सैन्य अधिकारियों ने विद्यार्थियों में भरा देश भक्ति का जोश, सैन्य सेवाओं की दी जानकारी*
*जिला मुख्यालय स्थित शहीद रमेश कुमार राजकीय माडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय परिसर में प्रोजेक्ट वीर गाथा कार्यक्रम आयोजित

झज्जर, 14 अक्टूबर लाईव हरियाणा ब्यूरो चीफ जयपाल लाम्बा

जिला मुख्यालय स्थित शहीद रमेश कुमार राजकीय माडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय परिसर में सोमवार को प्रोजेक्ट वीर गाथा कार्यक्रम का आयोजन किया गया। हिसार 22 मेकेनाइज इंफेंटरी डिवीजन हिसार द्वारा आयोजित कार्यक्रम में बहादुर सैन्य अधिकारियों ने विद्यार्थियों को वीर गाथा से अवगत कराते हुए देश सेवा का आह्वान किया। इस अवसर रेजिमेंट के मेजर अतिल कुमार जैना ने विद्यार्थियों को देश में तीनों सेनाओं की पृष्ठभूमि से जुड़ी जानकारी के साथ साथ सेना में भर्ती होने संबंधित पहलुओं पर प्रकाश डाला। उन्होने सैन्य सेवाओं पर विस्तार से चर्चा करते हुए सैनिकों,पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों को सेना की ओर से प्रदान की जा रही सुविधाओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि देश सेवा के साथ साथ सैनिकों और उनके आश्रितों के कल्याण के लिए सेना सदैव तत्पर रहती है। विद्यार्थियों व अध्यापकों ने भारतीय सेना पर गर्व महसूस किया और भाषण सुनकर विद्यार्थियों ने सेना में दाखिल होने का इच्छा जाहिर की।
प्राचार्य जोगेंद्र धनखड़ ने विद्यालय में शिक्षा ग्रहण कर रहे विद्यार्थियों व अध्यापकों में देशभक्ति का जोश भरा। उन्होंने बताया कि प्रदेश में झज्जर जिला का इतिहास गौरवपूर्ण रहा है। इस जिला से वीर सैनिकों की अनेक गाथाएं है। उन्होंने इस अवसर पर अपने स्वयं के जीवन पर भी प्रकाश डाला।
इस अवसर पर प्रवक्ता डा प्रवीण खुराना, 22 मेकेनाइज इंफेंटरी डिवीजन हिसार से सूबेदार सीडी रेडी, हवलदार हरी सिंह,लांस हवलदार नोडेन लेपचा (सेना मेडल),नायक राकेश कुमार,प्रवक्ता वरूण कुमार,सुनील कुमार,मदन अग्रवाल,विकास शर्मा सहित विद्यालय स्टाफ के सभी सदस्य उपस्थित  रहे।


: झज्जर के शहीद रमेश चंद्र राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में प्रोजेक्ट वीर गाथा कार्यक्रम में विद्यार्थियों को संबोधित करते सैन्य अधिकारी ।

धान की पराली मिट्टी में मिलाने से उपजाऊ शक्ति में बढ़ोतरी : डीसी
– डीसी कैप्टन शक्ति सिंह ने जिले भर के किसानों से फसल अवशेष न जलाने का किया आह्वान

