नए कानून के लागू होने से पीड़ित को न्याय मिलने में कम समय लगेगा:-साहयक प्रोफेसर आशीष शर्मा

झज्जर 17 जून लाईव हरियाणा ब्यूरो चीफ जयपाल लाम्बा

पुलिस उपायुक्त झज्जर डॉक्टर अर्पित जैन के दिशा निर्देशानुसार व सहायक पुलिस आयुक्त श्री शुभम सिंह आईपीएस की देखरेख में सोमवार को पुलिस लाईन झज्जर में तीन नए कानून के बारे में एक सेमिनार का आयोजन किया गया जिसमें संस्कारम् यूनिवर्सिटी पाटोदा से आये दो सहायक प्रोफेसर आशीष शर्मा व अवनिका शर्मा ने पुलिस लाइन झज्जर में झज्जर पुलिस के अनुसंधान कर्ताओं को 1 जुलाई 2024 से लागू होने वाले तीन कानून के बारे में विस्तृत जानकारी दी। यह तीन कानून इस प्रकार से हैं 1.भारतीय न्याय संहिता 2023
2.नागरिक सुरक्षा संहिता
3.भारतीय साक्ष्य अधिनियम
जिनके बारे में सहायक प्रोफेसर ने जानकारी देते हुए बताया कि करीब 150 साल (ब्रिटिश काल से)पुराने समय से चले आ रहे कानून को समाप्त कर दिया गया है क्योंकि वे कानून आज के समय में न्याय दिलाने में सही नहीं बैठ रहे थे। नए कानून के आने से जहां पीड़ितों को न्याय दिलाने में कम समय लगेगा वही इन कानून में टेक्नोलॉजी को भी शामिल किया गया है इस कानून के लागू होने से शिकायतकर्ता अपने घर से ही ऑनलाइन माध्यम से इ-एफआईआर दर्ज कर सकता। इन नए कानून में महिलाओं बच्चों को प्राथमिकता दी गई है और सजा का प्रावधान भी बढ़ाया गया है। इसके साथ ही नए कानून में पुलिस को भी कई तरह की शक्तियां प्रदान की गई है। सहायक प्रोफेसर ने बताया कि इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य है इस कानून को व्यवस्थित रूप से लागू करने के लिए अनुसंधानकर्ताओं को पहले ही इन नए कानून के बारे में जानकारी देना है ताकि इन नए कानून को अच्छी तरह से लागू किया जा सके।
इस दौरान पुलिस अधिकारियों ने इस व्याख्यान की सराहना करते हुए कहां की यह सेमिनार उनके कार्यक्षेत्र के लिए अत्यंत उपयोगी रहेगा और पुलिस अधिकारियों के लिए जागरूकता बढ़ाने और उन्हें नए आपराधिक अधिनियमों के तहत अपने कर्तव्यों को और भी प्रभावी ढंग से निभाने के लिए प्रोत्साहित करेगा।