*इस पर मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने सदन के अंदर कमान संभाली और कहा कि हरियाणा ने प्रदेश का कोई भी फालतू पानी राजस्थान को देने के लिए समझौता नहीं किया है।*
हरियाणा ने केवल यमुना नदी में बरसात के दौरान आने वाले अतिरिक्त पानी को देने का समझौता किया है। यह पानी भी राजस्थान को तब दिया जाएगा जब यमुना नदी में जल का स्टार 18000 क्यूसेक से ज्यादा होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी राष्ट्रवादी पार्टी है।

देश का पानी देश में इस्तेमाल हो तो किसी को कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए।
यदि कोई बाढ़ का पानी लेता है तो इसमें किसी को आपत्ति नहीं होनी चाहिए।
इसी दौरान मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान पर निशाना चाहते हुए कहा कि पंजाब बरसात के पानी को लेकर सियासत करता है। बाढ़ के दिनों में जब पंजाब डूब जाता है तो मुख्यमंत्री भागवत मान कहते हैं की SYL का पानी ले लो। लेकिन पानी लाने के लिए लेने के लिए चैनल बनाकर नहीं देंगे। बिना चैनल के कैसे पानी दिया जा सकता है।
*चंडीगढ़ –
हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र का आखिरी दिन।*
सहकारिता विभाग में हुए घोटाले पर ध्यानाकर्षन प्रस्ताव पर चर्चा जारी।
इंडियन नेशनल लोक दल विधायक चौटाला अपने जवाब में सहकारिता मंत्री बनवारी लाल ने कहा कि वह अब इसका ऑडिट करवा रहे हैं।
सालों से इसका ऑडिट नहीं हुआ।
सरकार क्या कर रही थी।
मंत्री जी को बताना चाहिए कि सहकारिता विभाग में लंबे समय से ऑडिट नहीं होने का क्या कारण है।
जिन लोगों के नाम घोटाले में सामने आए हैं उनके क्या कार्रवाई की गई।
सरकार आरोपियों को बचाने की कोशिश क्यों कर रही है।
जो लोग इस घपले में शामिल है, उनके नाम सामने ले जाएं और उन पर कार्रवाई हो।
सरकार ने लीपा पोती के लिए 1990 से ऑडिट के आदेश जारी की है।