झज्जर,14 अक्टूबर लाईव हरियाणा ब्यूरो चीफ जयपाल लाम्बा

डीसी कैप्टन शक्ति सिंह ने जिला के किसानों का आह्वान किया कि वे सरकार द्वारा क्रियान्वित की जा रही फसल अवशेष प्रबंधन योजना का पूर्ण लाभ उठाएं । किसान कृषि यंत्रों से धान की पराली को मिट्टी में मिलाकर भूमि की उपजाऊ शक्ति बढ़ा सकते हैं या स्ट्रा बेलर मशीन से पराली की गांठ बनाकर सरकार द्वारा दी जा रही एक हजार रुपये प्रति एकड़ प्रोत्साहन राशि प्राप्त कर सकते हैं। फसल अवशेष प्रबंधन की नीति अपनाकर आय का अतिरिक्त स्त्रोत बना सकते हैं।
डीसी ने कहा है कि सरकार द्वारा फसल अवशेष प्रबंधन की महत्वपूर्ण योजना क्रियान्वित की जा रही हैं, जिसके तहत किसानों को फसल अवशेषों के उचित प्रबंधन के लिए जागरूक किया जा रहा है। इस योजना के तहत किसानों को कृषि यंत्रों सुपर सीडर, जीरो टिलेज मशीन, स्ट्रा चोपर, हैपी सीडर एवं रिवर्सिबल प्लो अनुदान पर दिये जाते है। किसान इन कृषि यंत्रों का प्रयोग करके पराली को मिट्टड्ढी में मिलाकर जमीन की उर्वरा शक्ति बढ़ा सकते हैं या स्ट्रा बेलर मशीन से पराली की गांठ बनाकर सरकार द्वारा दी जा रही एक हजार रुपए प्रति एकड़ प्रोत्साहन राशि का लाभ उठा सकते हैं।
फसल अवशेष जलाने वालों के खिलाफ होगी सख्त कार्रवाई
डीसी ने कहा कि फसल अवशेष जलाने से होने वाले दुष्प्रभावों के दृष्टिगत माननीय सर्वोच्च न्यायालय एवं राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण द्वारा दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। इन दिशा-निर्देशों के अनुसार फसल अवशेष जलाने वाले किसानों से जुर्माना वसूल किया जाएगा। डीसी ने बताया कि एक एकड़ में लगभग दो टन पराली का उत्पादन होता है। इसकी गांठ बेचने पर किसान की अच्छी आमदनी भी होती है तथा किसानों द्वारा पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करवाने से एक हजार प्रति एकड़ तक का लाभ दिया जाता है।

फ़ोटो। कैप्टन शक्ति सिंह, डीसी झज्जर।

————-

*वायु गुणवत्ता के लिए जिला पटाखों की बिक्री 22 अक्तूबर से 31 जनवरी तक रहेगी बंद*
*केवल ग्रीन पटाखों का हो सकता है सीमित उपयोग*
*जिलाधीश कैप्टन शक्ति सिंह ने किए आदेश जारी*

झज्जर, 14 अक्तूबर लाईव हरियाणा ब्यूरो चीफ जयपाल लाम्बा

जिलाधीश कैप्टन शक्ति सिंह ने आगामी 22 अक्तूबर से 31 जनवरी 2025 तक वायु गुणवत्ता को बरकरार रखने के लिए बेरियम साल्ट वाले पटाखों के उत्पादन, बिक्री व पटाखे बजाने पर रोक लगा दी है। केवल दिवाली, गुरु पर्व और क्रिसमस के दिन सीमित समय में ग्रीन पटाखे बजाए जा सकते हैं।
जिलाधीश ने जारी किए आदेश में कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के एक निर्णय के अनुसार अधिक मात्रा में पटाखे बजाने से वातावरण दूषित हो सकता है। जिससे श्वास के रोगियों को भारी तकलीफ होती है। सरकार के दिशा-निर्देश व हरियाणा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सुझाव पर अमल करते हुए वायु प्रदूषण को नियंत्रित रखने के लिए पटाखों की बिक्री व उत्पादन पर प्रतिबंध लगाया जाता है। जो कि 22 अक्तूबर से 31 जनवरी, 2025 तक लागू रहेगा। इस दौरान दीवाली और गुरु पर्व के दिन रात को आठ से दस बजे तक ग्रीन पटाखे बजाए जा सकते हैं। इसी प्रकार क्रिसमस से एक दिन पहले रात को 11.55 से 12.30 बजे तक ये ग्रीन पटाखे बजाए जा सकते हैं।
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, विस्फोटक अधिनियम के तहत जारी किए आदेश में जिलाधीश ने कहा है कि जोर की आवाज करने वाले पटाखे तथा पटाखों की लडिय़ां आदि के उत्पादन तथा बेचने पर रोक रहेगी। पटाखों की वजह से वायु प्रदूषण इंडेक्स 2.5 से दस प्वाईंट तक बढ़ सकता है। उन्होंने कहा कि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी वायु इंडेक्स पर निगरानी रखेंगे। पुलिस, नगर निगम, अग्निशमन व पंचायत विभाग के अधिकारी यह सुनिश्चित करेंगे कि बाजारों में पटाखों की बिक्री ना हो और कहीं पर भी फैक्ट्री में पटाखे ना बनाए जाएं।


