिस्ट पार्टी ने इस दिन महिला दिवस मनाने का एलान किया। बाद में 1917 में पहले विश्व युद्ध के दौरान रूस की महिलाओं ने ब्रेड और पीस के लिए हड़ताल किया। बाद में सम्राट निकोलस ने अपना पद त्याग दिया और महिलाओं को मतदान का अधिकार मिला। ये देख यूरोप की महिलाओं ने भी कुछ दिन बाद 8 मार्च को पीस ऐक्टिविस्ट्स का समर्थन करते हुए रैलियां निकाली। इस कारण 8 मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाने की शुरुआत हो गई। बाद में 1975 में संयुक्त राष्ट्र ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस को मान्यता दे दी।भारतीय महिलाएं ऊर्जा से लबरेज, दूरदर्शिता, जीवन्त उत्साह और प्रतिबद्धता के साथ सभी चुनौतियों का सामना करने में सक्षम हंै। भारत के प्रथम नोबेल पुरस्कार विजेता रवींद्रनाथ टैगोर के शब्दों में, हमारे लिए महिलाएं न केवल घर की रोशनी हैं, बल्कि इस रौशनी की लौ भी हैं। अनादि काल से ही महिलाएं मानवता की प्रेरणा का स्रोत रही हैं। झांसी की रानी लक्ष्मीबाई से लेकर भारत की पहली महिला शिक्षिका सावित्रीबाई फुले तक, महिलाओं ने बड़े पैमाने पर समाज में बदलाव के बडे़ उदाहरण स्थापित किए हंै।वर्तमान में प्रबंधन, पर्यावरण संरक्षण, समावेशी आर्थिक और सामाजिक विकास जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए विशेष ध्यान दिया गया है।
महिलाओं में जन्मजात नेतृत्व गुण समाज के लिए संपत्ति हैं। प्रसिद्ध अमेरिकी धार्मिक नेता ब्रिघम यंग ने ठीक ही कहा है कि जब आप एक आदमी को शिक्षित करते हैं, तो आप एक आदमी को शिक्षित करते हैं। जब आप एक महिला को शिक्षित करते हैं तो आप एक पीढ़ी को शिक्षित करते हैं। इसलिए, यह इस वर्ष के अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की थीम ’’एक स्थायी कल के लिए आज लैंगिक समानता‘‘ है। इस अवसर पर मंच का संचालन साजन हिमांशी व कैडेट नीरज ने किया इस अवसर पर लेफ्टिनेंट डॉक्टर रीना व ऑफिस क्लर्क पूनम को प्रशंसा पत्र देकर सम्मानित किया गया , इस अवसर पर सूबेदार मेजर राजेश ठाकुर सूबेदार श्री श्याम जी सूबेदार अशोक कुमार व समस्त पी स्टाफ उपस्थित रहा।