राष्ट्रीय विज्ञान पुरस्कार’ 2024 के लिए 28 फरवरी तक करें ऑनलाइन आवेदन : डीसी*
*- विज्ञान रत्न, विज्ञान श्री, विज्ञान युवा और विज्ञान टीम में दिए जाएंगे 56 पुरस्कार

*झज्जर, 17 फरवरी।लाईव हरियाणा ब्यूरो चीफ जयपाल लाम्बा

डीसी कैप्टन शक्ति सिंह ने बताया कि भारत सरकार ने विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार के क्षेत्र में ‘राष्ट्रीय विज्ञान पुरस्कार’ 2024 की घोषणा की है। राष्ट्रीय विज्ञान पुरस्कार शोधकर्ताओं, प्रौद्योगिकीविदों और नवप्रवर्तकों के उत्कृष्ट और प्रेरक वैज्ञानिक, तकनीकी और नवाचार योगदान को मान्यता प्रदान करता है। उन्होंने बताया कि विज्ञान, प्रौद्योगिकी और प्रौद्योगिकी आधारित नवाचार के विभिन्न क्षेत्रों में व्यक्तियों या टीम से राष्ट्रीय विज्ञान पुरस्कार (आरवीपी) के लिए नामांकन/आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। आवेदन की अंतिम तिथि 28 फरवरी है।
डीसी ने बताया कि यह पुरस्कार चार श्रेणियों में प्रदान किए जाएंगे, जिसमें विज्ञान रत्न (वीआर) विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में जीवन काल की उपलब्धियों और योगदान को मान्यता देने के लिए अधिकतम तीन पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। इसी प्रकार विज्ञान श्री (वीएस) विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में विशिष्ट योगदान को मान्यता देने के लिए अधिकतम 25 पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। वहीं विज्ञान युवा शांति स्वरूप भटनागर (वीवाई-एसएसबी) पुरस्कार विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में असाधारण योगदान देने वाले युवा वैज्ञानिकों की प्रतिभा को पहचान दिलाने और उन्हें प्रोत्साहित करने के लिए अधिकतम 25 पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। पुरस्कार की अंतिम श्रेणी में विज्ञान टीम (वीटी) पुरस्कार तीन या अधिक वैज्ञानिकों/शोधकर्ताओं/नवप्रवर्तकों की एक टीम को अधिकतम तीन पुरस्कार प्रदान किए जा सकते हैं, जिन्होंने विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में एक टीम में काम करते हुए असाधारण योगदान दिया हो।
*राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस पर आयोजित होगा पुरस्कार वितरण समारोह:-*
डीसी कैप्टन शक्ति सिंह ने बताया कि राष्ट्रीय विज्ञान पुरस्कार निम्नलिखित 13 प्रक्षेत्र में दिए जाएंगे, जिनमें भौतिकी, रसायन विज्ञान, जैविक विज्ञान, गणित और कंप्यूटर विज्ञान, पृथ्वी विज्ञान, चिकित्सा, इंजीनियरिंग विज्ञान, कृषि विज्ञान, पर्यावरण विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार, परमाणु ऊर्जा, अंतरिक्ष विज्ञान और प्रौद्योगिकी, और अन्य शामिल हैं। पुरस्कारों के लिए गृह मंत्रालय के पुरस्कार पोर्टल ( awards.gov.in ) पर 28 फरवरी तक नामांकन आमंत्रित किए गए हैं। सामान्य दिशा निर्देश और राष्ट्रीय विज्ञान पुरस्कार का विवरण, पुरस्कार पोर्टल पर उपलब्ध हैं। इस वर्ष पुरस्कारों का संचालन विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय के तहत वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) द्वारा किया जा रहा है। पुरस्कारों की घोषणा 11 मई 2024 को राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस के अवसर पर की जाएगी। सभी श्रेणियों के पुरस्कारों के लिए पुरस्कार वितरण समारोह 23 अगस्त 2024 को राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस के अवसर पर आयोजित किया जाएगा।
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*अंबेडकर मेधावी छात्र संशोधित योजना के अधूरे आवेदनों को जल्द पूरा कराएं अभ्यार्थी*

*जिला कल्याण अधिकारी स्वेता शर्मा ने दी जानकारी

*झज्जर,17 फरवरी।

डॉ बी आर अंबेडकर मेधावी छात्र संशोधित योजना वर्ष 2023-24 के अंतर्गत पात्र लाभार्थियों द्वारा 31 जनवरी तक ऑनलाइन आवेदन किए गए थे।लेकिन जांच उपरांत 382 आवेदन अधूरे पाए गए हैं,जिसके लिए लाभार्थी जल्द दस्तावेज लगाकर पूरा कराएं। यह जानकारी जिला कल्याण अधिकारी श्वेता शर्मा ने शनिवार को यहां दी।