फ़ोटो। कैप्टन शक्ति सिंह, जिलाधीश झज्जर।

विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार के क्षेत्र में राष्ट्रीय विज्ञान पुरस्कार 2025 के तहत आवेदन आमंत्रित : डीसी

– चार श्रेणियों विज्ञान रत्न, विज्ञान श्री, विज्ञान युवा और विज्ञान टीम में में दिए जाएंगे 56 पुरस्कार
पुरस्कारों की घोषणा राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस (11 मई 2025) पर की जाएगी

झज्जर, 14 अक्टूबर। लाईव हरियाणा ब्यूरो चीफ जयपाल लाम्बा

भारत सरकार ने विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार के क्षेत्र में राष्ट्रीय विज्ञान पुरस्कार की घोषणा की है। राष्ट्रीय पुरस्कार शोधकर्ताओं, प्रौद्योगिकीविदों और नवप्रवर्तकों के उत्कृष्ट और प्रेरक वैज्ञानिक, तकनीक और नवाचार योगदान को मान्यता प्रदान करता है।
डीसी कैप्टन शक्ति सिंह ने बताया कि विज्ञान, प्रौद्योगिकी और प्रौद्योगिकी आधारित नवाचार के विभिन्न क्षेत्रों में व्यक्तियों या टीम से राष्ट्रीय विज्ञान पुरस्कार (आरवीपी) के लिए नामांकन/आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। उन्होंने बताया कि पुरस्कार निम्नलिखित चार श्रेणियों में प्रदान किए जाएंगे
विज्ञान रत्न (वीआर) : विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में जीवन काल की उपलब्धियों और योगदान को मान्यता देने के लिए अधिकतम तीन पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे।
विज्ञान श्री (वीएस) : विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में विशिष्ट योगदान को मान्यता देने के लिए अधिकतम 25 पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे।
विज्ञान युवा : शांति स्वरूप भटनागर (वीवाई-एसएसबी) पुरस्कार विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में असाधारण योगदान देने वाले युवा वैज्ञानिकों की प्रतिभा को पहचान दिलाने और उन्हें प्रोत्साहित करने के लिए अधिकतम 25 पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे।
विज्ञान टीम (वीटी) पुरस्कार : तीन या अधिक वैज्ञानिकों/शोधकर्ताओं/नवप्रवर्तकों की एक टीम को अधिकतम तीन पुरस्कार प्रदान किए जा सकते हैं, जिन्होंने विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में एक टीम में काम करते हुए असाधारण योगदान दिया हो।
डीसी ने बताया कि राष्ट्रीय विज्ञान पुरस्कार निम्नलिखित 13 प्रक्षेत्र में दिए जाएंगे, जिनमें भौतिकी, रसायन विज्ञान, जैविक विज्ञान, गणित और कंप्यूटर विज्ञान, पृथ्वी विज्ञान, चिकित्सा, इंजीनियरिंग विज्ञान, कृषि विज्ञान, पर्यावरण विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार, परमाणु ऊर्जा, अंतरिक्ष विज्ञान और प्रौद्योगिकी, और अन्य शामिल हैं। पुरस्कारों के इस गुलदस्ते के लिए गृह मंत्रालय के पुरस्कार पोर्टल (https://awards.gov.in/) पर 17 नवंबर तक आवेदन किए जा सकते हैं। सामान्य दिशा निर्देश और राष्ट्रीय विज्ञान पुरस्कार का विवरण, पुरस्कार पोर्टल पर उपलब्ध हैं। इस वर्ष पुरस्कारों का संचालन विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय के तहत वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) द्वारा किया जा रहा है। पुरस्कारों की घोषणा 11 मई 2025 को राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस के अवसर पर की जाएगी।


