*डीसी कैप्टन शक्ति सिंह अध्यक्षता में आयोजित हुई जिला स्तरीय नार्को समन्वय समिति की बैठक*
*जिले में नशे को जड़ से खत्म करने के लिए ठोस रणनीति तैयार* *नशा करने वालों की सूची होगी तैयार, गांव के मौजिज व्यक्ति करेंगे गांव-गांव नशा छोडऩे की अपील*
*बिना सीसीटीवी वाली केमिस्ट की दुकानों पर कार्रवाई करेगी पुलिस*

*झज्जर, 1 मार्च।*लाईव हरियाणा ब्यूरो चीफ जयपाल लाम्बा

डीसी कैप्टन शक्ति सिंह की अध्यक्षता में स्थानीय लघु सचिवालय स्थित सभागार में जिला स्तरीय नार्को समन्वय (एनसीओआरडी) समिति की समीक्षा बैठक में जिले से नशे की बुराई को जड़ से मिटाने के लिए प्रशासन ठोस रणनीति तैयार की है। पुलिस व अन्य अधिकारियों के साथ मंथन करने के बाद डीसी ने नशे की लत से समाज को दूर रखने के लिए अहम निर्देश देते हुए नशीले पदार्थ बेचने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।
डीसी ने कहा कि गांवों से नशे को खत्म करने के लिए गांव के सम्मानित लोगों को नशा मुक्ति मुहिम में शामिल किया जाएगा, क्योंकि गांव के मौजिज व्यक्तियों द्वारा कही बातों को युवा काफी गंभीरता से लेते हुए अमल करते हैं। वह युवाओं को गांवों में नशे की बुराई से अवगत करवाते हुए उन्हें नशे के जंजाल से निकालने के कार्य करेंगे। उन्होंने कहा कि केमिस्ट की दुकानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने के पूर्व में निर्देश दिए गए थे व जिन मेडिकल स्टोर संचालकों ने अभी तक सीसीटीवी कैमरे नहीं लगाए हैं उनके खिलाफ पुलिस को कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा पुलिस व स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को नियमित रूप से मेडिकल स्टोर्स का निरीक्षण करने की सख्त हिदायत दी है ताकि उनके स्टाफ में कोई नशीले पदार्थ होने पर कार्रवाई की जा सके। इसके अलावा प्रत्येक क्षेत्र में नशे के आदी हो चुके लोगों की सूची तैयार की जाएगी व साथ ही जो लोग नशा की लत को छोड़ चुके हैं उनकी सूची भी तैयार की जाएगी। डीसी ने कहा कि नशीले पदार्थों की तस्करी में शामिल लोगों को पकडऩे के लिए पुलिस सख्ती के साथ कार्रवाई करे।
डीसी ने बैठक के दौरान कहा कि नशा मुक्ति केंद्रों में नशा मुक्ति के लिए दाखिल हुए व्यक्तियों का रिकॉर्ड प्राप्त किया जाए तथा चेक किया जाए कि व्यक्ति नशे के आदी हैं या नहीं। जेल में बंद नशे के आदी अपराधियों की काउंसलिंग करवाते हुए उन्हें नशे के दुष्परिणामों से अवगत करवाने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि नशे को समाज से पूरी तरह खत्म करने की दिशा में सरकार के दिशानिर्देशों पर जिला प्रशासन गंभीरता से कार्य कर रहा है और निरंतर बेहतर परिणाम सामने आ रहे हैं।