डीडब्ल्यूओ ने आगे बताया कि इस योजना के तहत जिला कल्याण विभाग को अब तक प्राप्त आवेदन पत्रों का अवलोकन उपरांत लगभग 382 आवेदन पत्र अधूरे पाए गए हैं, ऐसे में विद्यार्थी जल्द से जल्द अधूरे आवेदनों को अति शीघ्र पूरा करें, ताकि उन्हें योजना का लाभ प्रदान किया जा सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि अधूरे आवेदन पत्र को पूरा नहीं कराया गया तो, आवेदन पत्र रद्द कर दिया जाएगा, इसके लिए प्रार्थी स्वयं जिम्मेदार होंगे। इस संदर्भ में अधिक जानकारी के लिए लघु सचिवालय स्थित जिला कल्याण अधिकारी कार्यालय झज्जर में व्यक्तिगत रूप से या कार्यालय के दूरभाष नंबर 01251-254779 पर संपर्क किया जा सकता है।
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असहाय लोगों के लिए वरदान साबित हो रही है प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना : डीसी*

*- तीन लाख रूपए वार्षिक आय वाले नागरिक भी 1500 रूपए प्रीमियम से ले सकते हैं आयुष्मान भारत चिरायु योजना का लाभ

*झज्जर, 17 फरवरी।

डीसी कैप्टन शक्ति सिंह ने कहा कि स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना नागरिकों के लिए वरदान साबित हो रही है। आमजन के साथ-साथ जिसकी भी नागरिक की आय तीन लाख रूपए वार्षिक हो वह भी 1500 रूपए का प्रीमियम सालाना भरकर आयुष्मान भारत चिरायु योजना का लाभ ले सकता है। इस योजना के तहत असहाय परिवारों की बीमारियों का मुफ्त इलाज करवाया जाता है। इस योजना के तहत प्रति परिवार को प्रति वर्ष 5 लाख रुपए तक का मुफ्त स्वास्थ्य बीमा प्रदान किया जाता है।
डीसी ने बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना का विस्तार करते हुए चिरायु योजना हरियाणा के नाम से शुरू किया है। चिरायु योजना आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत ही आती है। चिरायु योजना की सहायता से गरीब परिवार के लोग पांच लाख रुपए तक का नि:शुल्क इलाज करवा सकते हैं। चिरायु योजना के तहत कम से कम 1500 बीमारियों का इलाज मुफ्त किया जाता है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत 1.80 लाख रुपए तक आय वाले बीपीएल परिवारों को ही लाभ मिलता था। राज्य सरकार ने इस योजना का ज्यादा से ज्यादा से लाभ सुनिश्चित करने के लिए तीन लाख रुपए तक आय वाले परिवारों को भी इस योजना के तहत स्वास्थ्य लाभ देने के निर्णय लिया है। ऐसे परिवार केवल बहुत कम मासिक चार्ज केवल 1500 रुपए के वार्षिक भुगतान पर पूरे परिवार को स्वास्थ्य लाभ प्रदान कर सकते है।
डीसी ने बताया कि चिरायु योजना के अंतर्गत विवाह अथवा जन्म के माध्यम से किसी नए सदस्य का आगमन होता है तो वह भी इस योजना का लाभार्थी है, जिसके लिए जन्म प्रमाण पत्र व विवाह प्रमाण-पत्र देकर योजना में शामिल हो सकते है। उन्होंने कहा कि यह योजना पूर्णत: कैशलेस है, लाभार्थी केवल अपना आयुष्मान भारत कार्ड दिखाकर ही पैनल पर लिए गए निजी अथवा सरकारी अस्पतालों में अपना मुफ्त में इलाज करवा सकते हैं। आयुष्मान भारत कार्ड बनवाने हेतु लाभार्थी किसी भी अटल सेवा केंद्र, स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर अपना परिवार पहचान पत्र या आधार कार्ड दिखाकर बनवा सकते है। इसके अलावा पैनल पर लिए गए निजी अस्पतालों तथा सरकारी अस्पतालों में भी यह कार्ड मुफ्त में बनवा सकते हैं। उन्होंने बताया कि इस योजना की अनूठी विशेषता पोर्टेबिलिटी है यानी चाहे मरीज किसी भी राज्य का हो, वह किसी भी राज्य के पैनल पर लिए गए निजी अथवा सरकारी अस्पतालों में अपना मुफ्त इलाज करवा सकते हैं। सरकार द्वारा न सिर्फ मुफ्त इलाज की सुविधा दी जा रही है, अपितु इलाज की गुणवत्ता पर भी पूरा ध्यान दिया जा रहा है।
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*मुख्यमंत्री बागवानी बीमा योजना शुरू होने से बागवानी जोखिम फ्री : डी सी*