फोटो। कैप्टन शक्ति सिंह, डीसी झज्जर।

आईटीआई गुढा में अप्रेंटिस/रोजगार मेला 16 अक्टूबर को

झज्जर, 14 अक्टूबर। राजकीय औधोगिक प्रशिक्षण संस्थान, झज्जर एट गुढा में 16 अक्टूबर को प्रात: नौ बजे अप्रेंटिसशिप/रोजगार मेले का आयोजन किया जाएगा,जिसमें जिला के कई सरकारी संस्थान अप्रेंटिस हेतु छात्र छात्राओं का चयन करेंगे इस दौरान प्राइवेट कंपनियां भी अप्रेंटिसशिप व रोजगार हेतु भाग लेंगी। आईटीआई पास छात्र – छात्राएं जोकि अपरेंटिसशिप करना चाहते हैं, वो विद्यार्थी इस अप्रेंटिसशिप/रोजगार मेले में भाग ले सकते हैं। यह जानकारी प्रधानाचार्य एवं जिला नोडल अधिकारी जीतपाल ने सोमवार को यहां दी। उन्होंने बताया कि अप्रेंटिसशिप/रोजगार मेले में आईटीआई पास-आउट छात्र – छात्राओं का नियमानुसार चयन प्रक्रिया के जरिए चयन होगा। इच्छुक विद्यार्थी अपने साथ सभी जरूरी दस्तावेजों के साथ जिसमें ओरिजिनल व फोटो कॉपी साथ लेकर तथा फॉर्मल ड्रेस पहन कर निर्धारित समय पर राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान, झज्जर एट गुढ़ा में पहुंचना सुनिश्चित करें।

—————

स्कूल संचालक को जान से मारने की धमकी देने व अवैध रूप से पैसे मांगने के मामले में एक आरोपी काबू

 

झज्जर 14 अक्तूबर लाईव हरियाणा ब्यूरो चीफ जयपाल लाम्बा

झज्जर पुलिस की एक टीम द्वारा गहनता से कार्रवाई करते हुए झाड़ली स्कूल संचालक से फिरौती मांगने व जान से मारने की धमकी देने के मामले में एक आरोपी को काबू किया गया। थाना साल्हावास के अंतर्गत पुलिस चौकी झाड़ली प्रभारी उप निरीक्षक संयम ने मामले की जानकारी देते हुए की धर्मेंद्र निवासी गांव रईया जिला झज्जर ने शिकायत देते हुए कहा कि वह स्कूल झाड़ली का संचालक हूं। दिनांक 10 अक्टूबर 2024 की श्याम के समय मालियावास निवासी एक व्यक्ति ने स्कूल में आकर 10 लाख रुपए की अवैध रूप से मांग की है,इस दौरान उसके साथ एक व्यक्ति और मौजूद था,पैसे न देने पर जान से मारने की धमकी भी दी। जिस शिकायत पर कार्रवाई करते हुए आरोपियो के खिलाफ थाना साल्हावास में आपराधिक मामला दर्ज किया गया
उन्होंने बताया कि अपराधिक मामलों को गंभीरता से लेते हुए उन पर तत्परता से कार्रवाई करने तथा वांछित दोषियों की धरपकड़ के लिए पुलिस आयुक्त बी सतीश बालन द्वारा कड़े दिशा निर्देश दिए गए थे। पुलिस आयुक्त द्वारा दिए गए दिशा निर्देशों की पालना करते हुए चौकी में तैनात उप निरीक्षक राजेश की पुलिस टीम द्वारा उपरोक्त मामले के एक आरोपी को गिरफ्तार किया ।पकड़े गए आरोपी की पहचान प्रदीप निवासी झाड़ली जिला झज्जर के तौर पर की गई। पकड़े गए आरोपी ने प्राथमिक पूछताछ में उपरोक्त मामले का खुलासा किया। पकड़े गए आरोपी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए अदालत झज्जर में पेश किया गया। माननीय अदालत के आदेश अनुसार आरोपी को पूछताछ के लिए तीन दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया।