विद्यार्थियों को साइबर क्राइम के बारें में किया जागरूक झज्जर पुलिस अधीक्षक झज्जर डॉक्टर अर्पित जैन के मार्गदर्शन में झज्जर पुलिस की टीम विद्यार्थियों को साइबर क्राइम से बचाव के बारे में जागरूक करने के लिए लगातार कार्यक्रम कर रही है। इसी कड़ी में पुलिस ने सीनियर सेकेंडरी स्कूल डावंला मे विद्यार्थियों को साइबर क्राइम से बचाव के बारे में जागरूक किया। इस दौरान यातायात समन्वय झज्जर उपनिरीक्षक सत्यप्रकाश ने विद्यार्थियों को साइबर क्राइम के बारे में विस्तार से बताया।उन्होंने विद्यार्थियों को साइबर क्राइम से बचने बारे में, साइबर क्राइम होने की स्थिति में किस प्रकार पुलिस से संपर्क किया जा सकता है इस बारे में व साइबर क्राइम के अन्य विषयों पर विस्तार से बताया। उन्होंने विद्यार्थियों को बताया कि ऑनलाइन गेम खेलते वक्त विद्यार्थियों को साइबर क्राइम के बारे में सतर्क रहना चाहिए। इसके अलावा उन्होंने बताया कि किसी भी अनजान ऐप्लिकेशन को अपने मोबाइल में डाउनलोड नही करना चाहिए। वहीं, अज्ञात व्यक्ति के द्वारा भेजे गए लिंक पर क्लिक नही करना चाहिए। अगर कोई विद्यार्थी अपने आपको साइबर क्राइम का शिकार होना महसूस करता है तो इस स्थिति विद्यार्थी को तुरंत अपने माता-पिता को सूचित करना चाहिए। इसके अलावा उन्होंने बताया कि किसी भी अनजान फोन कॉल, वीडियो कॉल या मैसेज का जवाब नही देना चाहिए। सोशल मीडिया पर किसी भी अनजान व्यक्ति की फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार नहीं करनी चाहिए। वहीं, दूसरी ओर कोई भी एप्लिकेशन डाउनलोड करते समय उस एप्लिकेशन द्वारा मांगी गई गैर जरूरी एक्सेस को अलॉउ नहीं करना चाहिए। अंत में उन्होंने बताया कि इस प्रकार से विद्यार्थी व आम नागरिक छोटी-छोटी सावधानियां बरत कर काफी हद तक साइबर अपराधों से बच सकते है और एक अच्छा नागरिक बन कर अपराध रोकने में अपना सहयोग कर सकते है। साइबर अपराध जागरूक कार्यक्रम में स्कूल स्टाफ सदस्य व अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।


झज्जर 27 फरवरी :- लाईव हरियाणा ब्यूरो चीफ जयपाल लाम्बा

पुलिस अधीक्षक झज्जर डॉक्टर अर्पित जैन के मार्गदर्शन में झज्जर पुलिस की टीम विद्यार्थियों को साइबर क्राइम से बचाव के बारे में जागरूक करने के लिए लगातार कार्यक्रम कर रही है। इसी कड़ी में पुलिस ने सीनियर सेकेंडरी स्कूल डावंला मे विद्यार्थियों को साइबर क्राइम से बचाव के बारे में जागरूक किया। इस दौरान यातायात समन्वय झज्जर उपनिरीक्षक सत्यप्रकाश ने विद्यार्थियों को साइबर क्राइम के बारे में विस्तार से बताया।उन्होंने विद्यार्थियों को साइबर क्राइम से बचने बारे में, साइबर क्राइम होने की स्थिति में किस प्रकार पुलिस से संपर्क किया जा सकता है इस बारे में व साइबर क्राइम के अन्य विषयों पर विस्तार से बताया। उन्होंने विद्यार्थियों को बताया कि ऑनलाइन गेम खेलते वक्त विद्यार्थियों को साइबर क्राइम के बारे में सतर्क रहना चाहिए। इसके अलावा उन्होंने बताया कि किसी भी अनजान ऐप्लिकेशन को अपने मोबाइल में डाउनलोड नही करना चाहिए। वहीं, अज्ञात व्यक्ति के द्वारा भेजे गए लिंक पर क्लिक नही करना चाहिए। अगर कोई विद्यार्थी अपने आपको साइबर क्राइम का शिकार होना महसूस करता है तो इस स्थिति विद्यार्थी को तुरंत अपने माता-पिता को सूचित करना चाहिए। इसके अलावा उन्होंने बताया कि किसी भी अनजान फोन कॉल, वीडियो कॉल या मैसेज का जवाब नही देना चाहिए। सोशल मीडिया पर किसी भी अनजान व्यक्ति की फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार नहीं करनी चाहिए। वहीं, दूसरी ओर कोई भी एप्लिकेशन डाउनलोड करते समय उस एप्लिकेशन द्वारा मांगी गई गैर जरूरी एक्सेस को अलॉउ नहीं करना चाहिए। अंत में उन्होंने बताया कि इस प्रकार से विद्यार्थी व आम नागरिक छोटी-छोटी सावधानियां बरत कर काफी हद तक साइबर अपराधों से बच सकते है और एक अच्छा नागरिक बन कर अपराध रोकने में अपना सहयोग कर सकते है। साइबर अपराध जागरूक कार्यक्रम में स्कूल स्टाफ सदस्य व अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।