हिसार पुलिस 17 मार्च लाईव हरियाणा ब्यूरो चीफ जयपाल लाम्बा
*आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से हो रही है हाईटेक ठगी, कैसे रहें सावधान।*
पुलिस अधीक्षक हिसार मोहित हांडा, आईपीएस ने बताया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को साइबर अपराधियों में अपना नया हथियार बनाया है। इसकी मदद से साइबर अपराधी ठगी कर रहे है। साइबर ठग लोगों को ठगने के लिए नए-नए पैंतरे अपनाते रहते है। कभी बैंक डिटेल, कभी क्रेडिट कार्ड तो कभी किसी सरकारी योजना के नाम पर ठगी की जाती है। अब साइबर ठगों का सबसे नया हथियार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस है।
*कैसे हो रही है ठगी-* पुलिस अधीक्षक महोदय ने कहा है कि साइबर ठग आपके रिश्तेदार या दोस्त की आवाज में आपके साथ बात करते हैं या वीडियो कॉल करते है। आपसे पैसों के लेन-देन या मुश्किल वक्त में मदद की मांग की जाती है और आप उस आवाज या चेहरे को अपना रिश्तेदार या दोस्त समझकर ठगी का शिकार हो जाते है। साइबर ठग खुद को आपका दोस्त या रिश्तेदार बताता है और उसी की आवाज में बात करता है जिससे आपको भी भरोसा हो जाता है और फिर बीमारी या किसी अन्य मदद का हवाला देकर पैसों की मांग की जाती है और लोग अपना दोस्त, रिश्तेदार समझकर मना भी नहीं करते क्योंकि उन्हें उस आवाज पर भरोसा होता है। इसके साथ ही हाईटेक साइबर ठग डीपफेक तकनीक से ठगी कर रहे है।
*सावधानी बरते -* उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में जब साइबर ठग आपको कॉल करते हैं तो उसकी जानी पहचानी आवाज से आप ठगों के झांसे में आ जाते हैं और उसे अपना दोस्त या रिश्तेदार समझ बैठते हैं। जब भी ऐसा कोई कॉल या वीडियो कॉल आए तो उसे डबल चेक जरूर करें। आपके पास उस रिश्तेदार या दोस्त का जो भी नंबर सेव है उससे बात करें, संपर्क साधे और सच्चाई का पता लगाएं। और इस बात की तसल्ली करें कि जो फोन पर मदद मांग रहा है वो आपका दोस्त या रिश्तेदार ही है सिर्फ आवाज सुनकर या वीडियो देखकर ही उसपर भरोसा ना करें। आपकी थोड़ी सी सावधानी आपको लुटने से बचा सकती है। किसी भी प्रकार की साइबर ठगी होने पर बिना किसी देरी के साइबर हेल्प लाइन नंबर 1930 पर काल करे और पुलिस स्टेशन में शिकायत दे।