*फसल विविधीकरण के तहत किसानों की आय बढ़ाने के लिए बागवानी बेहतर विकल्प

*झज्जर, 17 फरवरी।

 

डीसी कैप्टन शक्ति सिंह ने कहा कि बागवानी किसानों के लिए सरकार द्वारा शुरू किए गए मुख्यमंत्री बागवानी बीमा योजना का मुख्य उद्देश्य किसानों की आय को बढ़ाने और किसानों को खेती को जोखिम मुक्त खेती करना है। इस योजना के तहत किसानों की फसलों में प्रतिकूल मौसम व प्राकृतिक आपदाओं के कारण से होने वाले नुकसान की भरपाई की जाएगी। प्रतिकूल मौसम कारक तथा प्राकृतिक आपदाओं जैसे ओलावृष्टि, तापमान, पाला, जल कारक (बाढ़, बादल फटना, नहर / ड्रेन का टूटना, जलभराव), आंधी तूफान व आग जो फसल नुकसान का कारण बनते है, उन्हें इस योजना में शामिल किया जा रहा है।
डीसी ने बताया कि इस योजना के तहत 21 फसलों को शामिल किया गया है, जिसमें 14 सब्जियां (टमाटर, प्याज, आलू, फूलगोभी, मटर, गाजर, भिंडी, घीया, करेला, बैंगन, हरी मिर्च, शिमला मिर्च, पत्ता गोभी, मूली), 2 मसाले (हल्दी, लहसुन) और 5 फल(आम, किन्नू, बेर, अमरूद, लीची) शामिल है। योजना उन सभी किसानों के लिए वैकल्पिक तौर पर होगी जो मेरी फसल-मेरा ब्यौरा के तहत पंजीकृत होंगे। योजना के तहत आश्वस्त राशि (सम एश्योर्ड) सब्जियों व फसलों के लिए रूपये 30 हजार रुपए प्रति एकड़ व फलों के लिए रुपये 40 हजार रुपए प्रति एकड़ होगी तथा किसान का योगदान / हिस्सा आश्वस्त राशि का केवल 2.5 प्रतिशत होगा जोकि सब्जियों में राशि 750 रूपए व फलों में राशि 1000 रुपये प्रति एकड़ होगी। मुआवजा राशि को चार श्रेणी 25, 50, 75 व 100 फीसदी में बांटा गया है।
उन्होंने बताया कि 26 से 50 प्रतिशत के बीच फसल नुकसान की अवस्था में मुआवजा 50 प्रतिशत की दर से सब्जियों / मसालों के लिए 15 हजार रूपए व फलों के लिए 20 हजार रूपए, 51 प्रतिशत से 75 प्रतिशत के बीच नुकसान की अवस्था में मुआवजा 75 प्रतिशत की दर से सब्जियों / मसालों के लिए 22 हजार 500 रुपये व फलों के लिए 30 हजार रुपये तथा 75 प्रतिशत से अधिक नुकसान की अवस्था में मुआवजा 100 प्रतिशत की दर से सब्जियों / मसालों के लिए 30 हजार रुपये व फलों के लिए 40 हजार रुपये दिया जाएगा। मुआवजा राशि सर्वेक्षण पर आधारित होगी। योजना की निगरानी समीक्षा एवं विवादों का समाधान प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत गठित राज्य स्तर व जिला स्तर की समितियों के माध्यम से किया जाएगा।
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राष्ट्रीय लोक अदालत का झज्जर व बहादुरगढ़ में आयोजन 9 मार्च को : सचिव*
*झज्जर,17 फरवरी।

राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार झज्जर व बहादुरगढ़ में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन शनिवार 9 मार्च को किया जाएगा। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव व मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी अरविंद कुमार बंसल ने यह जानकारी शनिवार को यहां दी।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत के लिए विभिन्न बैंकों, सरकारी विभागों इत्यादि के उच्च अधिकारियों के साथ सामंजस्य स्थापित करने का प्रयास किया गया जिसमें आम जनता को अधिकतम छूट एवं वाहन बिजली विभाग, सिंचाई विभाग व पंचायती राज, जिससे आम जनता को लोन रिकवरी केस में अधिकतम छूट वाहन दुर्घटना मुआवजा में अधिकतम मुआवजा आपसी सहमति के आधार पर दिया जा सके। उन्होंने बताया कि लोक अदालत में ट्रैफिक चालान व फैक्ट्री इत्यादि मामलों का भी निपटारा होगा। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव ने लोगों से लोक अदालत का लाभ उठाने का आह्वान किया है।