*भारतीय राष्ट्रीय ध्वज फहराने के नियमों की पालना होगी सुनिश्चित: डीसी कैप्टन शक्ति सिंह*
*- ध्वज संहिता 2002 को लेकर लोगों को किया जाएगा जागरूक*
*- प्रयोग के बाद नियमानुसार करें राष्ट्रीय ध्वज का निपटान: डीसी कैप्टन सिंह*
*झज्जर, 22 फरवरी।*
राष्ट्रीय ध्वज संहिता 2002 की पालना के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए जिला प्रशासन द्वारा जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। डीसी कैप्टन शक्ति सिंह ने बताया कि गृह मंत्रालय, भारत सरकार के निर्देशानुसार राष्ट्रीय ध्वज को फहराने को लेकर लागू भारतीय झंडा संहिता 2002 को लेकर लोगों में जागरूकता बढ़ाने के लिए जिला प्रशासन द्वारा अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि गृह मंत्रालय, भारत सरकार ने राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान में पत्र जारी करते हुए कहा कि राष्ट्रीय ध्वज हमारे देश के लोगों की आशाओं एवं आकांक्षाओं का प्रतिनिधित्व करता है, इसलिए इसे सम्मान मिलना चाहिए। राष्ट्रीय ध्वज के लिए हर भारतवासी का एक सार्वभौमिक लगाव, आदर तथा वफादारी होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम, 1971 तथा भारतीय झंडा संहिता 2002(2021 एवं 2022 में यथा संशोधित) राष्ट्रीय ध्वज के प्रयोग, ध्वजारोहण व संप्रदर्शन को नियंत्रित करते हैं। इस अधिनियम की विस्तृत जानकारी www.mha.gov.in वेबसाईट पर उपलब्ध है।
उपायुक्त ने लोगों का आह्वान करते हुए कहा कि भारतीय झंडा संहिता के अनुसार जनता द्वारा कागज से बने राष्ट्रीय झंडो को महत्वपूर्ण राष्ट्रीय, सांस्कृतिक और खेलकूद के अवसरों पर हाथ में लेकर लहराया जा सकता है। लेकिन इस दौरान इस बात का विशेष ध्यान रखा जाए कि जनता द्वारा प्रयोग किए गए कागज से बने राष्ट्रीय झण्डों को समारोह के पूरा हाने के पश्चात न तो विकृत किया जाए और न ही जमीन पर फैका जाए। ऐसे झंडों का निपटान उनकी मर्यादा के अनुरूप ही किया जाए। उपायुक्त ने कहा कि राष्ट्रीय ध्वज पूराना होने पर अपने नजदीक के तहसील या बीडीपीओ कार्यालय में जमा करवा सकते हैं।